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वृद्धजनों की देखभाल न की तो चलेगा मुकदमा, तहसीलों में न्यायाधिकरण गठित

Mon, 14 Oct 2019 12:27 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Mon, 14 Oct 2019 12:27 AM IST
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If you do not take care of the elderly, the case will be prosecuted
रायबरेली। माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों की उपेक्षा करने के साथ भरण-पोषण में आनाकानी करने वाले आश्रितों की अब खैर नहीं है। वृद्धजनों की फरियाद पर आश्रित बेटों व अन्य पर मुकदमा चलेगा और पेनाल्टी भी लगाई जाएगी।
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इसके लिए जिले के सदर, महराजगंज और लालगंज तहसील में पहले चरण में न्यायाधिकरण कोर्ट का गठन कर दिया गया है। शासन से सुलह अधिकारी भी तैनात कर दिए गए हैं। जल्द ही न्यायाधिकरण कोर्ट काम करना शुरू कर देगी।
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सरकार ने अब 60 साल से अधिक की उम्र पार कर चुके वृद्धजनों को तहसील स्तर पर भरण-पोषण की सुविधा उनके आश्रितों से दिलाने का बंदोबस्त किया गया है। जिले की सदर, महराजगंज और लालगंज तहसील में इसकेे लिए एसडीएम की अध्यक्षता में न्यायाधिकरण कोर्ट को गठन कर दिया गया है।
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न्यायाधिकरण में ऐसे बुजुर्ग जिन्हें उनके आश्रितों से उपेक्षा का शिकार होना पड़ रहा है। वे यहां आकर फरियाद लगाएंगे। पहले वृद्धजनों और आश्रितों के बीच सुलह का प्रयास कराया गया। बात न बनने पर आश्रितों पर क्षमता के हिसाब से पेनाल्टी लगाई जाएगी।
शासन के स्तर से सदर तहसील में सुलह अधिकारी के पद पर रामबख्श मौर्या को भेजा गया है। इसके अलावा लालगंज में अशोक कुमार और महराजगंज में प्रदीप कुमार को सुलह अधिकारी बनाया गया है। सभी को काम शुरू करने के आदेश दिए गए हैं।
आश्रितों से उपेक्षा का शिकार हुए वृद्धजन अपनी तहसील के एसडीएम के पास पहुंचकर फरियाद करेंगे। एसडीएम सुलह अधिकारी को शिकायतीपत्र को देकर मामले में सुलह करवाने का प्रयास करेंगे।
सुलह अधिकारी वृद्धों व उनके परिजनों को आमने-सामने बैठाकर सुलह कराएंगे। सुलह न होने की दशा में सुलह अधिकारी एसडीएम को अपनी रिपोर्ट देंगे, जिसमें आश्रितों की क्षमता के हिसाब से उन पर जुर्माना लगाया जाएगा।
जिला समाज कल्याण अधिकारी आरसी दुबे का कहना है कि वृद्धजनों व आश्रितों में सुलह न होने की दशा पर आश्रितों पर प्रतिमाह भरण-पोषण के लिए क्षमता के हिसाब से जुर्माना जमा करना होगा।
वृद्धजनों को सरकारी स्तर पर रखकर उन्हें सभी प्रकार की सुविधाएं मुहैया कराई जाएगी। आश्रितों को हरहाल में जुर्माने की धनराशि हर महीने जमा करनी होगी। इससे वे मुकर नहीं कसेंगे।

जिला अधिकारी नेहा शर्मा ने कहा वृद्धजनों व वरिष्ठ नागरिकों के लिए पहले चरण में तीन तहसीलों में न्यायाधिकरण का गठन कर दिया गया है। यहां फरियाद आते ही वृद्धजनों को न्याय व उनका हक दिलाया जाएगा। प्रशासन उनका हर तरह से सहयोग करेगा।
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