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Raebareli News: स्टेमी से जान बचाने का प्रयास किया तो पीजीआई क्यों नहीं भेजा
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रायबरेली। बछरावां सीएचसी में मौत के बाद जिला अस्पताल लाए गए मरीज के मामले में प्रथम दृष्टया डॉक्टर की लापरवाही उजागर हो गई है। बछरावां मे स्टेमी केयर से हॉर्ट अटैक के मरीज को बचाने की व्यवस्था होने के बाद भी मरीज की जान को बचाया नहीं जा सका। एसजीपीजीआई लखनऊ से जुड़े होने के बाद भी मरीज को जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। हालांकि लापरवाही बरतने वाले डॉक्टर को बचाने का प्रयास किया जा रहा है।
गत बुधवार की सुबह नौ बजे बछरावां थाना क्षेत्र के कसरावां गांव निवासी शत्रोहन पाल (65) पुत्र राम औतार को मृत अवस्था में जिला अस्पताल की इमरजेंसी लाया गया। 108 एंबुलेंस के इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन (ईएमटी) ने मरीज के साथ अपनी रिपोर्ट की कॉपी भी इमरजेंसी को उपलब्ध कराई थी। ईएमटी की रिपोर्ट में नो पल्स और नो बीपी स्पष्ट लिखा है। इस रिपोर्ट ईएमटी ने सीएचसी में तैयार करके रेफर मरीज को जिला अस्पताल पहुंचाया था। अमर उजाला में मौत के बाद भी सीएचसी से कर दिया रेफर शीर्षक से खबर प्रकाशित होने के बाद जांच शुरू हो गई है।
अब तक की जांच में हॉर्ट अटैक के मरीज को स्टेमी केयर से बचाने के प्रयास का दावा किया गया है। सवाल है कि योजना के तहत बछरावां सीएचसी को एसजीपीजीआई लखनऊ से जोड़ा गया है, लेकिन मरीज को जिला अस्पताल क्यों रेफर कर दिया गया। सीएचसी अधीक्षक का दावा है कि रेफर होने से पहले अस्पताल में मरीज की सांस चल रही थी। रास्ते में उसकी मौत हुई। सीएमओ डॉ. नवीनचंद्रा का कहना है कि अधीक्षक से जवाब मांगा गया है। प्रथम दृष्टया जांच में रेफर होने से पहले मरीज की सांस चल रही थी। जांच पूरी होने के बाद कार्रवाई की जाएगी।
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गत बुधवार की सुबह नौ बजे बछरावां थाना क्षेत्र के कसरावां गांव निवासी शत्रोहन पाल (65) पुत्र राम औतार को मृत अवस्था में जिला अस्पताल की इमरजेंसी लाया गया। 108 एंबुलेंस के इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन (ईएमटी) ने मरीज के साथ अपनी रिपोर्ट की कॉपी भी इमरजेंसी को उपलब्ध कराई थी। ईएमटी की रिपोर्ट में नो पल्स और नो बीपी स्पष्ट लिखा है। इस रिपोर्ट ईएमटी ने सीएचसी में तैयार करके रेफर मरीज को जिला अस्पताल पहुंचाया था। अमर उजाला में मौत के बाद भी सीएचसी से कर दिया रेफर शीर्षक से खबर प्रकाशित होने के बाद जांच शुरू हो गई है।
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अब तक की जांच में हॉर्ट अटैक के मरीज को स्टेमी केयर से बचाने के प्रयास का दावा किया गया है। सवाल है कि योजना के तहत बछरावां सीएचसी को एसजीपीजीआई लखनऊ से जोड़ा गया है, लेकिन मरीज को जिला अस्पताल क्यों रेफर कर दिया गया। सीएचसी अधीक्षक का दावा है कि रेफर होने से पहले अस्पताल में मरीज की सांस चल रही थी। रास्ते में उसकी मौत हुई। सीएमओ डॉ. नवीनचंद्रा का कहना है कि अधीक्षक से जवाब मांगा गया है। प्रथम दृष्टया जांच में रेफर होने से पहले मरीज की सांस चल रही थी। जांच पूरी होने के बाद कार्रवाई की जाएगी।
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