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कृषि कानूनों को वापस ले सरकार
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रायबरेली। भारतीय किसान यूनियन लोकशक्ति की सोमवार को मासिक बैठक विकास भवन परिसर में हुई। इस दौरान सभी ने किसानों की समस्याओं को जोरदारी के साथ उठाया। बैठक के बाद किसानों ने डीएम को ज्ञापन सौंपा। नेताओं ने ज्ञापन के जरिए कहा कि छुट्टा जानवर किसानों की फसल चट कर रहे हैं।
इसलिए जिला प्रशासन लेखपालों के माध्यम से फसल नुकसान का सर्वे कराए और किसानों को मुआवजा दे। धान की फसल की सिंचाई के समय शारदा नहर बंद न किया जाए। शारदा नहर को सभी शाखाओं में पानी छोड़ा जाए।
जिलाध्यक्ष मुरली अग्रहरि ने कहा कि कृषि कानूनों के खिलाफ देशभर में किसान विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। विरोध प्रदर्शन लोकतंत्र का एक हिस्सा है। सरकार तत्काल तीन कृषि कानूनों को वापस ले। किसानों को फसल बीमा संबंधी जानकारी से अवगत कराए ताकि आपदा से फसलों को होने वो नुकसान का मुआवजा मांगा जा सके।
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इस दौरान जिलाध्यक्ष ने जिले की सभी कार्यकारिणी को भंग कर दिया और कहा कि जल्द नए सिरे से कार्यकारिणी गठित की जाएगी। बैठक का संचालन मदनलाल तिवारी ने किया। इस मौके पर शत्रोह्न मौर्य, रामसमुझ आदि मौजूद रहे।
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इसलिए जिला प्रशासन लेखपालों के माध्यम से फसल नुकसान का सर्वे कराए और किसानों को मुआवजा दे। धान की फसल की सिंचाई के समय शारदा नहर बंद न किया जाए। शारदा नहर को सभी शाखाओं में पानी छोड़ा जाए।
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जिलाध्यक्ष मुरली अग्रहरि ने कहा कि कृषि कानूनों के खिलाफ देशभर में किसान विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। विरोध प्रदर्शन लोकतंत्र का एक हिस्सा है। सरकार तत्काल तीन कृषि कानूनों को वापस ले। किसानों को फसल बीमा संबंधी जानकारी से अवगत कराए ताकि आपदा से फसलों को होने वो नुकसान का मुआवजा मांगा जा सके।
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इस दौरान जिलाध्यक्ष ने जिले की सभी कार्यकारिणी को भंग कर दिया और कहा कि जल्द नए सिरे से कार्यकारिणी गठित की जाएगी। बैठक का संचालन मदनलाल तिवारी ने किया। इस मौके पर शत्रोह्न मौर्य, रामसमुझ आदि मौजूद रहे।