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Raebareli News: खतरे के निशान से 46 सेमी दूर गंगा का जलस्तर
Sat, 12 Sep 2026 01:27 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
Updated Sat, 12 Sep 2026 01:27 AM IST
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सरेनी क्षेत्र में गंगा में बाढ़ आने से डूबा गेगासो घाट। संवाद
डलमऊ। नरौरा बांध से तीन लाख से अधिक क्यूसेक पानी छोड़ने के बाद एक सप्ताह से लगातार गंगा नदी का जलस्तर बढ़ रहा है। हाल यह है कि नदी अब खतरे के निशान से 46 सेमी ही दूर है। बाढ़ की आशंका दिखने लगी है, लोकिन प्रशासन अभी बाढ़ आने की बात को स्वीकार नहीं कर रहा है। कटरी क्षेत्रों में पानी गांव की गलियों में आ गया है, जिससे आवागमन बंद हो गया है। सैकड़ों बीघा कृषि भूमि पानी में डूब गई है।
गंगा नदी इस समय उफान पर है। पानी इस तरह हिलोरे मार रहा है कि जैसे वह सब कुछ बहा ले जाने को बेताब हो। लहरों को देखकर लोग डरने लगे हैं। स्नान घाटों पर नहाने वालों की संख्या कम हो गई है, श्मशान घाट के किनारे पर भी पानी आ गया है। अंतिम संस्कार में भी दिक्कत आ रही है।
केंद्रीय जल आयोग डलमऊ के अनुसार शुक्रवार को गंगा नदी का जलस्तर खतरे के निशान 99.360 मीटर के सपेक्ष 98.900 मीटर नापा गया, जो खतरे के निशान से मात्र 46 सेमी दूर है। तीर्थ पुरोहित श्याम सुंदर, श्याम प्रकाश, रघुनंदन व सोनू ने बताया कि डलमऊ के स्नान घाटों पर पानी आ गया है, बैरिकेडिंग की पर्याप्त व्यवस्था न होने से श्रद्धालुओं को जान जोखिम में डालकर स्नान करना पड़ रहा है।
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बाढ़ प्रभावित चक मलिक, जहांगीराबाद, जमाल नगर मोहिउद्दीनपुर, अंबहा, बबूरा, पूरे रेवती सिंह गांव के संतराम, जयप्रकाश, राकेश कुमार, अमर बहादुर, सर्वेश कुमार व कमलेश ने बताया कि हजारों बीघे धान और सब्जी की फसल पानी में डूब गई है।
क्षेत्रीय प्रशासन की ओर से अभी कोई व्यवस्था नहीं की गई है। एसडीएम डलमऊ प्रीति सिंह ने बताया कि गंगा कटरी क्षेत्र को जाने वाले रास्ते पर जलभराव हो जाने से एक प्राइवेट नाव की व्यवस्था की गई है। स्नान घाटों पर बैरिकेडिंग भी कराई गई है। बाढ़ चौकियों पर तैनात सभी कर्मचारी लगातार निगरानी कर रहे हैं। गंगा का पानी अभी आबादी क्षेत्र में नहीं पहुंचा है।
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गंगा नदी इस समय उफान पर है। पानी इस तरह हिलोरे मार रहा है कि जैसे वह सब कुछ बहा ले जाने को बेताब हो। लहरों को देखकर लोग डरने लगे हैं। स्नान घाटों पर नहाने वालों की संख्या कम हो गई है, श्मशान घाट के किनारे पर भी पानी आ गया है। अंतिम संस्कार में भी दिक्कत आ रही है।
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केंद्रीय जल आयोग डलमऊ के अनुसार शुक्रवार को गंगा नदी का जलस्तर खतरे के निशान 99.360 मीटर के सपेक्ष 98.900 मीटर नापा गया, जो खतरे के निशान से मात्र 46 सेमी दूर है। तीर्थ पुरोहित श्याम सुंदर, श्याम प्रकाश, रघुनंदन व सोनू ने बताया कि डलमऊ के स्नान घाटों पर पानी आ गया है, बैरिकेडिंग की पर्याप्त व्यवस्था न होने से श्रद्धालुओं को जान जोखिम में डालकर स्नान करना पड़ रहा है।
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बाढ़ प्रभावित चक मलिक, जहांगीराबाद, जमाल नगर मोहिउद्दीनपुर, अंबहा, बबूरा, पूरे रेवती सिंह गांव के संतराम, जयप्रकाश, राकेश कुमार, अमर बहादुर, सर्वेश कुमार व कमलेश ने बताया कि हजारों बीघे धान और सब्जी की फसल पानी में डूब गई है।
क्षेत्रीय प्रशासन की ओर से अभी कोई व्यवस्था नहीं की गई है। एसडीएम डलमऊ प्रीति सिंह ने बताया कि गंगा कटरी क्षेत्र को जाने वाले रास्ते पर जलभराव हो जाने से एक प्राइवेट नाव की व्यवस्था की गई है। स्नान घाटों पर बैरिकेडिंग भी कराई गई है। बाढ़ चौकियों पर तैनात सभी कर्मचारी लगातार निगरानी कर रहे हैं। गंगा का पानी अभी आबादी क्षेत्र में नहीं पहुंचा है।