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कोटेदार ने पत्नी, बेटों व बहू के नाम अंत्योदय कार्ड बना लाखों का राशन डकारा
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रायबरेली। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत राही ब्लॉक के कोलाहैबतपुर के कोटेदार ने पूरे कुनबे के नाम अंत्योदय राशन कार्ड बनवा लिया। पत्नी, दो बेटे व बहू के नाम जारी अंत्योदय कार्ड के सहारे हर महीने 130 किलो राशन डकारा जा रहा है। वर्षों से चल रहे खेल की जानकारी होते ही डीएसओ ने मामले की जांच शुरू करा दी है।
आपूर्ति निरीक्षक ने मामले की जांच शुरू करके अपात्रों के राशन पर रोक भी लगा दी है। साथ ही मामले में अन्य कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत पात्र गृहस्थी व अंत्योदय कार्ड बनाने में शुरू में बड़ा खेल किया गया। एक साल पहले शासन स्तर पर मामले पकड़ में आने के बाद जांच कराई गई, जिसमें 10 हजार से अधिक अपात्रों के राशन कार्ड काट दिए गए।
इसके बाद भी तमाम ऐसे लोग हैं जो अपात्र होने के बाद भी गरीबों का राशन डकार रहे हैं। गांव के सबसे गरीब व्यक्तियों को अंत्योदय कार्ड जारी करके हर महीने 35-35 किलो मुफ्त राशन दिया जाता है।
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आरोप है कि राही ब्लॉक के कोलाहैबतपुर गांव में इंद्र कुमारी के नाम जारी अंत्योदय कार्ड संख्या 215820287490, ब्रिजदेव मिश्रा के नाम जारी अंत्योदय कार्ड संख्या 2158204972361, पंकज मिश्रा के नाम जारी अंत्योदय कार्ड संख्या 215820498384 और पूनम के नाम जारी अंत्योदय कार्ड संख्या 215820497260 के माध्यम से हर महीने 35-35 किलो राशन लिया जा रहा है।
आरोप है कि इंद्रकुमारी कोटेदार की पत्नी हैं, जबकि ब्रिजदेव मिश्रा व पंकज मिश्रा बेटे हैं। पूनम कोटेदार की बहू हैं। अब तक की जांच में ये पकड़ में नहीं आए हैं। मामला संज्ञान में आने के बाद डीएसओ ने आपूर्ति निरीक्षक को जांच करके रिपोर्ट देने के आदेश दिए हैं।
साथ जांच पूरी न होने तक अपात्रों को राशन न देने के आदेश भी दिए गए हैं। इससे संबंधितों में हड़कंप मच गया है। कोलाहैबतपुर के प्रधान माता प्रसाद ने फोन पर इंद्रकुमारी के कोटेदार की पत्नी होने की पुष्टि की है। इसके अलावा पंकज व ब्रिजदेव के बेटे व पूनम के बहू होने की भी पुष्टि की है।
मामला संज्ञान में आने के बाद मामले की जांच शुरू करा दी गई है। यदि अंत्योदय कार्ड के लिए चारों लोग अपात्र हैं तो उनके कार्डों को निरस्त करने के साथ ही कोटेदार के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।
-केएन सिंह, जिला पूर्ति अधिकारी
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आपूर्ति निरीक्षक ने मामले की जांच शुरू करके अपात्रों के राशन पर रोक भी लगा दी है। साथ ही मामले में अन्य कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत पात्र गृहस्थी व अंत्योदय कार्ड बनाने में शुरू में बड़ा खेल किया गया। एक साल पहले शासन स्तर पर मामले पकड़ में आने के बाद जांच कराई गई, जिसमें 10 हजार से अधिक अपात्रों के राशन कार्ड काट दिए गए।
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इसके बाद भी तमाम ऐसे लोग हैं जो अपात्र होने के बाद भी गरीबों का राशन डकार रहे हैं। गांव के सबसे गरीब व्यक्तियों को अंत्योदय कार्ड जारी करके हर महीने 35-35 किलो मुफ्त राशन दिया जाता है।
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आरोप है कि राही ब्लॉक के कोलाहैबतपुर गांव में इंद्र कुमारी के नाम जारी अंत्योदय कार्ड संख्या 215820287490, ब्रिजदेव मिश्रा के नाम जारी अंत्योदय कार्ड संख्या 2158204972361, पंकज मिश्रा के नाम जारी अंत्योदय कार्ड संख्या 215820498384 और पूनम के नाम जारी अंत्योदय कार्ड संख्या 215820497260 के माध्यम से हर महीने 35-35 किलो राशन लिया जा रहा है।
आरोप है कि इंद्रकुमारी कोटेदार की पत्नी हैं, जबकि ब्रिजदेव मिश्रा व पंकज मिश्रा बेटे हैं। पूनम कोटेदार की बहू हैं। अब तक की जांच में ये पकड़ में नहीं आए हैं। मामला संज्ञान में आने के बाद डीएसओ ने आपूर्ति निरीक्षक को जांच करके रिपोर्ट देने के आदेश दिए हैं।
साथ जांच पूरी न होने तक अपात्रों को राशन न देने के आदेश भी दिए गए हैं। इससे संबंधितों में हड़कंप मच गया है। कोलाहैबतपुर के प्रधान माता प्रसाद ने फोन पर इंद्रकुमारी के कोटेदार की पत्नी होने की पुष्टि की है। इसके अलावा पंकज व ब्रिजदेव के बेटे व पूनम के बहू होने की भी पुष्टि की है।
मामला संज्ञान में आने के बाद मामले की जांच शुरू करा दी गई है। यदि अंत्योदय कार्ड के लिए चारों लोग अपात्र हैं तो उनके कार्डों को निरस्त करने के साथ ही कोटेदार के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।
-केएन सिंह, जिला पूर्ति अधिकारी