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Raebareli News: आसमान से बरसी आग, पारा पहुंचा 43 पार
Mon, 18 May 2026 12:41 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
Updated Mon, 18 May 2026 12:41 AM IST
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दुकानदार दोपहर में अपनी दुकानें बंद कर रहे हैं।
रायबरेली। गर्मी के तेवर लोगों के लिए चुनौती बन गए हैं। रविवार को आसमान से आग बरसती महसूस की गई। इतनी गर्मी रही कि घरों के भीतर कूलर चलने के बाद भी राहत नहीं मिली। वहीं जिनके आवास पहली और दूसरी मंजिल पर हैं, उनको एसी चलाने के बाद भी गर्मी से परेशान होना पड़ा। शाम को भी गर्म हवा चलने से हर कोई गर्मी से परेशान रहा। बाजारों का हाल यह रहा कि दोपहर में हर तरफ सन्नाटा पसरा रहा। किसी के कदम बाजार की तरफ नहीं बढ़े।
14 अप्रैल के बाद अब गर्मी ने बैक गियर मार दिया है। इसका नतीजा है कि रविवार को गर्मी ने लोगों को हिलाकर रख दिया। सुबह आठ बजे से लू चलने लगी और नतीजा यह रहा कि सुबह 11 बजे ऐसा लग रहा था कि दोपहर के एक बजे गए हैं। गर्म हवा के झोंकों से लोग परेशान रहे।
रविवार को अवकाश होने के कारण लोग घर पर ही रहे। इस कारण गली मोहल्लों में सन्नाटा सुबह 11 बजे से ही पसर गया। दोपहर दो बजे मुख्य सड़कों पर कुछ वाहन ही चलते दिखे। सिविल लाइन चौराहा पर ड्यूटी पर मौजूद कर्मियों की भी हिम्मत नहीं पड़ी कि वह बीच चौराहा पर खड़े होकर यातायात को नियंत्रित कर सके। ऐसे में सड़क के किनारे खड़े होकर यातायात को नियंत्रित करते दिखे।
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गांवों में हाल यह रहा कि गलियारे सूने पड़ रहे। ग्रामीण घरों से नहीं निकले। पूरे दिन आसमान से आग सी बरसती महसूस की गई। सड़क किनारे खड़े होकर वाहनों का इंतजार करने वाले लोग लू के थपेड़े सहते रहे। प्यास बुझाने के लिए लोगों को पानी की बोतल खरीदनी पड़ी। अधिकतम तापमान 43.1 डिग्री और न्यूनतम तापमान 25.8 डिग्री रहा। इंदिरा गांधी उड़ान अकादमी फुरसतगंज के मौसम विशेषज्ञ दीतेंद्र सिंह ने बताया कि तापमान अभी और बढ़ेगा।
उल्टी दस्त के 28 मरीजों का किया गया इलाज
भीषण गर्मी के कारण जिला अस्पताल की एमरजेंसी में रविवार को बुखार और उल्टी-दस्त की चपेट में आने से वाले 10 बच्चों समेत 28 मरीजों का इलाज किया गया। सीने में दर्द उठने के बाद भी आठ से अधिक रोगी भर्ती कराए गए।
बुखार के चपेट में आने के बाद में जिला अस्पताल की इमरजेंसी पहुंचे सुमन (12), जानवी (11), अदिति (9), महक (9), आदित्या (4), रिया (16), अजय (38), मीनू (45), राधेश्याम (55), मोनू (27) को भर्ती करके इलाज शुरू किया गया। इसके अलावा उल्टी दस्त के चपेट में आए वंश (2), अदनान (1), काव्या (3), मालती (20), अन्नू (34), आख्या (8), देशराज (50), फूलमती (40), मालती (20) आदि को भर्ती कराया गया।
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14 अप्रैल के बाद अब गर्मी ने बैक गियर मार दिया है। इसका नतीजा है कि रविवार को गर्मी ने लोगों को हिलाकर रख दिया। सुबह आठ बजे से लू चलने लगी और नतीजा यह रहा कि सुबह 11 बजे ऐसा लग रहा था कि दोपहर के एक बजे गए हैं। गर्म हवा के झोंकों से लोग परेशान रहे।
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रविवार को अवकाश होने के कारण लोग घर पर ही रहे। इस कारण गली मोहल्लों में सन्नाटा सुबह 11 बजे से ही पसर गया। दोपहर दो बजे मुख्य सड़कों पर कुछ वाहन ही चलते दिखे। सिविल लाइन चौराहा पर ड्यूटी पर मौजूद कर्मियों की भी हिम्मत नहीं पड़ी कि वह बीच चौराहा पर खड़े होकर यातायात को नियंत्रित कर सके। ऐसे में सड़क के किनारे खड़े होकर यातायात को नियंत्रित करते दिखे।
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गांवों में हाल यह रहा कि गलियारे सूने पड़ रहे। ग्रामीण घरों से नहीं निकले। पूरे दिन आसमान से आग सी बरसती महसूस की गई। सड़क किनारे खड़े होकर वाहनों का इंतजार करने वाले लोग लू के थपेड़े सहते रहे। प्यास बुझाने के लिए लोगों को पानी की बोतल खरीदनी पड़ी। अधिकतम तापमान 43.1 डिग्री और न्यूनतम तापमान 25.8 डिग्री रहा। इंदिरा गांधी उड़ान अकादमी फुरसतगंज के मौसम विशेषज्ञ दीतेंद्र सिंह ने बताया कि तापमान अभी और बढ़ेगा।
उल्टी दस्त के 28 मरीजों का किया गया इलाज
भीषण गर्मी के कारण जिला अस्पताल की एमरजेंसी में रविवार को बुखार और उल्टी-दस्त की चपेट में आने से वाले 10 बच्चों समेत 28 मरीजों का इलाज किया गया। सीने में दर्द उठने के बाद भी आठ से अधिक रोगी भर्ती कराए गए।
बुखार के चपेट में आने के बाद में जिला अस्पताल की इमरजेंसी पहुंचे सुमन (12), जानवी (11), अदिति (9), महक (9), आदित्या (4), रिया (16), अजय (38), मीनू (45), राधेश्याम (55), मोनू (27) को भर्ती करके इलाज शुरू किया गया। इसके अलावा उल्टी दस्त के चपेट में आए वंश (2), अदनान (1), काव्या (3), मालती (20), अन्नू (34), आख्या (8), देशराज (50), फूलमती (40), मालती (20) आदि को भर्ती कराया गया।