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बुखार की चपेट में आने से युवक व मासूम की इलाज के दौरान मौत
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ऊंचाहार (रायबरेली)। बुखार से पीड़ित एक युवक की इलाज के दौरान मौत हो गई, जबकि एक मासूम अपने घर में अचानक अचेत हो गया। उसे जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसने भी दम तोड़ दिया। क्षेत्र में संक्रामक बीमारियों के कहर से लोग दहशत में है। सूचना के बाद भी स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव नहीं पहुंची है।
क्षेत्र के गांव मवई निवासी शुभम (18) पुत्र राम सुमेर को एक माह से बुखार आ रहा था। उसका निजी अस्पताल में इलाज चल रहा था। बाद में उसे मियादी बुखार हो गया। इस दौरान उसको कई चिकित्सकों को दिखाया गया। अंत में उसका सलोन के एक चिकित्सक के यहां से इलाज चल रहा था।
इलाज के दौरान शुक्रवार को उसकी मौत हो गई। दूसरा मामला क्षेत्र के सेमरी गांव का है। गांव के राम कुमार का मासूम बेटे आयुष शुक्रवार को अपने घर के एक कमरे में खेल रहा था। कमरे में अचानक वह अचेत हो गया। काफी देर बाद जब परिवारीजनों ने उसकी खोज की तो वह कमरे में अचेत पड़ा मिला। परिवारीजन उसको लेकर सीएचसी आए, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया।
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परिवारीजन उसको लेकर जिला मुख्यालय के एक निजी चिकित्सालय में गए, जहां शनिवार को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। बुखार से क्षेत्र में कई मौतों के बाद भी विभाग गंभीर नहीं हुआ है। सीएचसी अधीक्षक डॉ. आरबी यादव का कहना है कि सूचना मिलते ही तुरंत गांवों में टीम भेजी जाती है।
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क्षेत्र के गांव मवई निवासी शुभम (18) पुत्र राम सुमेर को एक माह से बुखार आ रहा था। उसका निजी अस्पताल में इलाज चल रहा था। बाद में उसे मियादी बुखार हो गया। इस दौरान उसको कई चिकित्सकों को दिखाया गया। अंत में उसका सलोन के एक चिकित्सक के यहां से इलाज चल रहा था।
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इलाज के दौरान शुक्रवार को उसकी मौत हो गई। दूसरा मामला क्षेत्र के सेमरी गांव का है। गांव के राम कुमार का मासूम बेटे आयुष शुक्रवार को अपने घर के एक कमरे में खेल रहा था। कमरे में अचानक वह अचेत हो गया। काफी देर बाद जब परिवारीजनों ने उसकी खोज की तो वह कमरे में अचेत पड़ा मिला। परिवारीजन उसको लेकर सीएचसी आए, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया।
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परिवारीजन उसको लेकर जिला मुख्यालय के एक निजी चिकित्सालय में गए, जहां शनिवार को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। बुखार से क्षेत्र में कई मौतों के बाद भी विभाग गंभीर नहीं हुआ है। सीएचसी अधीक्षक डॉ. आरबी यादव का कहना है कि सूचना मिलते ही तुरंत गांवों में टीम भेजी जाती है।