{"_id":"5fef36b18ebc3e3b8f7cb34b","slug":"exam-fever-raibaraily-news-lko55762749","type":"story","status":"publish","title_hn":"मिल गया समय, अच्छे ढंग से कर सकेंगे परीक्षा की तैयारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मिल गया समय, अच्छे ढंग से कर सकेंगे परीक्षा की तैयारी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रायबरेली। सीबीएसई की 10वीं और 12वीं की परीक्षाएं इस साल 4 मई से शुरू होकर 10 जून तक चलेंगी। प्रायोगिक परीक्षाएं मार्च से होंगी। शिक्षामंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने बोर्ड परीक्षाओं की तिथि घोषित की तो इस साल परीक्षा की तैयारी कर रहे विद्यार्थी खुश हो गए।
कोरोना संक्रमण के चलते स्कूल बंद थे और ऑनलाइन पढ़ाई हो रही थी। इसके बावजूद पाठ्यक्रम पूरा नहीं हो पाया था। स्कूल खुले तो राहत मिली। फरवरी और मार्च में होने वाली परीक्षाएं अब मई और जून में होंगी जिससे छात्र-छात्राओं को पाठ्यक्रम पूरा कर परीक्षा की तैयारी करने का समय मिल जाएगा।
सीबीएसई की परीक्षाओं की तैयारी कर रहे 10वीं और 12वीं के छात्र-छात्राओं ने एग्जाम डेट घोषित होने पर खुशी जताई। 12वीं के छात्र सिद्धार्थ त्रिवेदी और छात्रा प्रगति सिंह ने कहा कि बोर्ड परीक्षा का फैसला हमारे लिए खुशी लेकर आया है। अब बिना दबाव के पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित कर सकेंगे। 10वीं की छात्रा कृतिका शुक्ला और 12वीं के छात्र अभिनव सिंह ने कहा कि परीक्षा को लेकर सही फैसला हुआ है।
विज्ञापन
कक्षा 12 की छात्राएं अंशिका सिंह और अमृतांशी ने कहा कि हम फरवरी में ही परीक्षा देने को तैयार थे। अब और तैयारी करने का समय तो मिल गया है, लेकिन मई तक इंतजार करना पड़ेगा। दसवीं के छात्र व्योम कुमार ने कहा कि कोरोना संक्रमण की वजह से स्कूल बंद थे, जिससे बच्चों को पहले की तरह शिक्षा नहीं मिल पाई। परीक्षा देर से कराने का फैसला वाकई अच्छा है, जिससे तैयारी करने का पूरा समय मिल सकेगा।
कुछ ऐसे ही विचार आयुषी सिंह, मो. अनस, शिखर सिंह, सोनम यादव और आकांक्षा यादव ने व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन शिक्षा से पढ़ाई रुकी नहीं, लेकिन प्रभावित जरूर हुई। स्कूल खुले हैं तो अब तेजी आई है। परीक्षा को लेकर तनाव था, लेकिन मई में परीक्षाएं शुरू होने से तैयारी करने के लिए समय मिल सकेगा।
पढ़ाई में हुए नुकसान के भरपाई हो सकेगी
हिंदी शिक्षिका आराधना मिश्रा और गणित के अध्यापक रमीज सिद्दीकी का कहना है कि मई में परीक्षा शुरू होने से छात्र-छात्राओं को समय मिल सकेगा। कोरोना काल में ऑनलाइन शिक्षा से पढ़ाई पूरी नहीं हो पा रही थी। अब पढ़ाई पूरी करने के साथ पुनरावृत्ति भी कर सकेंगे, जिससे परीक्षा में बेहतर नतीजे आएंगे। विनय सिन्हा और उमेश मिश्र ने कहा कि पाठ्यक्रम पूरा कराने प्रयास किया, ताकि छात्र-छात्राएं फरवरी में परीक्षा के लिए तैयार रहें। अब मई से परीक्षा होंगी, जिससे बच्चों को तैयारी करने का समय मिल सकेगा। फिजिक्स टीचर शिवम पटेल ने कहा कि परीक्षाएं अगर मार्च में होती, तब भी हम तैयार थे। अंग्रेजी शिक्षक विकास सिंह ने कहा कि परीक्षा की तिथि घोषित होने से असमंजस खत्म हुआ। बच्चे अब अच्छे ढंग से परीक्षा की तैयारी कर सकेंगे। शिक्षिका ऋचा श्रीवास्तव ने कहा कि कोरोना की वजह से पढ़ाई में हुए नुकसान की भरपाई की जा सकेगी। अंग्रेजी अध्यापक इंद्र विक्रम सिंह ने कहा कि परीक्षा के संबंध में लिया गया निर्णय प्रशंसनीय है। इससे परीक्षार्थियों को तैयारी करने के लिए पर्याप्त समय मिल सकेगा।
विज्ञापन
कोरोना संक्रमण के चलते स्कूल बंद थे और ऑनलाइन पढ़ाई हो रही थी। इसके बावजूद पाठ्यक्रम पूरा नहीं हो पाया था। स्कूल खुले तो राहत मिली। फरवरी और मार्च में होने वाली परीक्षाएं अब मई और जून में होंगी जिससे छात्र-छात्राओं को पाठ्यक्रम पूरा कर परीक्षा की तैयारी करने का समय मिल जाएगा।
विज्ञापन
सीबीएसई की परीक्षाओं की तैयारी कर रहे 10वीं और 12वीं के छात्र-छात्राओं ने एग्जाम डेट घोषित होने पर खुशी जताई। 12वीं के छात्र सिद्धार्थ त्रिवेदी और छात्रा प्रगति सिंह ने कहा कि बोर्ड परीक्षा का फैसला हमारे लिए खुशी लेकर आया है। अब बिना दबाव के पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित कर सकेंगे। 10वीं की छात्रा कृतिका शुक्ला और 12वीं के छात्र अभिनव सिंह ने कहा कि परीक्षा को लेकर सही फैसला हुआ है।
विज्ञापन
कक्षा 12 की छात्राएं अंशिका सिंह और अमृतांशी ने कहा कि हम फरवरी में ही परीक्षा देने को तैयार थे। अब और तैयारी करने का समय तो मिल गया है, लेकिन मई तक इंतजार करना पड़ेगा। दसवीं के छात्र व्योम कुमार ने कहा कि कोरोना संक्रमण की वजह से स्कूल बंद थे, जिससे बच्चों को पहले की तरह शिक्षा नहीं मिल पाई। परीक्षा देर से कराने का फैसला वाकई अच्छा है, जिससे तैयारी करने का पूरा समय मिल सकेगा।
कुछ ऐसे ही विचार आयुषी सिंह, मो. अनस, शिखर सिंह, सोनम यादव और आकांक्षा यादव ने व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन शिक्षा से पढ़ाई रुकी नहीं, लेकिन प्रभावित जरूर हुई। स्कूल खुले हैं तो अब तेजी आई है। परीक्षा को लेकर तनाव था, लेकिन मई में परीक्षाएं शुरू होने से तैयारी करने के लिए समय मिल सकेगा।
पढ़ाई में हुए नुकसान के भरपाई हो सकेगी
हिंदी शिक्षिका आराधना मिश्रा और गणित के अध्यापक रमीज सिद्दीकी का कहना है कि मई में परीक्षा शुरू होने से छात्र-छात्राओं को समय मिल सकेगा। कोरोना काल में ऑनलाइन शिक्षा से पढ़ाई पूरी नहीं हो पा रही थी। अब पढ़ाई पूरी करने के साथ पुनरावृत्ति भी कर सकेंगे, जिससे परीक्षा में बेहतर नतीजे आएंगे। विनय सिन्हा और उमेश मिश्र ने कहा कि पाठ्यक्रम पूरा कराने प्रयास किया, ताकि छात्र-छात्राएं फरवरी में परीक्षा के लिए तैयार रहें। अब मई से परीक्षा होंगी, जिससे बच्चों को तैयारी करने का समय मिल सकेगा। फिजिक्स टीचर शिवम पटेल ने कहा कि परीक्षाएं अगर मार्च में होती, तब भी हम तैयार थे। अंग्रेजी शिक्षक विकास सिंह ने कहा कि परीक्षा की तिथि घोषित होने से असमंजस खत्म हुआ। बच्चे अब अच्छे ढंग से परीक्षा की तैयारी कर सकेंगे। शिक्षिका ऋचा श्रीवास्तव ने कहा कि कोरोना की वजह से पढ़ाई में हुए नुकसान की भरपाई की जा सकेगी। अंग्रेजी अध्यापक इंद्र विक्रम सिंह ने कहा कि परीक्षा के संबंध में लिया गया निर्णय प्रशंसनीय है। इससे परीक्षार्थियों को तैयारी करने के लिए पर्याप्त समय मिल सकेगा।