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इंतजार कर रहे शिक्षकों को जल्द मिलेंगे स्कूल

Thu, 29 Jul 2021 10:00 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Thu, 29 Jul 2021 10:00 PM IST
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रायबरेली। करीब साढ़े चार महीने से विद्यालय आवंटन का इंतजार कर रहे पारस्परिक अंतरजनपदीय स्थानांतरण में आए शिक्षकों को अगले महीने तैनाती मिल सकती है। साथ ही अभी हाल में ही शिक्षक भर्ती के अंतर्गत नवनियुक्त शिक्षकों को भी विद्यालय आवंटित किया जाएगा।
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इसके लिए सभी विद्यालयों का विवरण दुरुस्त कराया जा रहा है, ताकि विद्यालयों में छात्र संख्या के आधार पर रिक्त पदों की जानकारी हो सके। इससे विद्यालय आवंटन की काउंसिलिंग में आसानी होगी।
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करीब साढ़े चार महीने पहले पारस्परिक अंतरजनपदीय स्थानांतरण के तहत इस जिले में 82 शिक्षक दूसरे जिलों से आए थे, जिन्हें अब तक विद्यालय आवंटित नहीं हो सका है। ये सभी अध्यापक विद्यालय आवंटन का इंतजार कर रहे हैं।
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अभी कुछ दिन पहले ही 69 हजार शिक्षक भर्ती के अंतर्गत रिक्त पदों पर हुई नियुक्तियों में 48 शिक्षक इस जिले में नियुक्त हुए थे। इन शिक्षकों को भी विद्यालय आवंटित किया जाना है।
विद्यालय आवंटन न होने से शिक्षकों को बीएसए दफ्तर में हाजिरी लगानी पड़ रही है। अब सभी खंड शिक्षा अधिकारियों सो मानव संपदा पोर्टल पर अंकित विवरण के सही होने की जानकारी मांगी गई है। अगर ब्योरा में कोई संशोधन है तो उसे दुरुस्त करने के लिए कहा गया है। इससे उम्मीद बंधी है कि अगले महीने विद्यालय आवंटन की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी शिवेंद्र प्रताप सिंह ने कहा है कि सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं। विद्यालय आवंटन के लिए मानव संपदा के सभी विवरण सही होने संबंधी प्रमाणपत्र मांगा गया है। यह प्रमाणपत्र 31 जुलाई तक देना होगा।
मानव संपदा पोर्टल पर फिर से चेक करें ब्योरा
गुरुवार को बीएसए ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को भेजे पत्र में मानव संपदा पोर्टल पर अंकित विवरण का पुनर्मिलान करने को कहा है, ताकि कहीं कोई खामी है तो उसे दुरुस्त कराया जा सके।
यह कहा गया है कि यदि कार्यरत शिक्षकों की संख्या वास्तविक संख्या से अधिक दिख रही है तो सेवानिवृत्त शिक्षकों, मृतक शिक्षकों और स्थानांतरित होकर गए शिक्षकों के बारे में ब्योरा देख लें। यदि शिक्षकों की संख्या कम दिख रही है तो स्थानांतरित होकर आए शिक्षकों की ऑनलाइन ज्वाइनिंग के बारे में देखें।

जिला समन्वयक (एमआईएस) अविलय सिंह ने बताया कि विद्यालय के यू-डायस कोड का कालम रिक्त न हो, यू-डायस कोड सही अंकित होना चाहिए। स्कूल कैटेगरी की जांच, प्रत्येक शिक्षक के कैडर का मिलान समेत अन्य सभी बिंदुओं को सही से देख लें, ताकि कहीं कोई गड़बड़ी न रहने पाए।
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