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घर-घर 7.81 लोगों की स्क्रीनिंग, 127 मिले कुष्ठरोगी

Wed, 22 Dec 2021 12:00 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Wed, 22 Dec 2021 12:00 AM IST
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Door to door screening of 7.81 people, 127 found leprosy
रायबरेली। जिले में कुष्ठ रोगियों का पता लगाने के लिए अभियान शुरू हो गया है। अब तक 7.81 लाख लोगों की स्क्रीनिंग की गई है। इसमें संदिग्ध मिले 792 लोगों की जांच की गई। जिले में इस साल 127 कुष्ठ रोगी मिल चुके हैं। अभियान में जिले में 2250 टीमें लगाई गईं हैं।
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जिले के सभी घरों में पहुंचकर टीमों को कुष्ठ रोगियों का पता लगाना है। जिले में छह माह के लिए कुष्ठ रोगियों को चिह्नित करने के लिए अभियान शुरू किया गया है।
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प्रत्येक टीम को छह महीने के भीतर 1000 की आबादी के बीच पहुंचकर कुष्ठ रोग के लक्षणों के आधार पर स्क्रीनिंग कर रही है। टीम को जो भी कुष्ठ के संभावित रोगी मिल रहे हैं, उन्हें वह नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर रेफर कर जांच करवा रही है।
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जांच में रोग की पुष्टि होने पर निशुल्क उपचार व अन्य आवश्यक सुविधाएं प्रदान की जाएंगी। प्रत्येक टीम में एक आशा कार्यकर्ता और एक स्वयंसेवक को शामिल किया गया है। जिले में अब तक 7.81 लोगों की स्क्रीनिंग करके 792 संदिग्ध कुष्ठ रोगी चिह्नित किए गए हैं।
पीवी मरीजों का छह माह व एमवी का साल भर इलाज
जिला क्षय रोग नियंत्रण विभाग के स्वास्थ्य शिक्षक अवधेश कुमार का कहना है कि कुष्ठ रोग की दो श्रेणियां हैं। पॉसी बैसिलरी (पीवी) श्रेणी में कम से कम पांच चकत्ते वाले मरीजों को रखा जाता है। इसका इलाज छह महीने तक होता है। मल्टी बैसिलरी (एमवी) श्रेणी के मरीजों के शरीर पर पांच से अधिक चकत्ते होते हैं। इन मरीजों का इलाज एक साल तक होता है।
यह लक्षण हो तो समझें कुष्ठ रोग
शरीर में कोई ऐसा दाग-धब्बा जो सुन्न रहता है, वह कुष्ठ रोग हो सकता है। यह रोग लैपरी नामक माइक्रो बैक्टीरिया से होता है, जो बहुत धीमी गति से संक्रमण करता है। अगर समय रहते इसकी पहचान हो जाए तो इलाज हो सकता है। यह हेल्दी कांटैक्ट से नहीं फैलता है। इसका संक्रमण एक व्यक्ति से दूसरे में तभी होता है, जब वह 16 से 18 घंटे प्रतिदिन कई महीनों तक रोगी के संपर्क में रहे।

कुष्ठ रोगियों का पता लगाने के लिए अभियान चलाया गया है। 2250 टीमें कम कर रही हैं। अब तक 7.81 लाख लोगों की स्क्रीनिंग की गई है। 792 संदिग्ध कुष्ठ रोगी चिह्नित किए गए हैं। उनकी जांच कराई जा रही है। अब तक जिले में 127 कुष्ठ रोगी मिले हैं।
डॉ. जया कुमारी देलहवी, जिला कुष्ठ रोग नियंत्रण अधिकारी
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