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पिता के साथ रहकर आरपी सिंह ने रायबरेली से बनाई थी पहचान
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रायबरेली। भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व खिलाड़ी आरपी सिंह (रुद्र प्रताप सिंह) के पिता एसपी सिंह का निधन हो गया। वह कोरोना संक्रमित थे। लखनऊ के एक निजी अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था।
अपने पिता के साथ रायबरेली में ही पले-बढ़े और यहीं रहकर क्रिकेट सीखा, फिर टीम इंडिया का हिस्सा बनकर विश्व में जिले का नाम रोशन किया। आरपी सिंह ने अपनी अलग पहचान बनाई। वह आईटीआई से रिटायर हो चुके थे। इसकी खबर लगते ही जिले के खेल प्रेमियों के साथ ही आईटीआई कर्मचारियों में भी शोक की लहर दौड़ गई।
वर्ष 1985 में जन्मे आरपी सिंह अपने परिवार के साथ शहर के इंदिरा नगर कॉलोनी में रहते थे। उनके पिता एसपी सिंह आईटीआई में कर्मचारी थे। मां गिरजा देवी गृहणी हैं। आरपी सिंह की दो बहनें हैं। पूर्व क्रिकेटर रुद्र प्रता की शुरुआती पढ़ाई नेहरू नगर स्थित एक स्कूल में हुई, फिर शांति निकेतन में आठवीं तक पढ़े। इंटर की पढ़ाई जीआईसी से पूरी की।
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आरपी सिंह का रुझान क्रिकेट की तरफ ज्यादा था। इस बात का पता पिता को चला तो उन्होंने भी आरपी सिंह का साथ दिया और उसे क्रिकेट खेलने की पूरी छूट दी।
क्रिकेट कोच मो. अयाज बताते हैं कि आरपी सिंह ने वर्ष 1994 से 2000 तक उनसे क्रिकेट की कोचिंग ली। इसके बाद वह लखनऊ चले गए। वर्ष 2005 में आरपी को टीम इंडिया में शामिल किया गया। उन्होंने अपनी काबिलियत से बेहतर मुकाम बनाया।
आरपी सिंह के परिवार के काफी करीबी बीपी सिंह बताते हैं कि रुद्र प्रताप सिंह के पिता एसपी सिंह का लखनऊ के एक अस्पताल में इलाज के दौरान निधन हो गया। आरपी का पैतृक गांव बाराबंकी जिले में सिद्धौर ब्लॉक के पूरे बाला गांव में है। यहीं पर उनका अंतिम संस्कार किया गया।
पूर्व क्रिकेट के पिता के निधन से खेल प्रेमियों और आईटीआई कर्मचारियों में शोक है। मो. अयाज, बीपी सिंह, मो. फहीम, अश्विनी यादव, राम सजीवन, अभिनव प्रताप, अमित श्रीवास्तव, राजाराम पांडेय, सुनील तिवारी, अमति सिंह आदि ने शोक जताया है।
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अपने पिता के साथ रायबरेली में ही पले-बढ़े और यहीं रहकर क्रिकेट सीखा, फिर टीम इंडिया का हिस्सा बनकर विश्व में जिले का नाम रोशन किया। आरपी सिंह ने अपनी अलग पहचान बनाई। वह आईटीआई से रिटायर हो चुके थे। इसकी खबर लगते ही जिले के खेल प्रेमियों के साथ ही आईटीआई कर्मचारियों में भी शोक की लहर दौड़ गई।
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वर्ष 1985 में जन्मे आरपी सिंह अपने परिवार के साथ शहर के इंदिरा नगर कॉलोनी में रहते थे। उनके पिता एसपी सिंह आईटीआई में कर्मचारी थे। मां गिरजा देवी गृहणी हैं। आरपी सिंह की दो बहनें हैं। पूर्व क्रिकेटर रुद्र प्रता की शुरुआती पढ़ाई नेहरू नगर स्थित एक स्कूल में हुई, फिर शांति निकेतन में आठवीं तक पढ़े। इंटर की पढ़ाई जीआईसी से पूरी की।
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आरपी सिंह का रुझान क्रिकेट की तरफ ज्यादा था। इस बात का पता पिता को चला तो उन्होंने भी आरपी सिंह का साथ दिया और उसे क्रिकेट खेलने की पूरी छूट दी।
क्रिकेट कोच मो. अयाज बताते हैं कि आरपी सिंह ने वर्ष 1994 से 2000 तक उनसे क्रिकेट की कोचिंग ली। इसके बाद वह लखनऊ चले गए। वर्ष 2005 में आरपी को टीम इंडिया में शामिल किया गया। उन्होंने अपनी काबिलियत से बेहतर मुकाम बनाया।
आरपी सिंह के परिवार के काफी करीबी बीपी सिंह बताते हैं कि रुद्र प्रताप सिंह के पिता एसपी सिंह का लखनऊ के एक अस्पताल में इलाज के दौरान निधन हो गया। आरपी का पैतृक गांव बाराबंकी जिले में सिद्धौर ब्लॉक के पूरे बाला गांव में है। यहीं पर उनका अंतिम संस्कार किया गया।
पूर्व क्रिकेट के पिता के निधन से खेल प्रेमियों और आईटीआई कर्मचारियों में शोक है। मो. अयाज, बीपी सिंह, मो. फहीम, अश्विनी यादव, राम सजीवन, अभिनव प्रताप, अमित श्रीवास्तव, राजाराम पांडेय, सुनील तिवारी, अमति सिंह आदि ने शोक जताया है।