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Raebareli News: जीवित होने का नहीं दिया प्रमाण, 41 की रोकी पेंशन

Thu, 27 Nov 2025 01:13 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली Updated Thu, 27 Nov 2025 01:13 AM IST
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Did not provide proof of being alive, pension of 41 stopped
रायबरेली। कोषागार से पेंशन ले रहे 41 पेंशनर स्वयं के जीवित होने का प्रमाण नहीं दे रहे हैं। ऐसे में संबंधित पेंशनरों की पेंशन रोक दी गई है। सभी को जीवित होने का प्रमाण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। ऐसा न करने पर पेंशन नहीं मिलेगी। लोगों से अपील की गई है कि यदि पेंशनरों की मौत हो चुकी है तो इसकी सूचना कोषागार को उपलब्ध कराएं।
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जिले के विभिन्न विभागों से सेवानिवृत्त होने वालों को कोषागार से पेंशन दी जाती है। इसके अलावा सेवानिवृत्त कर्मियों की मौत के बाद उनकी पत्नी को पेंशन मिलती है। यह पेंशन हर माह दी जाती है। पेंशनरों को हर साल स्वयं के जीवित होने का प्रमाणपत्र देना होता है। बैंक शाखा के अलावा कोषागार में आकर यह प्रमाण दे सकते हैं। जिले में पिछले तीन माह से 41 पेंशनरों ने जीवित होने का प्रमाण नहीं दिया है।
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जीवित होने का प्रमाण न देने पर बेसिक शिक्षा विभाग की मनोरमा सिंह, द्विजरानी देवी, फुलवादेवी, चंद्रपती, रीतादेवी, कमलादेवी, सरोजनी देवी, श्यामादेवी, राज कुमारी, माध्यमिक शिक्षा विभाग से शहजादा, शिवनंदनी, राममोहन सिंह, प्रभावती सिंह, मायदेवी, छोटेलाल, बेचूलाल के अलावा सरोजनी देवी, भागेश श्रीवास्तव, ज्ञानवती, निर्मला सिंह, राजेंद्र कुमार, संकटा प्रसाद, रामवती, साबिरा, राम नरेश, सरोज त्रिवेदी, सुभाषचंद्र शर्मा, मोहन लाल समेत 41 सेवानिवृत्त कर्मियों की पेंशन रोकी गई है। वरिष्ठ कोषाधिकारी डॉ. भावना श्रीवास्तव का कहना है कि जीवित होने का प्रमाण देने के बाद ही पेंशन जारी की जाएगी।
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