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Raebareli News: मोबाइल न होने से एंबुलेंस को नहीं किया फोन
Tue, 15 Apr 2025 12:52 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
Updated Tue, 15 Apr 2025 12:52 AM IST
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रायबरेली। बीते शनिवार को ठेले पर लादकर घायल बच्चे को ऊंचाहार सीएचसी पहुंचाने के मामले की जांच पूरी हो गई है। जांच में खुलासा हुआ है कि पीड़ित के पास मोबाइल न होने के कारण उसने एंबुलेंस को फोन नहीं किया। कस्बा का ही मामला होने के कारण घायल को ठेले पर लादकर अस्पताल पहुंच गए। इलाज के बाद बच्चा पूरी तरह से स्वस्थ है।
भदोखर थाना क्षेत्र के हंसा का पुरवा निवासी प्रदीप कुमार का परिवार कबाड़ बीनता है। वर्तमान में ऊंचाहार के हसनगंज मजरे ऊंचाहार देहात में अस्थायी निवास बनाए हैं। बीते शनिवार को बेटा कृष्णा (12) दीवार पर चढ़ते समय गिरकर घायल हो गया था। छोटा भाई विक्की ठेले पर लादकर उसे सीएचसी ऊंचाहार लेकर पहुंचा था। सोशल मीडिया में वीडियो वायरल होने के बाद सीएमओ ने जांच शुरू करा दी थी।
मामले में 108 एंबुलेंस सेवा के जिला कार्यक्रम प्रबंधक अक्षय आनंद ने स्पष्ट किया कि उन्होंने 108 नंबर पर आई सभी कालों को सत्यापित कराया, जिसमें घायल बच्चों के परिजनों की ओर से किसी ने फोन कॉल नहीं किया। मौके पर जाकर टीम ने परिजनों से बात कर वीडियो बनाया।
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परिजनों ने बताया कि उनके पास न तो फोन है और न ही उन्होंने किसी के माध्यम से एंबुलेंस को फोन कराया। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. नवीन चंद्रा ने बताया कि 108 एंबुलेंस सेवा की ओर से की गई जांच व बनाए गए वीडियो से स्पष्ट होता है कि एंबुलेंस सेवा व स्वास्थ्य विभाग की ओर से कोई लापरवाही नहीं की गई।
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भदोखर थाना क्षेत्र के हंसा का पुरवा निवासी प्रदीप कुमार का परिवार कबाड़ बीनता है। वर्तमान में ऊंचाहार के हसनगंज मजरे ऊंचाहार देहात में अस्थायी निवास बनाए हैं। बीते शनिवार को बेटा कृष्णा (12) दीवार पर चढ़ते समय गिरकर घायल हो गया था। छोटा भाई विक्की ठेले पर लादकर उसे सीएचसी ऊंचाहार लेकर पहुंचा था। सोशल मीडिया में वीडियो वायरल होने के बाद सीएमओ ने जांच शुरू करा दी थी।
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मामले में 108 एंबुलेंस सेवा के जिला कार्यक्रम प्रबंधक अक्षय आनंद ने स्पष्ट किया कि उन्होंने 108 नंबर पर आई सभी कालों को सत्यापित कराया, जिसमें घायल बच्चों के परिजनों की ओर से किसी ने फोन कॉल नहीं किया। मौके पर जाकर टीम ने परिजनों से बात कर वीडियो बनाया।
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परिजनों ने बताया कि उनके पास न तो फोन है और न ही उन्होंने किसी के माध्यम से एंबुलेंस को फोन कराया। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. नवीन चंद्रा ने बताया कि 108 एंबुलेंस सेवा की ओर से की गई जांच व बनाए गए वीडियो से स्पष्ट होता है कि एंबुलेंस सेवा व स्वास्थ्य विभाग की ओर से कोई लापरवाही नहीं की गई।