फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Raebareli News ›   Destitute children in desperate need of better life

बेसहारा बच्चों की जिंदगी को बेहतरी की दरकार

Sun, 22 Nov 2015 11:25 PM IST
रायबरेली/ अमर उजाला ब्यूरो
रायबरेली/ अमर उजाला ब्यूरो Updated Sun, 22 Nov 2015 11:25 PM IST
विज्ञापन
प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने अनाथ बच्चों की जिम्मेदारी उठाने की घोषणा की है। उम्मीद है कि अब इन बेसहारों के चेहरों पर फिर से मुस्कान लौट आएगी।
विज्ञापन


केंद्र सरकार की ओर से चलाई गई समेकित बाल विकास योजना के तहत दो संस्थाओं को अनाथ बच्चों को पालने की जिम्मेदारी दी गई है। इनमें एक शहर के मिल एरिया में चल रही संस्था गांधी सेवा निकेतन हैं।
विज्ञापन


यहां 10 से 18 वर्ष के बच्चे रखे जाते हैं। वर्तमान समय में यहां पर 21 लड़कियां और 19 लड़के  रह रहे हैं। वहीं 0 से 10 साल तक के बच्चों को रखने के लिए हाल ही में बछरावां की एक संस्था को मान्यता दी गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन


यहां पर अभी करीब 20 दिन की एक अनाथ बच्ची है। केंद्र और प्रदेश सरकार की ओर से इन बच्चों के पालन-पोषण का खर्च दिया जाता है।

संस्थाओं को 0-10 साल तक के प्रति बच्चे पर 1200 और 10-18 वर्ष तक के प्रति बच्चे पर 1800 रुपये मिलते है। सरकार की ओर से मिल रही इस धनराशि से बच्चों की सही तरीके से देखभाल नहीं हो पा रही है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed