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जेई की दस्तक, मासूम समेत दो पॉजिटिव, डेंगू के पांच नए मरीज मिलने से दहशत
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रायबरेली। जिले में डेंगू के साथ ही जापानी इंसेफ्लाइटिस (जेई) ने दस्तक दे दी है। जांच में दो साल की मासूम व एक महिला मरीज जेई पॉजिटिव मिली है। वहीं डेंगू के भी पांच नए मरीज मिलने से दहशत फैल गई है। डेंगू संक्रमितों की संख्या बढ़कर 65 हो गई है।
जांच रिपोर्ट आने के बाद शुक्रवार को शहर व अमावां क्षेत्र में मिले जेई मरीजों के घर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने पहुंचकर जांच के साथ ही दवा का छिड़काव किया। डेंगू के मरीजों के घर भी टीम ने पहुंचकर मॉस कांटेक्ट अभियान के साथ ही एंटी लॉर्वा का छिड़काव किया।
शहर के सब्जी मंडी निवासी पीहू (2) व अमावां क्षेत्र के पहरेमऊ निवासी खुशी (40) को कई दिनों से बुखार आ रहा था। लक्षणों के आधार पर जिला अस्पताल की प्रयोगशाला में जांच कराई तो जेई रिपोर्ट पॉजिटिव आ गई।
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इसके अलावा शहर के फिरोज गांधी कॉलोनी निवासी पवन सेलवानी (31), इंदिरा नगर निवासी सौरभ यादव (17), आईटीआई निवासी दिव्यांशु (17), प्रकाश नगर निवासी नीरजा सिंह (48), न्यू प्रकाश नगर निवासी शिखा सिंह (29) डेंगू संक्रमित मिले हैं।
जांच रिपोर्ट आने के बाद सीएमओ के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मोहल्लों व गांवों पहुंचकर मॉस कांटेक्ट अभियान के साथ ही एंटी लॉर्वा का छिड़काव किया। मरीजों के परिवार के लोगों की सेहत भी जांची गई। जिला मलेरिया अधिकारी भीखुल्लाह ने बताया कि सभी मरीजों पर नजर रखी जा रही है। जेई और डेंगू के सभी मरीज स्वस्थ हैं। परिवार के लोग भी ठीक हैं।
जेई के लक्षण, उपचार और बचाव
जापानी इंसेफ्लाइटिस मच्छरों के काटने से फैलता है। सबसे ज्यादा बच्चे पीड़ित होते हैं। जेई संक्रमित व्यक्ति को तेज सिरदर्द, बुखार, उल्टी, दौरे और घबराहट होती है। जेई से बचने के लिए मच्छरों से बचाव करना चाहिए। इसके अलावा जेई का टीका लगवाना चाहिए। लक्षण प्रतीत होने पर चिकित्सक से सलाह जरूर लें। बिना सलाह के दवा का सेवन कतई न करें। समय से इलाज न कराने पर मरीज को दिक्कत हो सकती है।
डेंगू के कारण, लक्षण व उपचार
सिर दर्द, मांसपेशियों, हड्डियों और जोड़ों में दर्द, जी मिचलाना, उल्टी लगना, आंखों के पीछे दर्द, कान की ग्रंथियों में सूजन, त्वचा पर लाल चकत्ते होना आदि डेंगू के प्रमुख लक्षण हैं। लक्षणों में एक साधारण बुखार होता है और किशोरों एवं बच्चों में इसकी आसानी से पहचान नहीं की जा सकती। तेज बुखार भी आता है। घर के आसपास जमा साफ पानी में डेंगू के मच्छर पनपते हैं। किसी को भी लक्षण प्रतीत हों तो तुरंत नजदीक के अस्पताल पहुंचकर चिकित्सीय सलाह लें।
92 हजार लोगों की बनी स्लाइड, तीन को मलेरिया
जिला मलेरिया अधिकारी भीखुल्लाह ने बताया कि जिले में इस साल सभी सीएचसी और पीएचसी में मलेरिया की जांच के लिए 92,942 लोगों की अब तक जांच की गई। जांच में मात्र तीन लोग मलेरिया से ग्रसित मिले। मरीजों को अस्पताल से ही दवा देकर इलाज किया गया। उन्होंने बताया कि जिले में मलेरिया की जांच की सुविधा सभी सरकारी अस्पतालों में उपलब्ध है। आशंका होने पर कोई भी जांच करवा सकता है।
जेई के दो व डेंगू के पांच नए केस मिले हैं। मच्छरों का प्रकोप बढ़ने के कारण संक्रामक रोग बढ़े हैं। टीमें भेजी गई हैं। सभी मरीज घर पर हैं और स्वस्थ हैं। लोग मच्छरों के प्रकोप से बचें। लक्षण प्रतीत होने पर चिकित्सीय सलाह जरूर लें।
डॉ. वीरेंद्र सिंह, सीएमओ
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जांच रिपोर्ट आने के बाद शुक्रवार को शहर व अमावां क्षेत्र में मिले जेई मरीजों के घर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने पहुंचकर जांच के साथ ही दवा का छिड़काव किया। डेंगू के मरीजों के घर भी टीम ने पहुंचकर मॉस कांटेक्ट अभियान के साथ ही एंटी लॉर्वा का छिड़काव किया।
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शहर के सब्जी मंडी निवासी पीहू (2) व अमावां क्षेत्र के पहरेमऊ निवासी खुशी (40) को कई दिनों से बुखार आ रहा था। लक्षणों के आधार पर जिला अस्पताल की प्रयोगशाला में जांच कराई तो जेई रिपोर्ट पॉजिटिव आ गई।
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इसके अलावा शहर के फिरोज गांधी कॉलोनी निवासी पवन सेलवानी (31), इंदिरा नगर निवासी सौरभ यादव (17), आईटीआई निवासी दिव्यांशु (17), प्रकाश नगर निवासी नीरजा सिंह (48), न्यू प्रकाश नगर निवासी शिखा सिंह (29) डेंगू संक्रमित मिले हैं।
जांच रिपोर्ट आने के बाद सीएमओ के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मोहल्लों व गांवों पहुंचकर मॉस कांटेक्ट अभियान के साथ ही एंटी लॉर्वा का छिड़काव किया। मरीजों के परिवार के लोगों की सेहत भी जांची गई। जिला मलेरिया अधिकारी भीखुल्लाह ने बताया कि सभी मरीजों पर नजर रखी जा रही है। जेई और डेंगू के सभी मरीज स्वस्थ हैं। परिवार के लोग भी ठीक हैं।
जेई के लक्षण, उपचार और बचाव
जापानी इंसेफ्लाइटिस मच्छरों के काटने से फैलता है। सबसे ज्यादा बच्चे पीड़ित होते हैं। जेई संक्रमित व्यक्ति को तेज सिरदर्द, बुखार, उल्टी, दौरे और घबराहट होती है। जेई से बचने के लिए मच्छरों से बचाव करना चाहिए। इसके अलावा जेई का टीका लगवाना चाहिए। लक्षण प्रतीत होने पर चिकित्सक से सलाह जरूर लें। बिना सलाह के दवा का सेवन कतई न करें। समय से इलाज न कराने पर मरीज को दिक्कत हो सकती है।
डेंगू के कारण, लक्षण व उपचार
सिर दर्द, मांसपेशियों, हड्डियों और जोड़ों में दर्द, जी मिचलाना, उल्टी लगना, आंखों के पीछे दर्द, कान की ग्रंथियों में सूजन, त्वचा पर लाल चकत्ते होना आदि डेंगू के प्रमुख लक्षण हैं। लक्षणों में एक साधारण बुखार होता है और किशोरों एवं बच्चों में इसकी आसानी से पहचान नहीं की जा सकती। तेज बुखार भी आता है। घर के आसपास जमा साफ पानी में डेंगू के मच्छर पनपते हैं। किसी को भी लक्षण प्रतीत हों तो तुरंत नजदीक के अस्पताल पहुंचकर चिकित्सीय सलाह लें।
92 हजार लोगों की बनी स्लाइड, तीन को मलेरिया
जिला मलेरिया अधिकारी भीखुल्लाह ने बताया कि जिले में इस साल सभी सीएचसी और पीएचसी में मलेरिया की जांच के लिए 92,942 लोगों की अब तक जांच की गई। जांच में मात्र तीन लोग मलेरिया से ग्रसित मिले। मरीजों को अस्पताल से ही दवा देकर इलाज किया गया। उन्होंने बताया कि जिले में मलेरिया की जांच की सुविधा सभी सरकारी अस्पतालों में उपलब्ध है। आशंका होने पर कोई भी जांच करवा सकता है।
जेई के दो व डेंगू के पांच नए केस मिले हैं। मच्छरों का प्रकोप बढ़ने के कारण संक्रामक रोग बढ़े हैं। टीमें भेजी गई हैं। सभी मरीज घर पर हैं और स्वस्थ हैं। लोग मच्छरों के प्रकोप से बचें। लक्षण प्रतीत होने पर चिकित्सीय सलाह जरूर लें।
डॉ. वीरेंद्र सिंह, सीएमओ