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टीला ढहने से युवक और किशोरी की मौत
रायबरेली/ अमर उजाला ब्यूराे
Updated Mon, 29 May 2017 12:44 AM IST
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मौत
- फोटो : अमर उजाला
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गुरुबख्शगंज थाना क्षेत्र में रविवार सुबह मिट्टी का टीला ढहने से युवक और किशोरी की मौत हो गई। यह घटना उस समय हुई, जब मिट्टी की खोदाई करने तालाब के किनारे गए थे। मलबा हटाकर जब तक दोनों को बाहर निकाला जाता, तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
घटना की सूचना मिलने पर तहसीलदार और थानेदार ने घटनास्थल पर पहुंचकर हादसे की जांच की। जगेहटा मजरे केसरुवा गांव निवासी रविशंकर (18) पुत्र भगौती लोध और गांव की रहने वाली मनीषा (16) पुत्री अमृतलाल सुबह गांव स्थित तालाब किनारे मिट्टी खोदने गए थे।
साथ में गांव के अन्य लोग भी गए थे। बताते हैं कि मिट्टी खोदाई के दौरान अचानक टीला भरभराकर ढह गया। इसमें रविशंकर और मनीषा मलबे में दब गए, जबकि अन्य लोग बाल-बाल बच गए। सूचना मिलने पर अटौरा चौकी इंचार्ज विजय नारायण शुक्ला मौके पर पहुंचे।
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चौकी इंचार्ज ने ग्रामीणों की मदद से रविशंकर व मनीषा को बाहर निकाला, लेकिन तब तक दोनों की मौत हो चुकी थी। सदर तहसीलदार सौरभ शुक्ला और थानेदार जेपी यादव मौके पर पहुंचे। तहसीलदार ने पीड़ित परिवार से मुलाकात की और ढांढस बंधाया।
साथ ही पीड़ित परिवार को हर संभव मदद दिलाने का भरोसा दिया। थानेदार का कहना है कि टीला ढहने से युवक व किशोरी की मौत हुई है। रविशंकर और मनीषा की मौत से परिवारीजनों के आंसू नहीं थम रहे हैं। मृतक रविशंकर की मां सरस्वती बेटे को याद करके रो पड़ती है।
वह कहती है कि ये सब क्या हो गया। रविशंकर मजदूरी करता था। वहीं मनीषा कक्षा नौ की छात्रा थी। वह जूनियर हाईस्कूल नरपतगंज में पढ़ाई करती थी। मनीषा की मौत से मां राजरानी के आंसू नहीं थम रहे हैं।
तालाब के किनारे की मिट्टी मजबूत होती है। इसलिए गांव के लोग तालाब के किनारे की मिट्टी की अक्सर खोदाई करते हैं। यह मिट्टी घरों की पोताई और दीवार बनाने के काम आती है। खोदाई करने की वजह से तालाब के किनारे गहरा गड्ढा और ऊपर से पोला हो गया था। यही वजह रही कि खोदाई करने के दौरान टीला ढह गया और हादसा हो गया।
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घटना की सूचना मिलने पर तहसीलदार और थानेदार ने घटनास्थल पर पहुंचकर हादसे की जांच की। जगेहटा मजरे केसरुवा गांव निवासी रविशंकर (18) पुत्र भगौती लोध और गांव की रहने वाली मनीषा (16) पुत्री अमृतलाल सुबह गांव स्थित तालाब किनारे मिट्टी खोदने गए थे।
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साथ में गांव के अन्य लोग भी गए थे। बताते हैं कि मिट्टी खोदाई के दौरान अचानक टीला भरभराकर ढह गया। इसमें रविशंकर और मनीषा मलबे में दब गए, जबकि अन्य लोग बाल-बाल बच गए। सूचना मिलने पर अटौरा चौकी इंचार्ज विजय नारायण शुक्ला मौके पर पहुंचे।
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चौकी इंचार्ज ने ग्रामीणों की मदद से रविशंकर व मनीषा को बाहर निकाला, लेकिन तब तक दोनों की मौत हो चुकी थी। सदर तहसीलदार सौरभ शुक्ला और थानेदार जेपी यादव मौके पर पहुंचे। तहसीलदार ने पीड़ित परिवार से मुलाकात की और ढांढस बंधाया।
साथ ही पीड़ित परिवार को हर संभव मदद दिलाने का भरोसा दिया। थानेदार का कहना है कि टीला ढहने से युवक व किशोरी की मौत हुई है। रविशंकर और मनीषा की मौत से परिवारीजनों के आंसू नहीं थम रहे हैं। मृतक रविशंकर की मां सरस्वती बेटे को याद करके रो पड़ती है।
वह कहती है कि ये सब क्या हो गया। रविशंकर मजदूरी करता था। वहीं मनीषा कक्षा नौ की छात्रा थी। वह जूनियर हाईस्कूल नरपतगंज में पढ़ाई करती थी। मनीषा की मौत से मां राजरानी के आंसू नहीं थम रहे हैं।
तालाब के किनारे की मिट्टी मजबूत होती है। इसलिए गांव के लोग तालाब के किनारे की मिट्टी की अक्सर खोदाई करते हैं। यह मिट्टी घरों की पोताई और दीवार बनाने के काम आती है। खोदाई करने की वजह से तालाब के किनारे गहरा गड्ढा और ऊपर से पोला हो गया था। यही वजह रही कि खोदाई करने के दौरान टीला ढह गया और हादसा हो गया।