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पिछले चुनाव से इस बार तीन गुना बढ़ गए क्रिटिकल मतदान केंद्र
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रायबरेली। विधानसभा चुनाव-2017 के मुकाबले इस बार के विधानसभा चुुनाव में संवेदनशील मतदान केंद्रों की संख्या तीन गुना से ज्यादा है।
जिन मतदान केेंद्रों पर झगड़ा या फिर बूथ कैप्चरिंग की घटनाएं पिछले चुनावों में हुई हैं या फिर ऐसे मतदान केंद्र, जहां पर मतदाता फोटो पहचान पत्र शत-प्रतिशत उपलब्ध नहीं हैं, उन मतदान केंद्रों को संवेदनशील मतदान केंद्रों की श्रेणी में रखा गया है।
पहले इन केंद्रों को अति संवेदनशील केंद्रों के नाम से जाना जाता था, लेकिन अब इन मतदान केेंद्रों को संवेदनशील मतदान केंद्रों की श्रेणी में रखा गया है। सकुशल चुनाव कराने के लिए इन मतदान केेंद्रों की वीडियोग्राफी भी कराई जाएगी।
चुनाव आयोग से मिली जानकारी के मुताबिक वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में संवेदनशील मतदान केेंद्रों की संख्या 44, जबकि बूथों की संख्या 47 थी।
2019 के लोकसभा चुनाव में संवेदनशील मतदान केंद्रों की संख्या 121, जबकि बूथों की संख्या 246 है। 2022 के विधानसभा चुनाव में इस बार संवेदनशील मतदान केंद्रों की संख्या 174, जबकि क्रिटिकल बूथों की संख्या 325 है।
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चुनाव से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि चुनाव की विशेष निगरानी के लिए इस बार संवेदनशील मतदान केंद्रों की संख्या और बढ़ा दी गई है। इन मतदान केंद्रों की वीडियोग्राफी भी कराई जाएगी।
एसडीएम एवं चुनाव सेल प्रभारी सुभाषचंद्र यादव का कहना है कि संवेदनशील मतदान केेंद्रों पर चुनाव की विशेष निगरानी कराई जाएगी। पिछले विधानसभा चुनाव से इस बार ज्यादा मतदान केंद्रों को संवेदनशील मतदान केंद्रों की श्रेणी में रखा गया है।
विधानसभा संवेदनशील मतदान केंद्र (2022) संवेदनशील मतदान केेंद्र (2017)
बछरावां 22 -
हरचंदपुर 52 1
रायबरेली 23 22
सलोन 27 3
सरेनी 26 18
ऊंचाहार 24 -
कुल 174 44
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जिन मतदान केेंद्रों पर झगड़ा या फिर बूथ कैप्चरिंग की घटनाएं पिछले चुनावों में हुई हैं या फिर ऐसे मतदान केंद्र, जहां पर मतदाता फोटो पहचान पत्र शत-प्रतिशत उपलब्ध नहीं हैं, उन मतदान केंद्रों को संवेदनशील मतदान केंद्रों की श्रेणी में रखा गया है।
पहले इन केंद्रों को अति संवेदनशील केंद्रों के नाम से जाना जाता था, लेकिन अब इन मतदान केेंद्रों को संवेदनशील मतदान केंद्रों की श्रेणी में रखा गया है। सकुशल चुनाव कराने के लिए इन मतदान केेंद्रों की वीडियोग्राफी भी कराई जाएगी।
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चुनाव आयोग से मिली जानकारी के मुताबिक वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में संवेदनशील मतदान केेंद्रों की संख्या 44, जबकि बूथों की संख्या 47 थी।
2019 के लोकसभा चुनाव में संवेदनशील मतदान केंद्रों की संख्या 121, जबकि बूथों की संख्या 246 है। 2022 के विधानसभा चुनाव में इस बार संवेदनशील मतदान केंद्रों की संख्या 174, जबकि क्रिटिकल बूथों की संख्या 325 है।
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चुनाव से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि चुनाव की विशेष निगरानी के लिए इस बार संवेदनशील मतदान केंद्रों की संख्या और बढ़ा दी गई है। इन मतदान केंद्रों की वीडियोग्राफी भी कराई जाएगी।
एसडीएम एवं चुनाव सेल प्रभारी सुभाषचंद्र यादव का कहना है कि संवेदनशील मतदान केेंद्रों पर चुनाव की विशेष निगरानी कराई जाएगी। पिछले विधानसभा चुनाव से इस बार ज्यादा मतदान केंद्रों को संवेदनशील मतदान केंद्रों की श्रेणी में रखा गया है।
विधानसभा संवेदनशील मतदान केंद्र (2022) संवेदनशील मतदान केेंद्र (2017)
बछरावां 22 -
हरचंदपुर 52 1
रायबरेली 23 22
सलोन 27 3
सरेनी 26 18
ऊंचाहार 24 -
कुल 174 44