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आदेश ठेंगे पर, बिना हेल्मेट फर्राटा भर रहे बाइकर्स
अमर उजाला ब्यूरो/ रायबरेली
Updated Sat, 25 Jun 2016 12:44 AM IST
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बिना हेल्मेट लगाए मोटरसाइकिल चलाते लोग।
- फोटो : अमर उजाला
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ज्यादातर सड़क हादसों में बाइकर्स की जान इसलिए बच जाती है क्योंकि वे हेल्मेट पहने रहते हैं। अधिक से अधिक लोगों की हादसे में जान बचाने के लिए दो पाहिया वाहन चालकों को हेल्मेट लगाने का दबाव बनाया गया है।
इसके लिए आदेश भी आए, लेकिन आदेश को सभी ने ठेंगे पर रखा है। जब पुलिस वाले ही आदेश को न मानकर बिना हेल्मेट से बाइक से फर्राटा भर रहे हैं तो युवक युवतियां कहां से आदेश को मानें। हर महीने सड़कों वाहनों का चालान बिना हेल्मेट के होता है, लेकिन इसका कोई असर नहीं पड़ रहा है।
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में उत्तर प्रदेश मोटरयान नियमावली में संशोधन के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है। बाइक, स्कूटर/स्कूटी, मोपेड राइडर्स के साथ ही अब पीछे की सीट पर बैठने वाले को भी सुरक्षा के लिहाज से हेल्मेट पहनना जरूरी होगा।
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इसका उल्लंघन करने वालों पर जुर्माना लगेगा। खास बात यह कि दोपहिया वाहन चालकों पर पुलिस हेल्मेट पहनने का दबाव नहीं बना पा रही है। ऊपर से अब सहसवार को भी हेलमेट पहनने को प्रेरित कर पाना यातायात पुलिस के लिए टेढ़ी खीर साबित होगा।
शहर में जिस भी सड़क पर देखो बिना हेल्मेट के लिए बाइकर्स आ जा रहे हैं। कहीं त्रिपलिंग तो कहीं दो लोग बाइक से बिना हेल्मेट के घूम रहे हैं। पुलिस वालों को भी हेल्मेट लगाने की सुधि नहीं रहती है। वे भी बिना हेल्मेट ही घूमते रहते हैं।
हर रोज जिले में वाहन चेकिंग अभियान चलाकर बिना हेल्मेट व अन्य कारणों से बाइकों का चालान किया जाता है। हर महीने सैकड़ों वाहनों का चालान होता है, लेकिन पुलिस हेल्मेट को अनिवार्य नहीं कर पा रही है।
एक साल में 200 से अधिक दोपहिया वाहन चालकों की मौतें हो चुकी हैं। हादसों में मरने वाले आधे से अधिक बाइकर्स ने हेल्मेट नहीं पहना था। हेल्मेट की वजह से सिर पर चोट नहीं लगती, जिससे बचने की उम्मीद ज्यादा रहती है।
सिर पर चोट लगने के कारण ज्यादा मौतें हो जाती हैं। बिना हेल्मेट के हादसों में मौतों की संख्या अधिक बढ़ने के कारण ही प्रदेश सरकार ने हेल्मेट को अनिवार्य करने का प्रयास किया है।
दो पाहिया वाहन चलाने वाले युवक व युवतियां हेल्मेट की अनिवार्यता को प्रभावी ढंग से लागू कराने की बात कह रहे हैं। संजना का कहना है कि आदेश तो बहुत होते हैं, लेकिन उनका सही ढंग से अनुपालन नहीं होता है। इसका कड़ाई से पालन होना चाहिए।
शिल्पी का कहना है कि हेल्मेट जिंदगी को बचाने के लिए बहुत जरूरी है। बिना हेल्मेट लगाए बाइक नहीं चलाना चाहिए। सुशील कुमार का कहना है कि प्रदेश सरकार का निर्णय बहुत अच्छा है, लेकिन पुलिस को इसका कड़ाई से अनुपालन कराना चाहिए, तभी सरकार की मंशा पूरी हो सकेगी।
अजय अवस्थी का कहना है कि जिंदगी के लिए हेल्मेट जरूरी है। सभी लोग बिना हेल्मेट लगाए वाहन न चलाएं।
एसपी हरिनारायण सिंह ने बताया कि रोज अभियान चलाकर दो पहिया वाहनों को चेक किया जाता है। बिना हेल्मेट के मिलने वाले वाहनों का चालान किया जाता है। शासन से जो आदेश आएगा, उसका कड़ाई से अनुपालन कराया जाएगा।
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इसके लिए आदेश भी आए, लेकिन आदेश को सभी ने ठेंगे पर रखा है। जब पुलिस वाले ही आदेश को न मानकर बिना हेल्मेट से बाइक से फर्राटा भर रहे हैं तो युवक युवतियां कहां से आदेश को मानें। हर महीने सड़कों वाहनों का चालान बिना हेल्मेट के होता है, लेकिन इसका कोई असर नहीं पड़ रहा है।
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मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में उत्तर प्रदेश मोटरयान नियमावली में संशोधन के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है। बाइक, स्कूटर/स्कूटी, मोपेड राइडर्स के साथ ही अब पीछे की सीट पर बैठने वाले को भी सुरक्षा के लिहाज से हेल्मेट पहनना जरूरी होगा।
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इसका उल्लंघन करने वालों पर जुर्माना लगेगा। खास बात यह कि दोपहिया वाहन चालकों पर पुलिस हेल्मेट पहनने का दबाव नहीं बना पा रही है। ऊपर से अब सहसवार को भी हेलमेट पहनने को प्रेरित कर पाना यातायात पुलिस के लिए टेढ़ी खीर साबित होगा।
शहर में जिस भी सड़क पर देखो बिना हेल्मेट के लिए बाइकर्स आ जा रहे हैं। कहीं त्रिपलिंग तो कहीं दो लोग बाइक से बिना हेल्मेट के घूम रहे हैं। पुलिस वालों को भी हेल्मेट लगाने की सुधि नहीं रहती है। वे भी बिना हेल्मेट ही घूमते रहते हैं।
हर रोज जिले में वाहन चेकिंग अभियान चलाकर बिना हेल्मेट व अन्य कारणों से बाइकों का चालान किया जाता है। हर महीने सैकड़ों वाहनों का चालान होता है, लेकिन पुलिस हेल्मेट को अनिवार्य नहीं कर पा रही है।
एक साल में 200 से अधिक दोपहिया वाहन चालकों की मौतें हो चुकी हैं। हादसों में मरने वाले आधे से अधिक बाइकर्स ने हेल्मेट नहीं पहना था। हेल्मेट की वजह से सिर पर चोट नहीं लगती, जिससे बचने की उम्मीद ज्यादा रहती है।
सिर पर चोट लगने के कारण ज्यादा मौतें हो जाती हैं। बिना हेल्मेट के हादसों में मौतों की संख्या अधिक बढ़ने के कारण ही प्रदेश सरकार ने हेल्मेट को अनिवार्य करने का प्रयास किया है।
दो पाहिया वाहन चलाने वाले युवक व युवतियां हेल्मेट की अनिवार्यता को प्रभावी ढंग से लागू कराने की बात कह रहे हैं। संजना का कहना है कि आदेश तो बहुत होते हैं, लेकिन उनका सही ढंग से अनुपालन नहीं होता है। इसका कड़ाई से पालन होना चाहिए।
शिल्पी का कहना है कि हेल्मेट जिंदगी को बचाने के लिए बहुत जरूरी है। बिना हेल्मेट लगाए बाइक नहीं चलाना चाहिए। सुशील कुमार का कहना है कि प्रदेश सरकार का निर्णय बहुत अच्छा है, लेकिन पुलिस को इसका कड़ाई से अनुपालन कराना चाहिए, तभी सरकार की मंशा पूरी हो सकेगी।
अजय अवस्थी का कहना है कि जिंदगी के लिए हेल्मेट जरूरी है। सभी लोग बिना हेल्मेट लगाए वाहन न चलाएं।
एसपी हरिनारायण सिंह ने बताया कि रोज अभियान चलाकर दो पहिया वाहनों को चेक किया जाता है। बिना हेल्मेट के मिलने वाले वाहनों का चालान किया जाता है। शासन से जो आदेश आएगा, उसका कड़ाई से अनुपालन कराया जाएगा।