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जिला कारागार में बंदियों के दो गुटों में टकराव
अमर उजाला ब्यूरो/ रायबरेली
Updated Mon, 06 Jun 2016 01:19 AM IST
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जिला कारागार के अंदर बंदियों के बीच चल रही गुटबाजी रविवार को खुलकर सामने आ गई। मामूली सी बात को लेकर बंदियों के दो गुट आमने-सामने आ गए। एक दूसरे को लात-घूंसों से जमकर पीटा। इसमें चार बंदियों को चोटें आई हैं।
बैरक में एक बंदी के चले जाने पर दो गुटों में टकराव हुआ। विवाद के चलते काफी देर अफरातफरी रही। जेल अधीक्षक ने मामला शांत कराया। पूरे मामले से जेल उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया गया है।
जानकारी के मुताबिक जिला कारागार के बैरक नंबर एक में एक साधारण बंदी चला गया था। इसी को लेकर बंदियों के दो गुटों में टकराव हो गया। देखते ही देखते दोनों तरफ से लात-घूंसे चलने लगे। अलार्म बजाते ही बंदी रक्षक पहुंच गए।
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उन्होंने बीच-बचाव किया, लेकिन सभी एक दूसरे की पिटाई करते रहे। सूचना पर जेल अधीक्षक अमिता दुबे समेत अन्य स्टाफ पहुंच गया। किसी तरह बंदियों को काबू में किया गया। विवाद की सूचना पुलिस को भी नहीं दी गई।
जेल अधीक्षक ने बताया कि मामूली सी बात को लेकर बंदियों के दो गुटों में मारपीट हुई थी। इसमें बंदी आशीष तिवारी, बृजेश तिवारी, उमर हयाद और मनीष मिश्रा को हल्की चोटें आई हैं। उन्होंने बताया कि पूरे प्रकरण से उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया गया है।
उच्चाधिकारियों के दिशा-निर्देश पर आगे की कार्रवाई होगी। बंदियों के दो गुटों में तनाव को देखते हुए उन पर नजर रखी जा रही है, ताकि फिर कोई विवाद न होने पाए। जेल में पूरी तरह से सब कुछ सामान्य है।
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बैरक में एक बंदी के चले जाने पर दो गुटों में टकराव हुआ। विवाद के चलते काफी देर अफरातफरी रही। जेल अधीक्षक ने मामला शांत कराया। पूरे मामले से जेल उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया गया है।
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जानकारी के मुताबिक जिला कारागार के बैरक नंबर एक में एक साधारण बंदी चला गया था। इसी को लेकर बंदियों के दो गुटों में टकराव हो गया। देखते ही देखते दोनों तरफ से लात-घूंसे चलने लगे। अलार्म बजाते ही बंदी रक्षक पहुंच गए।
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उन्होंने बीच-बचाव किया, लेकिन सभी एक दूसरे की पिटाई करते रहे। सूचना पर जेल अधीक्षक अमिता दुबे समेत अन्य स्टाफ पहुंच गया। किसी तरह बंदियों को काबू में किया गया। विवाद की सूचना पुलिस को भी नहीं दी गई।
जेल अधीक्षक ने बताया कि मामूली सी बात को लेकर बंदियों के दो गुटों में मारपीट हुई थी। इसमें बंदी आशीष तिवारी, बृजेश तिवारी, उमर हयाद और मनीष मिश्रा को हल्की चोटें आई हैं। उन्होंने बताया कि पूरे प्रकरण से उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया गया है।
उच्चाधिकारियों के दिशा-निर्देश पर आगे की कार्रवाई होगी। बंदियों के दो गुटों में तनाव को देखते हुए उन पर नजर रखी जा रही है, ताकि फिर कोई विवाद न होने पाए। जेल में पूरी तरह से सब कुछ सामान्य है।