बैंक और डीआईओएस कार्यालय के कर्मचारियों पर दर्ज होगा केस
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जिला विद्यालय निरीक्षक के खाता में माध्यमिक शिक्षा विभाग का अरबों का बजट आता है। यह बजट कई मदों का होता है। वर्ष 2013 से जालसाजों ने सांठगांठ कर एसबीआई चौबेपुर, कानपुर में गजेनपुर मालव चौबेपुर निवासी भानु प्रताप सिंह पुत्र बदाम सिंह नाम से फर्जी खाता खोलकर अलग-अलग नंबरों की चेक चोरी करके पूर्व डीआईओएस पन्नाराम और वर्तमान डीआइओएस डॉ विनय मोहन वन के फर्जी हस्ताक्षर कर करीब 15 लाख 10 हजार 800 रुपये निकाल लिए।
इसका खुलासा तब हुआ जब फर्जी चेक को डिस ऑनर होकर खाता धारक के घर भेज दिया गया। खाता धारक ने सीबीआई को पत्र लिखकर इसकी शिकायत की। सीबीआई ने पूरे मामले के स्टेट ऑफ इंडिया के डीजीएम विजिलेंस एके गौतम को जांच के निर्देश दिए।
12 जुलाई को डीजीएम विजिलेंस एके गौतम ने डीआईओएस कार्यालय पहुंचकर जांच शुरू की, तो कर्मचारियों के होश उड़ गए। निकाले गए 15.10 लाख किस मद का है, इसका पता नहीं लग सका। मामले में डीएम ने बैंक और डीआईओएस कार्यालय की संलिप्तता मानते हुए दोनाें विभागों के कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर के आदेश दिए हैं।
डीएम अनुज कुमार झा ने बताया डीआईओएस के खाता से 15.10 लाख रुपये निकालने का मामला गंभीर है। इसमें प्रथम दृष्टया बैंक और डीआईओएस कार्यालय के कर्मचारियों की संलिप्तता सामने आ रही है।
2013 से अब तक बैंक और डीआईओएस कार्यालय में तैनात कर्मचारियों के खिलाफ जांच कर एफआईआर के आदेश सदर कोतवाली को दे दिए गए हैं।