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सलोन तहसील क्षेत्र में आंधी-पानी का कहर
Updated Fri, 05 Oct 2018 01:05 AM IST
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सलोन (रायबरेली)। तहसील क्षेत्र के एक हिस्से में गुरुवार शाम अचानक मौसम के बदले मिजाज से लोग अचरज में पड़ गए। यहां झमाझम बारिश के साथ ओले गिरने से भगदड़ मच गई।
तेज हवा व बारिश से खेतों में खड़ी 80 फीसदी धान की फसल गिर गई। जबकि करीब तीन दर्जन से अधिक पेड़ ढह गए। इसमें दो छात्राओं समेत चार लोग घायल हो गए।
एक छात्रा को गंभीर हालत में लखनऊ ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया है। हाईवे पर पेड़ गिरने से आवागमन भी ठप रहा। तीन लोगों के घर भी बारिश व आंधी के कारण ढह गए। करीब 50 लाख से ज्यादा के नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है।
दोपहर बाद अचानक मौसम का मिजाज बदल गया। शाम चार बजे देखते ही देखते आसमान में काले बादल छा गए। तेज बारिश के साथ आंधी चलने लगी।
बारिश के साथ ही ओले भी गिरने लगे। इससे लोगों में हड़कंप मच गया। हालांकि क्षेत्र के पूर्वी हिस्से में ही आंधी-पानी की तबाही दिखी। गोपालपुर निवासी निशा (9), कोमल (12) कान्ह शिक्षा निकेतन में पढ़ाई के बाद घर जा रही थी।
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रास्ते में पेड़ उन पर गिर गया। इससे निशा को सिर पर चोटें आईे, जबकि कोमल का जबड़ा टूट गया। निशा को सीएचसी पहुंचाया गया, जबकि कोमल को लखनऊ ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया गया।
कान्हपुर निवासी सत्यनारायण (55) के पैर में फैक्चर हो गया। वहीं कान्हपुर गांव में राम अधार, चंद्रपाल वर्मा, महाबली के घर गिर गए। नूरुद्दीनपुुर गांव में पूनम (16) छत से गिरकर घायल हो गई।
रायबरेली-प्रतापगढ़ राजमार्ग पर कमालगंज से साहबगंज के बीच तीन पेड़ गिर गए। इससे कुछ देर आवागमन प्रभावित रहा। इसके अलावा अन्य स्थानों पर भी पेड़ धराशायी हो गए।
कान्हपुर, कमालुद्दीन, करहिया, साहबगंज, नुरुद्दीनुपुर समेत अन्य गांवों में 80 फीसदी धान की फसल बर्बाद हो गई है। बसंतपुर निवासी बबलू सिह का चार बीघा, माता प्रसाद का पांच बीघा, गुलाब सिंह का चार बीघा, नानक सिह का छह बीघा, दिनेश सिह का तीन बीघा, देव प्रताप का चार बीघा व ब्रजपाल सिह का दो बीघा आदि किसानों की सैकड़ों बीघा धान की खड़ी फस बर्बाद हो गई।
किसानों ने बताया कि गुरुवार शाम चार बजे मौसम ने अपना रंग बदला और देखते ही देखते आंधी-पानी के साथ बड़े, बड़े ओले गिरने लगे, जिससे भारी नुकसान हुआ। जिले के अन्य इलाकों में भी आंधी के साथहल्की बूंदाबांदी हुई।
नुकसान का आकलन कराया जा रहा : एसडीएम
क्षेत्र में आंधी-पानी के साथ ओले गिरे हैं। राजस्व टीम को भेजकर नुकसान का आकलन कराया जा रहा है। रिपोर्ट के आधार पर पीड़ितों को सरकारी मदद दिलाई जाएगी।
आशीष सिंह, उपजिलाधिकारी, सलोन
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तेज हवा व बारिश से खेतों में खड़ी 80 फीसदी धान की फसल गिर गई। जबकि करीब तीन दर्जन से अधिक पेड़ ढह गए। इसमें दो छात्राओं समेत चार लोग घायल हो गए।
एक छात्रा को गंभीर हालत में लखनऊ ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया है। हाईवे पर पेड़ गिरने से आवागमन भी ठप रहा। तीन लोगों के घर भी बारिश व आंधी के कारण ढह गए। करीब 50 लाख से ज्यादा के नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है।
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दोपहर बाद अचानक मौसम का मिजाज बदल गया। शाम चार बजे देखते ही देखते आसमान में काले बादल छा गए। तेज बारिश के साथ आंधी चलने लगी।
बारिश के साथ ही ओले भी गिरने लगे। इससे लोगों में हड़कंप मच गया। हालांकि क्षेत्र के पूर्वी हिस्से में ही आंधी-पानी की तबाही दिखी। गोपालपुर निवासी निशा (9), कोमल (12) कान्ह शिक्षा निकेतन में पढ़ाई के बाद घर जा रही थी।
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रास्ते में पेड़ उन पर गिर गया। इससे निशा को सिर पर चोटें आईे, जबकि कोमल का जबड़ा टूट गया। निशा को सीएचसी पहुंचाया गया, जबकि कोमल को लखनऊ ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया गया।
कान्हपुर निवासी सत्यनारायण (55) के पैर में फैक्चर हो गया। वहीं कान्हपुर गांव में राम अधार, चंद्रपाल वर्मा, महाबली के घर गिर गए। नूरुद्दीनपुुर गांव में पूनम (16) छत से गिरकर घायल हो गई।
रायबरेली-प्रतापगढ़ राजमार्ग पर कमालगंज से साहबगंज के बीच तीन पेड़ गिर गए। इससे कुछ देर आवागमन प्रभावित रहा। इसके अलावा अन्य स्थानों पर भी पेड़ धराशायी हो गए।
कान्हपुर, कमालुद्दीन, करहिया, साहबगंज, नुरुद्दीनुपुर समेत अन्य गांवों में 80 फीसदी धान की फसल बर्बाद हो गई है। बसंतपुर निवासी बबलू सिह का चार बीघा, माता प्रसाद का पांच बीघा, गुलाब सिंह का चार बीघा, नानक सिह का छह बीघा, दिनेश सिह का तीन बीघा, देव प्रताप का चार बीघा व ब्रजपाल सिह का दो बीघा आदि किसानों की सैकड़ों बीघा धान की खड़ी फस बर्बाद हो गई।
किसानों ने बताया कि गुरुवार शाम चार बजे मौसम ने अपना रंग बदला और देखते ही देखते आंधी-पानी के साथ बड़े, बड़े ओले गिरने लगे, जिससे भारी नुकसान हुआ। जिले के अन्य इलाकों में भी आंधी के साथहल्की बूंदाबांदी हुई।
नुकसान का आकलन कराया जा रहा : एसडीएम
क्षेत्र में आंधी-पानी के साथ ओले गिरे हैं। राजस्व टीम को भेजकर नुकसान का आकलन कराया जा रहा है। रिपोर्ट के आधार पर पीड़ितों को सरकारी मदद दिलाई जाएगी।
आशीष सिंह, उपजिलाधिकारी, सलोन