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गंगा के दूषित पानी से मर रही मछलियां

Thu, 07 Jun 2018 12:16 AM IST
Updated Thu, 07 Jun 2018 12:16 AM IST
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गंगा के दूषित पानी से मर रही मछलियां
गंगा में फिर मरी सैकड़ों मछलियां
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डलमऊ (रायबरेली)। गंगा नदी में मछलियों के मरने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। डलमऊ के गंगा घाटों पर बुधवार को सैकड़ों मरी मछलियां मिलने से हड़कंप मच गया।


घाटों पर इनका ढेर लगा है। ये मछलियां यहीं पर मरी हैं या फिर किसी दूसरे इलाके से बहकर यहां आई हैं, इसका पता नहीं चल सका है।


दो माह बाद मछलियों की इतनी बढ़ी संख्या में मरने से क्षेत्रवासियों में अफरातफरी मची है। वहीं इन मछलियों की खुलेआम बिक्री से बीमारियों के फैलने का खतरा बढ़ गया है।
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गंगा नदी में इन दिनों पानी बहुत कम है। साथ ही पानी पर तैलीय पदार्थ बह रहा है, जो किसी फैक्ट्री का केमिकल माना जा रहा है। मछलियों के मरने की वजह इसे ही माना जा रहा है।
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करीब दो महीने पहले भी इसी तरह गंगा तटों पर मरी हुई मछलियों के ढेर लग गए थे। करीब एक सप्ताह तक यह सिलसिला चला था।


इधर डेढ़ महीने से मछलियों के मरने की घटनाएं थमी थीं, लेकिन एकाएक दो दिन से फिर गंगा तट पर मरी हुईड्ड मछलियों के ढेर लग गए।


गंगा सभा अध्यक्ष बब्बू पंडा, पुकुम पंडा, भारती शरण द्विवेदी, अजय कुमार, दिलीप कुमार, संदीप मिश्रा के अलावा कई पुरोहितों ने बताया कि मछलियों के मरने की वजह गंगा नदी में पानी की कमी भी हो सकती है।



फिलहाल इस समय गंगा में प्रदूषण बहुत अधिक है। इससे मछलियों के साथ ही दूसरे जीव-जंतु भी नष्ट हो सकते हैं। वहीं पर्यावरणविदें की मानें तो क्षेत्र के कई नालों का गंदा पानी नदी में जा रहा है। इससे नदी प्रदूषित हो रही है। इन्हीं के चलते मछलियों की मौत हो रही है।
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