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ट्रेलर की चपेट में आकर दो की मौत, एक घायल
Updated Thu, 13 Dec 2018 12:01 AM IST
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लालगंज (रायबरेली)। लालगंज-फतेहपुर मार्ग स्थित सेमरपहा गांव में बुधवार सुबह एक अनियंत्रित ट्रेलर की चपेट में आकर तीन लोग घायल हो गए।
आसपास के लोगों की मदद से घायलों को सीएचसी लाया गया, जहां से उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। इनमें से दो की मौत हो गई।
उधर, मौत की सूचना मिलते ही ग्रामीण भड़क गए और लालगंज-फतेपुर मार्ग पर जाम लगा दिया। करीब एक घंटे तक हंगामा चला। बाद में एसडीएम के समझाने पर लोगों का गुस्सा शांत हो सका।
कोतवाली क्षेत्र के सेमरपहा गांव निवासी गंगाप्रसाद सोनकर (35) पुत्र सोनेलाल, आशीष सोनकर (12) पुत्र जमुना प्रसाद फल बेचते थे।
बुधवार को नरपतगंज गांव में लगने वाले मेले में दोनों को फल का ठेला लगाना था। सुबह आठ बजे गांव के ही विमलेश सोनकर के तांगे में ठेला व फल लादकर दोनों नरपतगंज गांव जाने के लिए निकले थे।
उधर, एक ट्रेलर (आरजे 47 जी 1617) लालगंज से आंवला लादकर फतेहपुर की ओर जा रहा था। तभी प्राथमिक विद्यालय सेमरपहा के निकट ट्रेलर अनियंत्रित होकर तांगे को ठोकर मारता हुए एक गुमटी में जा घुसा।
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इस दौरान अनियंत्रित हुए ट्रक ने कई खंभों को क्षतिग्रस्त कर दिया। हादसे की जानकारी लगते ही ग्रामीण एकजुट हो गए और तांगे पर सवार तीनों घायलों को सीएचसी पहुंचाया।
जहां से उन्हें गंभीर हालत में जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। बताते हैं कि जिला अस्पताल में इलाज के दौरान गंगाप्रसाद की मौत हो गई।
जबकि लखनऊ ट्रॉमा सेंटर ले जाते समय आशीष ने बछरावां के निकट दम तोड़ दिया। वहीं विमलेश की हालत गंभीर बताई जा रही है। हादसे में घोड़े की मौके पर ही मौत हो गई थी।
उधर, मौत की सूचना परिवारीजनों व ग्रामीणों को मिली तो लोग आक्रोशित हो उठे। परिवारीजनों ने ग्रामीणों के साथ मिलकर लालगंज-फतेहपुर मार्ग जाम कर दिया।
इससे वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। सूचना मिलने पर पुलिस व एसडीएम सुरेश कुमार सोनी मौके पर पहुंचे। एसडीएम ने मृतक के परिवारीजनों को जमीन व आर्थिक सहायता दिलाने का आश्वासन दिया।
इसके बाद लोगों का गुस्सा शांत हुआ। प्रभारी निरीक्षक संजय मौर्य ने बताया कि मृतक गंगाप्रसाद के पिता सोनेलाल की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। ट्रेलर को कब्जे में ले लिया गया है।
राहत कार्य में दो घंटे प्रभावित रहा यातायात
दुर्घटना के बाद रोड पर आंवला और फल बिखर गए थे। लोग ट्रेलर के नीचे कुछ लोगों के दबे होने के कयास लगा रहे थे। इसलिए पुलिस ने दो हाइड्रा मंगाकर राहत कार्य शुरू किया।
मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। राहत कार्य करीब दो घंटे तक चला। ट्रेलर हटने के बाद वहां कोई नहीं मिला। जिसके बाद आवागमन सुचारु हो सका।
दो मौतों से गांव में छाया मातम
गांव के दोनों लोग रोजी-रोटी के लिए मेले में फल बेचने के लिए जा रहे थे। लेकिन उन्हें क्या पता था कि घर से निकलते ही उन्हें मौत घेर लेगी। दो मौतों से गांव में मातम छाया हुआ है। परिवारीजन दहाड़े मार-मारकर रो रहे हैं। मृतक गंगाप्रसाद दो भाई जमुना, शिवलोचन व तीन बहन संगीता, अनीता, शीला, पत्नी कंचन व मां महराना हैं। मृतक आशीष के एक भाई मनीष, एक बहन प्रीति व मां अनीता हैं। दोनों मृतकों के परिवारीजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
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आसपास के लोगों की मदद से घायलों को सीएचसी लाया गया, जहां से उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। इनमें से दो की मौत हो गई।
उधर, मौत की सूचना मिलते ही ग्रामीण भड़क गए और लालगंज-फतेपुर मार्ग पर जाम लगा दिया। करीब एक घंटे तक हंगामा चला। बाद में एसडीएम के समझाने पर लोगों का गुस्सा शांत हो सका।
कोतवाली क्षेत्र के सेमरपहा गांव निवासी गंगाप्रसाद सोनकर (35) पुत्र सोनेलाल, आशीष सोनकर (12) पुत्र जमुना प्रसाद फल बेचते थे।
बुधवार को नरपतगंज गांव में लगने वाले मेले में दोनों को फल का ठेला लगाना था। सुबह आठ बजे गांव के ही विमलेश सोनकर के तांगे में ठेला व फल लादकर दोनों नरपतगंज गांव जाने के लिए निकले थे।
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उधर, एक ट्रेलर (आरजे 47 जी 1617) लालगंज से आंवला लादकर फतेहपुर की ओर जा रहा था। तभी प्राथमिक विद्यालय सेमरपहा के निकट ट्रेलर अनियंत्रित होकर तांगे को ठोकर मारता हुए एक गुमटी में जा घुसा।
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इस दौरान अनियंत्रित हुए ट्रक ने कई खंभों को क्षतिग्रस्त कर दिया। हादसे की जानकारी लगते ही ग्रामीण एकजुट हो गए और तांगे पर सवार तीनों घायलों को सीएचसी पहुंचाया।
जहां से उन्हें गंभीर हालत में जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। बताते हैं कि जिला अस्पताल में इलाज के दौरान गंगाप्रसाद की मौत हो गई।
जबकि लखनऊ ट्रॉमा सेंटर ले जाते समय आशीष ने बछरावां के निकट दम तोड़ दिया। वहीं विमलेश की हालत गंभीर बताई जा रही है। हादसे में घोड़े की मौके पर ही मौत हो गई थी।
उधर, मौत की सूचना परिवारीजनों व ग्रामीणों को मिली तो लोग आक्रोशित हो उठे। परिवारीजनों ने ग्रामीणों के साथ मिलकर लालगंज-फतेहपुर मार्ग जाम कर दिया।
इससे वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। सूचना मिलने पर पुलिस व एसडीएम सुरेश कुमार सोनी मौके पर पहुंचे। एसडीएम ने मृतक के परिवारीजनों को जमीन व आर्थिक सहायता दिलाने का आश्वासन दिया।
इसके बाद लोगों का गुस्सा शांत हुआ। प्रभारी निरीक्षक संजय मौर्य ने बताया कि मृतक गंगाप्रसाद के पिता सोनेलाल की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। ट्रेलर को कब्जे में ले लिया गया है।
राहत कार्य में दो घंटे प्रभावित रहा यातायात
दुर्घटना के बाद रोड पर आंवला और फल बिखर गए थे। लोग ट्रेलर के नीचे कुछ लोगों के दबे होने के कयास लगा रहे थे। इसलिए पुलिस ने दो हाइड्रा मंगाकर राहत कार्य शुरू किया।
मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। राहत कार्य करीब दो घंटे तक चला। ट्रेलर हटने के बाद वहां कोई नहीं मिला। जिसके बाद आवागमन सुचारु हो सका।
दो मौतों से गांव में छाया मातम
गांव के दोनों लोग रोजी-रोटी के लिए मेले में फल बेचने के लिए जा रहे थे। लेकिन उन्हें क्या पता था कि घर से निकलते ही उन्हें मौत घेर लेगी। दो मौतों से गांव में मातम छाया हुआ है। परिवारीजन दहाड़े मार-मारकर रो रहे हैं। मृतक गंगाप्रसाद दो भाई जमुना, शिवलोचन व तीन बहन संगीता, अनीता, शीला, पत्नी कंचन व मां महराना हैं। मृतक आशीष के एक भाई मनीष, एक बहन प्रीति व मां अनीता हैं। दोनों मृतकों के परिवारीजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।