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सरकारी अभिलेखों में हेरा-फेरी कर तालाब की जमीन का किया बैनामा
Updated Sun, 03 Jun 2018 12:48 AM IST
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तालाब की जमीन का किया बैनामा
लालगंज (रायबरेली)। राजस्व विभाग के अभिलेखों में हेराफेरी कर दो लोगों ने गोविंदपुर वलौली गांव स्थित तालाब की जमीन का बैनामा कर दिया।
मामला तब प्रकाश में आया जब ग्रामीण ने इसकी शिकायत की। जांच के दौरान मामला सही पाए जाने पर हल्का लेखपाल ने दो लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है।
गोविंदपुर वलौली गांव निवासी प्रमोद कुमार त्रिवेदी ने राजस्व अभिलेखों में हेराफेरी करते हुए तालाब की जमीन को भूमिधरी अंकित करवाकर बैनामा कर देने की शिकायत की थी।
शिकायत की जांच हल्का लेखपाल धर्मराज सिंह को दी गई। जांच में पता चला कि तालाब को सरकारी अभिलेखों में हेराफेरी कर भूमिधरी अंकित करवा लिया गया था।
लेखपाल ने बताया कि 13 अक्तूबर को 2008 को एसडीएम के आदेश पर जमीन को फिर से तालाब दर्ज कर दिया गया था।
इसके बावजूद गोविंदपुर वलौली गांव निवासी वासुदेव ने चौहद्दी के आधार पर मकान को आचार्य नगर निवासी कैप्टन गिरजाशंकर के हाथ बेच दिया।
लेखपाल ने वासुदेव व कैप्टन गिरजाशंकर के विरुद्ध धोखाधड़ी, सार्वजनिक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम सहित अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई है।
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लालगंज (रायबरेली)। राजस्व विभाग के अभिलेखों में हेराफेरी कर दो लोगों ने गोविंदपुर वलौली गांव स्थित तालाब की जमीन का बैनामा कर दिया।
मामला तब प्रकाश में आया जब ग्रामीण ने इसकी शिकायत की। जांच के दौरान मामला सही पाए जाने पर हल्का लेखपाल ने दो लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है।
गोविंदपुर वलौली गांव निवासी प्रमोद कुमार त्रिवेदी ने राजस्व अभिलेखों में हेराफेरी करते हुए तालाब की जमीन को भूमिधरी अंकित करवाकर बैनामा कर देने की शिकायत की थी।
शिकायत की जांच हल्का लेखपाल धर्मराज सिंह को दी गई। जांच में पता चला कि तालाब को सरकारी अभिलेखों में हेराफेरी कर भूमिधरी अंकित करवा लिया गया था।
लेखपाल ने बताया कि 13 अक्तूबर को 2008 को एसडीएम के आदेश पर जमीन को फिर से तालाब दर्ज कर दिया गया था।
इसके बावजूद गोविंदपुर वलौली गांव निवासी वासुदेव ने चौहद्दी के आधार पर मकान को आचार्य नगर निवासी कैप्टन गिरजाशंकर के हाथ बेच दिया।
लेखपाल ने वासुदेव व कैप्टन गिरजाशंकर के विरुद्ध धोखाधड़ी, सार्वजनिक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम सहित अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई है।