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एसपी को फोन पर धमकाया-आरोपियों को जेल भेजो, न होने पर कोतवाल-विवेचक को हटाओ, वरना नप जाओगे

Sun, 31 Jan 2021 11:38 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sun, 31 Jan 2021 11:38 PM IST
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रायबरेली। मुख्यमंत्री का सलाहकार बनकर पुलिस अधीक्षक श्लोक कुमार को धमकाने वाले एक आरोपी को पुलिस व एसओजी ने दबोच लिया। पूछताछ के बाद आरोपी को जेल भेज दिया गया। पकड़ा गया आरोपी लखनऊ के पारा थाना क्षेत्र में एक नर्सिंग होम चलाता है। वहीं उसके दूसरे साथी की पुलिस तलाश कर रही है।
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एसपी श्लोक कुमार ने रविवार को बताया कि लखनऊ जिले के पारा थाना क्षेत्र के आलमनगर रेलवे क्रॉसिंग निवासी व इंडिया हॉस्पिटल के संचालक डॉ.अब्दुल सलीम उर्फ अब्दुल नईम ने शनिवार को कैंप कार्यालय में मोबाइल नंबर 9454436733 से फोन कर खुद को मुख्यमंत्री का सलाहकार बताते हुए मुझसे बात की। बताया कि मेरे परिचित आपसे मिलने आएंगे।
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ससुरालीजन उनकी बहन को दहेज की खातिर प्रताड़ित कर रहे हैं। इस मामले में केस दर्ज कराकर कार्रवाई करा दो। इस पर मैंने केस दर्ज करा दिया गया। इसके बाद आरोपी ने दूसरे मोबाइल नंबर 9454400588 से फोन कर दबाव बनाकर धमकाते हुए कहा कि मामले में दुष्कर्म की धारा बढ़ाकर आरोपियों को जेल भेज दो। ऐसा नहीं होता है तो सदर कोतवाल-विवेचक को हटा दो। वरना आप स्वयं नप जाओगे।
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एसपी ने बताया कि शक के आधार पर जब मुख्यमंत्री कार्यालय से जानकारी मांगी गई तो पता चला कि सीएम कार्यालय से किसी ने फोन किया ही नहीं। सर्विलांस के जरिए आरोपी के नंबर ट्रेस किए तो सारी हकीकत सामने आ गई।
इसके बाद सदर कोतवाल अतुल सिंह, एसओजी टीम प्रभारी अमरेश कुुमार त्रिपाठी, वरिष्ठ उपनिरीक्षक संजय सिंह, आरक्षी लाल प्रकाश दुबे ने टीम के साथ लखनऊ के आलमनगर रेलवे क्रॉसिंग के पास से आरोपी को दबोच लिया। वहीं उसके दूसरे साथी सैय्यद नसर नफीस उर्फ साहिल निवासी माल एवेन्यू, लखनऊ की तलाश की जा रही है। फरार आरोपी की गिरफ्तारी पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है। आरोपी को जेल भेज दिया गया है।
कानपुर के बेकनगंज थाने में तैनात है आरोपी का बहनोई
एसपी के मुताबिक आरोपी की बहन की शादी रायबरेली जिले के बहाई गांव से हुई है। आरोपी के भाई हनीफ ने बहन को प्रताड़ित किए जाने पर सदर कोतवाली में दहेज उत्पीड़न का केस दर्ज कराया है। आरोपी का बहनोई कानपुर नगर के बेकनगंज थाने में सिपाही के पद पर तैनात है।
आरोपी ने अपनी बहन को न्याय दिलाने के लिए मुख्यमंत्री का सलाहकार बताते हुए एसपी पर दबाव बनाने की कोशिश की। पहली बार फोन करने पर एसपी ने मामले में एफआईआर दर्ज करा भी दी थी। बाद में फिर आरोपी ने दबाव बनाकर कार्रवाई कराने का प्रयास किया। लेकिन इस बार उसकी दाल नहीं गली।
फर्जी दस्तावेजों से जारी कराए गए थे नंबर
एसओजी टीम प्रभारी अमरेश कुुमार त्रिपाठी बताते हैं कि सर्विलांस के जरिए कॉल डिटेल चेक की तो पता चला कि दोनों मोबाइल नंबर अलग-अलग नाम से फर्जी दस्तावेजों के आधार पर जारी हुए थे। फर्जी दस्तावेजों के आधार पर मोबाइल नंबर जारी करने वालों के बारे में भी पड़ताल की जा रही है। उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।

महंगी गाड़ी से चलता था आरोपी
कोतवाल अतुल सिंह ने बताया कि आरोपी महंगी गाड़ी से चलता था। जिस गाड़ी से वह चल रहा था, उसकी कीमत 50 लाख रुपये से ज्यादा की है। इसके पास से एक मोबाइल फोन, दो सिम और 2500 रुपये भी बरामद किए हैं। मुख्य आरोपी डॉ.अब्दुल सलीम लखनऊ के आलमनगर में इंडिया हॉस्पिटल चलाता है।
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