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15 लाख बच्चों की होगी स्क्रीनिंग, लक्षण पर मिलेगी दवा किट
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रायबरेली। कोरोना के लक्षण वाले बच्चों में अब दवा किट का वितरण होगा। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने तैयारियों को पूरा कर लिया है। शासन से किट आने का इंतजार किया जा रहा है।
जिले में करीब 15 लाख बच्चों की घर-घर जाकर निगरानी समितियां स्क्रीनिंग करेंगी। स्क्रीनिंग में जुकाम, बुखार आदि लक्षण मिलने पर दवा किट का वितरण करने के साथ ही लाभार्थियों का पूरा ब्योरा भी दर्ज किया जाएगा। किट के वितरण के साथ ही लाभार्थी बच्चों के सेहत के बारे में रोजाना जानकारी भी ली जाएगी।
मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ स्थित अपने आवास से दवा लदे वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। जल्द ही जिले में ही दवा की किट आते ही बच्चों में वितरण का काम शुरू हो जाएगा।
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18 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए दवा किट की व्यवस्था की गई है। जिले में निगरानी समितियां लगातार काम कर रही हैं। अब तक गांवों में ज्यादा उम्र के लोगों में दवा किट के वितरण का काम चल रहा है।
इसी महीने से यह समितियां बच्चों की स्क्रीनिंग करने के साथ ही उनमें दवा किट का वितरण करेंगी। तीसरी लहर से पहले बच्चों को स्वस्थ रखने के लिए सरकार ने यह निर्णय लिया है।
मामले में सीएमओ ने सभी सीएचसी अधीक्षकों को निर्देशित कर दिया है। उन्हें तैयारियों को पहले से ही पूरा कर लाने के आदेश दिए हैं, जिससे किट आते ही बच्चों में दवा के वितरण का काम शुरू किया जा सके।
समितियां लाभार्थियों का जुटाएंगी ब्योरा, फोन से जानेंगे सेहत
निगरानी समितियां गांव-गांव जाकर कोविड 19 के लक्षण वाले बच्चों को चिह्नित कर निशुल्क दवा किट उपलब्ध कराएंगी। समिति के सदस्य किट देते समय लाभार्थी का नाम, पता, फोन नंबर आदि विवरण लेंगी।
सीएम हेल्पलाइन के माध्यम से लाभार्थियों से संपर्क कर बच्चों की सेहत की जानकारी ली जाएगी। बच्चों की स्क्रीनिंग एवं सर्विलांस का कार्य अभियान के रूप में किया जाएगा। यह अभियान कोरोना सहित बारिश में होने वाले संचारी रोगों की रोकथाम में भी सहायक होगा।
उम्र के हिसाब से अलग-अलग किट के बंदोबस्त किए
शासन स्तर से यह दवा किट को चार वर्गों में बांटा गया है। शून्य से एक वर्ष, एक से पांच वर्ष, पांच से 12 वर्ष तथा 12 से 18 वर्ष की उम्र के हिसाब से अलग-अलग किट तैयार की गई है।
शून्य से एक साल तक के बच्चों के लिए पैरासिटामॉल ड्राप, मल्टी विटामिन ड्रॉप और ओआरएस का पैकेट, एक से पांच वर्ष वाले बच्चे की किट में पैरासिटामॉल सीरप, मल्टी विटामिन सीरप और ओआरएस पैकेट रहेगा। पांच से 12 साल की उम्र वालों के लिए पैरासिटामॉल, मल्टी विटामिन टैबलेट, ओआरएस पैकेट के साथ आइवरमेक्टिन छह मिली ग्राम भी दी जाएगी। इसे तीन दिन लेना होगा।
गांवों में निगरानी समितियों से हर रोज घर-घर स्क्रीनिंग का काम कराया जा रहा है। अब बच्चों की स्क्रीनिंग के साथ ही लक्षण मिलने पर उन्हें दवा किट दी जाएगी। जल्द ही शासन से किट जिले को मिलने वाली है। सभी सीएचसी अधीक्षकों को इसके लिए निर्देशित किया गया है।
डॉ. वीरेंद्र सिंह, सीएमओ
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जिले में करीब 15 लाख बच्चों की घर-घर जाकर निगरानी समितियां स्क्रीनिंग करेंगी। स्क्रीनिंग में जुकाम, बुखार आदि लक्षण मिलने पर दवा किट का वितरण करने के साथ ही लाभार्थियों का पूरा ब्योरा भी दर्ज किया जाएगा। किट के वितरण के साथ ही लाभार्थी बच्चों के सेहत के बारे में रोजाना जानकारी भी ली जाएगी।
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मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ स्थित अपने आवास से दवा लदे वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। जल्द ही जिले में ही दवा की किट आते ही बच्चों में वितरण का काम शुरू हो जाएगा।
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18 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए दवा किट की व्यवस्था की गई है। जिले में निगरानी समितियां लगातार काम कर रही हैं। अब तक गांवों में ज्यादा उम्र के लोगों में दवा किट के वितरण का काम चल रहा है।
इसी महीने से यह समितियां बच्चों की स्क्रीनिंग करने के साथ ही उनमें दवा किट का वितरण करेंगी। तीसरी लहर से पहले बच्चों को स्वस्थ रखने के लिए सरकार ने यह निर्णय लिया है।
मामले में सीएमओ ने सभी सीएचसी अधीक्षकों को निर्देशित कर दिया है। उन्हें तैयारियों को पहले से ही पूरा कर लाने के आदेश दिए हैं, जिससे किट आते ही बच्चों में दवा के वितरण का काम शुरू किया जा सके।
समितियां लाभार्थियों का जुटाएंगी ब्योरा, फोन से जानेंगे सेहत
निगरानी समितियां गांव-गांव जाकर कोविड 19 के लक्षण वाले बच्चों को चिह्नित कर निशुल्क दवा किट उपलब्ध कराएंगी। समिति के सदस्य किट देते समय लाभार्थी का नाम, पता, फोन नंबर आदि विवरण लेंगी।
सीएम हेल्पलाइन के माध्यम से लाभार्थियों से संपर्क कर बच्चों की सेहत की जानकारी ली जाएगी। बच्चों की स्क्रीनिंग एवं सर्विलांस का कार्य अभियान के रूप में किया जाएगा। यह अभियान कोरोना सहित बारिश में होने वाले संचारी रोगों की रोकथाम में भी सहायक होगा।
उम्र के हिसाब से अलग-अलग किट के बंदोबस्त किए
शासन स्तर से यह दवा किट को चार वर्गों में बांटा गया है। शून्य से एक वर्ष, एक से पांच वर्ष, पांच से 12 वर्ष तथा 12 से 18 वर्ष की उम्र के हिसाब से अलग-अलग किट तैयार की गई है।
शून्य से एक साल तक के बच्चों के लिए पैरासिटामॉल ड्राप, मल्टी विटामिन ड्रॉप और ओआरएस का पैकेट, एक से पांच वर्ष वाले बच्चे की किट में पैरासिटामॉल सीरप, मल्टी विटामिन सीरप और ओआरएस पैकेट रहेगा। पांच से 12 साल की उम्र वालों के लिए पैरासिटामॉल, मल्टी विटामिन टैबलेट, ओआरएस पैकेट के साथ आइवरमेक्टिन छह मिली ग्राम भी दी जाएगी। इसे तीन दिन लेना होगा।
गांवों में निगरानी समितियों से हर रोज घर-घर स्क्रीनिंग का काम कराया जा रहा है। अब बच्चों की स्क्रीनिंग के साथ ही लक्षण मिलने पर उन्हें दवा किट दी जाएगी। जल्द ही शासन से किट जिले को मिलने वाली है। सभी सीएचसी अधीक्षकों को इसके लिए निर्देशित किया गया है।
डॉ. वीरेंद्र सिंह, सीएमओ