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अंतिम संस्कार में आ रही समस्याओं का सच जानने गंगाघाट पहुंचे अफसर
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ऊंचाहार (रायबरेली)। क्षेत्र के गोकना गंगाघाट पर शवों के अंतिम संस्कार करने में आ रही परेशानी को जानने के लिए मंगलवार को अधिकारी मौके पर पहुंचे। इस दौरान अधिकारियों ने शव का अंतिम संस्कार करने आए लोगों से बात की और उनसे जानने का प्रयास किया कि अंतिम संस्कार के दौरान क्या-क्या दिक्कतें आ रही हैं।
अधिकारियों ने कहा कि नदी में शव न फेंके। रीति रिवाज के साथ अंतिम संस्कार करें। खासकर कोरोना गाइडलाइन का पालन जरूर किया जाए। अमर उजाला ने गंगाघाटों पर बालू के ढेर में दफन मजबूरी शीर्षक से खबर प्रकाशित लोगों की परेशानी को उजागर किया था।
खबर का संज्ञान लेते हुए एसडीएम ऊंचाहार राजेंद्र शुक्ला, तहसीलदार अभिनव पाठक व कोतवाल विनोद कुमार सिंह अपने दलबल के साथ गंगा नदी के तट पर पहुंचे। उन्होंने गोकना घाट व गोला घाट पर बालू में दफन शवों की हकीकत देखी।
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घाट पर शवों का अंतिम क्रिया करने आये लोगों से बातचीत की। अंतिम संस्कार में आने वाली किसी प्रकार की परेशानी की बाबत पूछताछ की। एसडीएम ने बताया कि घाटों पर शवों का अंतिम संस्कार लोग अपने रीति रिवाज के अनुसार कर रहें हैं। अंतिम संस्कार में कोई परेशानी नहीं आ रही है। लोग कोरोना गाइडलाइन का पालन करते हुए अंतिम संस्कार कर रहे हैं।
बालू में शव दफन करने जा रहे युवक को कोतवाल ने दी मदद
ऊंचाहार क्षेत्र के रामसांडा गांव निवासी संजय की मां राजकुमारी की मौत हो गई थी। संजय मंगलवार सुबह गोकना घाट पर शव का अंतिम संस्कार करने गया था। वह शव नाव पर रखकर उस पार रेत में दफन करने जा रहा था।
तभी अचानक कोतवाल विनोद कुमार सिंह की नजर उस पर पड़ी। कोतवाल ने उसे अपने पास बुलाया और उसकी परेशानी पूछी। उसने कोतवाल को पैसा न होने की बात बताई। यह सुनकर कोतवाल ने उसे अंतिम संस्कार के लिए दो हजार दिए। कोतवाल का कहना है कि मुसीबत के समय हम सबको मदद करनी चाहिए।
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अधिकारियों ने कहा कि नदी में शव न फेंके। रीति रिवाज के साथ अंतिम संस्कार करें। खासकर कोरोना गाइडलाइन का पालन जरूर किया जाए। अमर उजाला ने गंगाघाटों पर बालू के ढेर में दफन मजबूरी शीर्षक से खबर प्रकाशित लोगों की परेशानी को उजागर किया था।
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खबर का संज्ञान लेते हुए एसडीएम ऊंचाहार राजेंद्र शुक्ला, तहसीलदार अभिनव पाठक व कोतवाल विनोद कुमार सिंह अपने दलबल के साथ गंगा नदी के तट पर पहुंचे। उन्होंने गोकना घाट व गोला घाट पर बालू में दफन शवों की हकीकत देखी।
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घाट पर शवों का अंतिम क्रिया करने आये लोगों से बातचीत की। अंतिम संस्कार में आने वाली किसी प्रकार की परेशानी की बाबत पूछताछ की। एसडीएम ने बताया कि घाटों पर शवों का अंतिम संस्कार लोग अपने रीति रिवाज के अनुसार कर रहें हैं। अंतिम संस्कार में कोई परेशानी नहीं आ रही है। लोग कोरोना गाइडलाइन का पालन करते हुए अंतिम संस्कार कर रहे हैं।
बालू में शव दफन करने जा रहे युवक को कोतवाल ने दी मदद
ऊंचाहार क्षेत्र के रामसांडा गांव निवासी संजय की मां राजकुमारी की मौत हो गई थी। संजय मंगलवार सुबह गोकना घाट पर शव का अंतिम संस्कार करने गया था। वह शव नाव पर रखकर उस पार रेत में दफन करने जा रहा था।
तभी अचानक कोतवाल विनोद कुमार सिंह की नजर उस पर पड़ी। कोतवाल ने उसे अपने पास बुलाया और उसकी परेशानी पूछी। उसने कोतवाल को पैसा न होने की बात बताई। यह सुनकर कोतवाल ने उसे अंतिम संस्कार के लिए दो हजार दिए। कोतवाल का कहना है कि मुसीबत के समय हम सबको मदद करनी चाहिए।