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Raebareli News: सीआईडी ने की ट्रेन पलटाने की साजिश की जांच
Sat, 20 Sep 2025 01:20 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
Updated Sat, 20 Sep 2025 01:20 AM IST
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घटनास्थल की जांच करती सीआईडी और पुलिस की टीम।
रायबरेली। ट्रेन पलटाने की साजिश के मामले में अब सीआईडी भी आ गई है। इससे घटना के पीछे बड़ी साजिश की आशंका से इन्कार नहीं किया जा सकता है। मामले में दर्ज कराई गई रिपोर्ट में भले ही अराजकतत्वों की हरकत बताई जा रही है, लेकिन सीआईडी टीम के पहुंचने से मामले की गंभीरता को समझा जा सकता है। शुक्रवार को लखनऊ और वाराणसी से सीआईडी टीमें जांच के लिए घटनास्थल पर पहुंची।
करीब एक घंटे तक घटनास्थल पर बारीकी से छानबीन की गई। घटना में पहले से ही नवाबगंज थाने की पुलिस, रेलवे सुरक्षा बल और राजकीय रेलवे पुलिस अपने स्तर पर जांच कर रही थी। अब अपराध जांच विभाग (सीआईडी) ने भी कमान संभाल ली है। मंगलवार रात प्रयागराज से सहारनपुर जाने वाली नौचंदी एक्सप्रेस रेलवे ट्रैक पर रखे स्लीपर से टकरा गई थी। लोको पायलट की सूझबूझ से बड़ा हादसा टल गया था। इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेन को नियंत्रित कर लिया गया, जिससे स्लीपर रखकर ट्रेन पलटाने की साजिश रचने वालों के मंसूबे नाकाम हो गए थे।
यह घटना फाफामऊ-ऊंचाहार रेलमार्ग पर प्रतापगढ़ जिले में नवाबगंज थाना क्षेत्र के गौरी गांव के पास घटी थी। प्राथमिक जांच में घटनास्थल के पास मिली जानकारी से जाहिर हो गया कि स्लीपर को बाहर से उठाकर ट्रैक पर रखा गया था। टक्कर इतनी जोरदार थी कि स्लीपर क्षतिग्रस्त होकर ट्रैक के नीचे पुलिया की दीवार की ईंटों को तोड़ता हुआ गिर गया था। प्राथमिक जांच के आधार पर मामले की एफआईआर नवाबगंज थाने में दर्ज कराई गई थी।
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मामले में नवाबगंज थाने की पुलिस लगातार छानबीन कर रही है। रेलवे सुरक्षा बल और राजकीय रेलवे पुलिस की टीमें भी जांच में जुटी हैं, लेकिन अब तक कोई सुराग हाथ नहीं लगा है। मामले में अभी तक कोई भी मंडलीय अफसर नहीं आया था, लेकिन अचानक सीआईडी के आने से रेलवे के मंडलीय अधिकारी भी सक्रिय हो गए हैं। शुक्रवार को सीआईडी वाराणसी के इंस्पेक्टर नीलेश सिंह और सीआईडी लखनऊ के इंस्पेक्टर चंदन कुमार घटनास्थल पहुंचे।
रेलवे सुरक्षा बल के वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त देवांश शुक्ला और वरिष्ठ मंडल अभियंता इंद्र कुमार भी साथ आए। जांच के दौरान आरपीएफ-रायबरेली के इंस्पेक्टर एके सिंह, आरपीएफ ऊंचाहार प्रभारी एसके सिंह, थाना नवाबगंज की पुलिस भी अब तक हुई छानबीन की रिपोर्ट के साथ पहुंच गई।
सीआईडी टीम ने रेलवे के मंडलीय अफसरों के साथ घटनास्थल पर बारीकी से छानबीन की। स्लीपर कहां रखा था और उसे रेलवे ट्रैक पर कैसे पहुंचाया गया, इस बारे में परीक्षण किया। ट्रेन से टकराने के बाद पुलिया के नीचे गिरे स्लीपर की हालत को देखा। घटनास्थल का पूरा खाका तैयार कर बिंदुवार जानकारी जुटाई।
घटना की जांच में अब तक क्या निकल कर सामने आया, इस बारे में भी नवाबगंज थाने की पुलिस और आरपीएफ व जीआरपी से ब्योरा तलब किया। सीआईडी टीम ने घटना में हर पहलू पर जांच करने की बात कही। जांच में लगी टीमों से कहा कि सभी अपने स्तर पर छानबीन करें। किसी भी तरह के सहयोग की जरूरत हो तो तुरंत बताएं। हर हाल में घटना का जल्द से जल्द खुलासा करना है।
नवाबगंज पुलिस की दबिश में कई संदिग्धों से पूछताछ
रायबरेली। ट्रेन पलटाने की साजिश में मुख्य रूप से नवाबगंज थाने की पुलिस जांच कर रही है, क्योंकि घटना की एफआईआर नवाबगंज थाने में ही दर्ज कराई गई है। घटना के बाद से लगातार नवाबागंज थाने की पुलिस छापा मार रही है। जो भी संदिग्ध मिल रहे है, उनसे पूछताछ करने के साथ उनकी पिछले दिनों की गतिविधियों की पड़ताल कर रही है।
अभी तक जांच का दायरा गौरी गांव और उसके पास का क्षेत्र रहा, लेकिन पुलिसिया जांच घटनास्थल के पांच किमी के दायरे तक बढ़ गई है। रेलवे ट्रैक किनारे बसे गांवों में लगातार पूछताछ की जा रही है। नवाबगंज थाना प्रभारी संतोष सिंह का कहना है कि फिलहाल जांच में अभी कुछ खास नहीं मिला है। कुछ संदिग्धों से पूछताछ की गई है। घटना के खुलासे के लिए पुलिस टीमें लगातार प्रयास कर रही हैं।
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करीब एक घंटे तक घटनास्थल पर बारीकी से छानबीन की गई। घटना में पहले से ही नवाबगंज थाने की पुलिस, रेलवे सुरक्षा बल और राजकीय रेलवे पुलिस अपने स्तर पर जांच कर रही थी। अब अपराध जांच विभाग (सीआईडी) ने भी कमान संभाल ली है। मंगलवार रात प्रयागराज से सहारनपुर जाने वाली नौचंदी एक्सप्रेस रेलवे ट्रैक पर रखे स्लीपर से टकरा गई थी। लोको पायलट की सूझबूझ से बड़ा हादसा टल गया था। इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेन को नियंत्रित कर लिया गया, जिससे स्लीपर रखकर ट्रेन पलटाने की साजिश रचने वालों के मंसूबे नाकाम हो गए थे।
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यह घटना फाफामऊ-ऊंचाहार रेलमार्ग पर प्रतापगढ़ जिले में नवाबगंज थाना क्षेत्र के गौरी गांव के पास घटी थी। प्राथमिक जांच में घटनास्थल के पास मिली जानकारी से जाहिर हो गया कि स्लीपर को बाहर से उठाकर ट्रैक पर रखा गया था। टक्कर इतनी जोरदार थी कि स्लीपर क्षतिग्रस्त होकर ट्रैक के नीचे पुलिया की दीवार की ईंटों को तोड़ता हुआ गिर गया था। प्राथमिक जांच के आधार पर मामले की एफआईआर नवाबगंज थाने में दर्ज कराई गई थी।
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मामले में नवाबगंज थाने की पुलिस लगातार छानबीन कर रही है। रेलवे सुरक्षा बल और राजकीय रेलवे पुलिस की टीमें भी जांच में जुटी हैं, लेकिन अब तक कोई सुराग हाथ नहीं लगा है। मामले में अभी तक कोई भी मंडलीय अफसर नहीं आया था, लेकिन अचानक सीआईडी के आने से रेलवे के मंडलीय अधिकारी भी सक्रिय हो गए हैं। शुक्रवार को सीआईडी वाराणसी के इंस्पेक्टर नीलेश सिंह और सीआईडी लखनऊ के इंस्पेक्टर चंदन कुमार घटनास्थल पहुंचे।
रेलवे सुरक्षा बल के वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त देवांश शुक्ला और वरिष्ठ मंडल अभियंता इंद्र कुमार भी साथ आए। जांच के दौरान आरपीएफ-रायबरेली के इंस्पेक्टर एके सिंह, आरपीएफ ऊंचाहार प्रभारी एसके सिंह, थाना नवाबगंज की पुलिस भी अब तक हुई छानबीन की रिपोर्ट के साथ पहुंच गई।
सीआईडी टीम ने रेलवे के मंडलीय अफसरों के साथ घटनास्थल पर बारीकी से छानबीन की। स्लीपर कहां रखा था और उसे रेलवे ट्रैक पर कैसे पहुंचाया गया, इस बारे में परीक्षण किया। ट्रेन से टकराने के बाद पुलिया के नीचे गिरे स्लीपर की हालत को देखा। घटनास्थल का पूरा खाका तैयार कर बिंदुवार जानकारी जुटाई।
घटना की जांच में अब तक क्या निकल कर सामने आया, इस बारे में भी नवाबगंज थाने की पुलिस और आरपीएफ व जीआरपी से ब्योरा तलब किया। सीआईडी टीम ने घटना में हर पहलू पर जांच करने की बात कही। जांच में लगी टीमों से कहा कि सभी अपने स्तर पर छानबीन करें। किसी भी तरह के सहयोग की जरूरत हो तो तुरंत बताएं। हर हाल में घटना का जल्द से जल्द खुलासा करना है।
नवाबगंज पुलिस की दबिश में कई संदिग्धों से पूछताछ
रायबरेली। ट्रेन पलटाने की साजिश में मुख्य रूप से नवाबगंज थाने की पुलिस जांच कर रही है, क्योंकि घटना की एफआईआर नवाबगंज थाने में ही दर्ज कराई गई है। घटना के बाद से लगातार नवाबागंज थाने की पुलिस छापा मार रही है। जो भी संदिग्ध मिल रहे है, उनसे पूछताछ करने के साथ उनकी पिछले दिनों की गतिविधियों की पड़ताल कर रही है।
अभी तक जांच का दायरा गौरी गांव और उसके पास का क्षेत्र रहा, लेकिन पुलिसिया जांच घटनास्थल के पांच किमी के दायरे तक बढ़ गई है। रेलवे ट्रैक किनारे बसे गांवों में लगातार पूछताछ की जा रही है। नवाबगंज थाना प्रभारी संतोष सिंह का कहना है कि फिलहाल जांच में अभी कुछ खास नहीं मिला है। कुछ संदिग्धों से पूछताछ की गई है। घटना के खुलासे के लिए पुलिस टीमें लगातार प्रयास कर रही हैं।