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Raebareli News: बुखार से बच्चे की मौत, युवक को डेंगू
Sun, 11 Oct 2026 01:19 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
Updated Sun, 11 Oct 2026 01:19 AM IST
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बछरावां क्षेत्र में जांच करती स्वास्थ्य विभाग की टीम।
रायबरेली। बुखार की चपेट में आने के बाद जिला अस्पताल के पीडियाट्रिक इंटेंसिव केयर यूनिट (पीकू वार्ड) में भर्ती 11 वर्षीय बच्चे की मौत हो गई। जिला अस्पताल की प्रयोगशाला में जांच के दौरान डेंगू का एक और मरीज मिला है। इससे डेंगू के मरीजों की संख्या 32 हो गई है।
डलमऊ क्षेत्र के हींगामऊ निवासी रंजीत के 11 वर्षीय बेटे आकर्ष को कई दिनों से बुखार आ रहा था। हालत बिगड़ने पर परिजनों ने दो दिन पहले उसे जिला अस्पताल की इमरजेंसी में भर्ती कराया था। गंभीर स्थिति को देखते हुए चिकित्सकों ने उसे पीकू वार्ड में भर्ती कर इलाज शुरू किया। शुक्रवार देर रात उपचार के दौरान बच्चे की मौत हो गई।
उधर, जिला अस्पताल की प्रयोगशाला में जांच के दौरान बछरावां के हसनगंज निवासी धर्मेंद्र पाल (40) में डेंगू संक्रमण की पुष्टि हुई। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव पहुंची। टीम ने आसपास के लोगों की जांच के लिए 10 लोगों के रक्त के नमूने लिए और उन्हें प्रयोगशाला भेजा। गांव में दवा का छिड़काव कराने के साथ ही लोगों को दवाएं भी वितरित की गईं।
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शनिवार को जिला अस्पताल की ओपीडी में बुखार से पीड़ित 400 से अधिक मरीज पहुंचे। मौसम में बदलाव के बीच बुखार और अन्य संक्रामक बीमारियों के मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने सतर्कता बढ़ा दी है।
डेंगू के लक्षण दिखें तो कराएं जांच
जिला मलेरिया अधिकारी रमेशचंद्र यादव ने बताया कि सिरदर्द, मांसपेशियों, हड्डियों और जोड़ों में दर्द, जी मिचलाना, उल्टी, आंखों के पीछे दर्द, ग्रंथियों में सूजन और त्वचा पर लाल चकत्ते डेंगू के लक्षण हो सकते हैं। ऐसे लक्षण दिखाई देने पर जांच करानी चाहिए और चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए। उन्होंने बताया कि डेंगू से बचाव के लिए मच्छरों से बचना जरूरी है। घरों के आसपास पानी जमा न होने दें, क्योंकि ठहरे हुए पानी में मच्छरों के लार्वा पनपते हैं। लक्षण दिखाई देने पर बिना देरी किए नजदीकी अस्पताल में चिकित्सकीय परामर्श लें।
सीएचसी अधीक्षकों को किया गया अलर्ट
सीएमओ डॉ. मनोज शुक्ला ने बताया कि मौसम में बदलाव के कारण संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। इसे देखते हुए सभी सीएचसी अधीक्षकों को अलर्ट किया गया है। उन्होंने लोगों से मच्छरों से बचाव के उपाय अपनाने और बीमारी के लक्षण दिखने पर तत्काल नजदीकी अस्पताल में उपचार कराने की अपील की।
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डलमऊ क्षेत्र के हींगामऊ निवासी रंजीत के 11 वर्षीय बेटे आकर्ष को कई दिनों से बुखार आ रहा था। हालत बिगड़ने पर परिजनों ने दो दिन पहले उसे जिला अस्पताल की इमरजेंसी में भर्ती कराया था। गंभीर स्थिति को देखते हुए चिकित्सकों ने उसे पीकू वार्ड में भर्ती कर इलाज शुरू किया। शुक्रवार देर रात उपचार के दौरान बच्चे की मौत हो गई।
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उधर, जिला अस्पताल की प्रयोगशाला में जांच के दौरान बछरावां के हसनगंज निवासी धर्मेंद्र पाल (40) में डेंगू संक्रमण की पुष्टि हुई। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव पहुंची। टीम ने आसपास के लोगों की जांच के लिए 10 लोगों के रक्त के नमूने लिए और उन्हें प्रयोगशाला भेजा। गांव में दवा का छिड़काव कराने के साथ ही लोगों को दवाएं भी वितरित की गईं।
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शनिवार को जिला अस्पताल की ओपीडी में बुखार से पीड़ित 400 से अधिक मरीज पहुंचे। मौसम में बदलाव के बीच बुखार और अन्य संक्रामक बीमारियों के मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने सतर्कता बढ़ा दी है।
डेंगू के लक्षण दिखें तो कराएं जांच
जिला मलेरिया अधिकारी रमेशचंद्र यादव ने बताया कि सिरदर्द, मांसपेशियों, हड्डियों और जोड़ों में दर्द, जी मिचलाना, उल्टी, आंखों के पीछे दर्द, ग्रंथियों में सूजन और त्वचा पर लाल चकत्ते डेंगू के लक्षण हो सकते हैं। ऐसे लक्षण दिखाई देने पर जांच करानी चाहिए और चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए। उन्होंने बताया कि डेंगू से बचाव के लिए मच्छरों से बचना जरूरी है। घरों के आसपास पानी जमा न होने दें, क्योंकि ठहरे हुए पानी में मच्छरों के लार्वा पनपते हैं। लक्षण दिखाई देने पर बिना देरी किए नजदीकी अस्पताल में चिकित्सकीय परामर्श लें।
सीएचसी अधीक्षकों को किया गया अलर्ट
सीएमओ डॉ. मनोज शुक्ला ने बताया कि मौसम में बदलाव के कारण संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। इसे देखते हुए सभी सीएचसी अधीक्षकों को अलर्ट किया गया है। उन्होंने लोगों से मच्छरों से बचाव के उपाय अपनाने और बीमारी के लक्षण दिखने पर तत्काल नजदीकी अस्पताल में उपचार कराने की अपील की।