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Raebareli News: खाते से 11.49 लाख ठिकाने लगाने का मामला पकड़ा
Sun, 11 Oct 2026 01:21 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
Updated Sun, 11 Oct 2026 01:21 AM IST
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खीरों। वित्त मंत्रालय नई दिल्ली के समन्वय पोर्टल की रिपोर्ट से ठकुराइन खेड़ा मजरे सगुनी गांव के रहने वाले युवक के बैंक खाते से साइबर फ्रॉड की रकम को ठिकाने लगाने का मामला पकड़ में आया है। जिस युवक के बैंक खाते से खेल हुआ है, वह नोयडा में है। उसके बैंक खाते में करीब 11.52 लाख रुपये जमा होने और 11.49 लाख रुपये निकाले जाने का मामला सामने आया है। युवक के खिलाफ तमिलनाडु, महाराष्ट्र और हरियाणा में साइबर ठगी से जुड़ी पांच शिकायतें दर्ज हैं।
मामले में साइबर क्राइम थाना के प्रभारी निरीक्षक की तहरीर पर प्राथमिकी दर्ज की गई है। मामले की जांच साइबर सेल और सर्विलांस टीम कर रही है। पुलिस अभिलेख के अनुसार, हिमांशु वर्मा निवासी ठकुराईन खेड़ा मजरे सगुनी के एक बैंक खाते में 16 नवंबर 2024 से 6 अक्टूबर 2026 के बीच कुल 11,52,684 रुपये जमा किए गए, जबकि इसी अवधि में 11,49,155 रुपये निकाले गए।
एक तरह से साइबर ठगों ने इस खाते में एक म्यूल खाते के रूप में उपयोग किया। खाते से संबंधित जानकारी केंद्र सरकार के समन्वय पोर्टल पर जांच के दौरान सामने आई। पोर्टल पर हिमांशु के खाते के संबंध में तमिलनाडु से दो, महाराष्ट्र से दो और हरियाणा से एक बार पैसा जमा होने और निकालने की जानकारी दर्ज है।
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अभिलेख और शिकायतों की जानकारी जुटाने के लिए पुलिस टीम शुक्रवार शाम को युवक के घर पहुंची। उस समय उसकी मां शकुंतला वर्मा घर पर मिलीं। उन्होंने बताया कि उनका बेटा नोएडा में रहकर काम करता है। खाते में कौन पैसा भेज रहा है। इसकी जानकारी उनको नहीं है। पुलिस के मुताबिक खाते में हुए लेनदेन के संबंध में हिमांशु से मोबाइल से संपर्क किया गया तो उसने बताया कि बैंक खाता उसका है लेकिन पैसा उसने नहीं निकला। पैसा कहां से आया, इस पर भी वह जानकारी नहीं दे सका। पुलिस का मानना है कि युवक सच्चाई छिपा रहा है।
अपर पुलिस महानिरीक्षक लखनऊ परिक्षेत्र के निर्देश पर जिले में मामले की जांच हुई। क्षेत्राधिकारी लालगंज संजीव राय ने बताया कि साइबर क्राइम थाना रायबरेली के प्रभारी निरीक्षक की तहरीर पर खीरों थाने में एफआईआर दर्ज की गई है। मामले की जांच निरीक्षक अपराध लालगंज सुशील यादव की दी गई है।
एसपी रवि कुमार का कहना है कि युवक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है। खाता संदिग्ध प्रतीत हो रहा है। साइबर सेल के साथ साइबर टीम को पड़ताल के लिए लगाया गया है।
इस तरह पकड़ में आया मामला
हिमांशु के खिलाफ जो एफआईआर दर्ज कराई गई है, इसमें वित्त मंत्रालय नई दिल्ली की रिपोर्ट का जिक्र है। यह रिपोर्ट पुलिस के उच्च अधिकारियों को भी भेजी गई है। रिपोर्ट में 20 अगस्त का जिक्र है। इसमें एफआई के एफआईयू प्रकरण आईडी बीए03330636 की जांच करने पर संदिग्ध मिलने की बात बताई गई है। इसी के चलते कार्रवाई का अलर्ट जारी किया गया।
यह होता है म्यूल खाता
साइबर फ्रॉड करने वाले म्यूल खाते से ही पैसा का ट्रांजिक्शन करते हैं। इसका एक पूरा नेटवर्क होता है। नेटवर्क के लोग जान पहचान या सीधे साधे लोगों को निशाना बनाते हैं। उनकी पूरी बैंक डिटेल लेते हैं और फिर अपना पैसा उन खातों में भेजते हैं। खास बात यह है कि फ्रॉड करने वाले जिस किसी का भी म्यूल खाता बनाते हैं, उसे कमीशन भी देते हैं। यह कमीशन दोनों की रजामंदी से तय होता है।
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मामले में साइबर क्राइम थाना के प्रभारी निरीक्षक की तहरीर पर प्राथमिकी दर्ज की गई है। मामले की जांच साइबर सेल और सर्विलांस टीम कर रही है। पुलिस अभिलेख के अनुसार, हिमांशु वर्मा निवासी ठकुराईन खेड़ा मजरे सगुनी के एक बैंक खाते में 16 नवंबर 2024 से 6 अक्टूबर 2026 के बीच कुल 11,52,684 रुपये जमा किए गए, जबकि इसी अवधि में 11,49,155 रुपये निकाले गए।
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एक तरह से साइबर ठगों ने इस खाते में एक म्यूल खाते के रूप में उपयोग किया। खाते से संबंधित जानकारी केंद्र सरकार के समन्वय पोर्टल पर जांच के दौरान सामने आई। पोर्टल पर हिमांशु के खाते के संबंध में तमिलनाडु से दो, महाराष्ट्र से दो और हरियाणा से एक बार पैसा जमा होने और निकालने की जानकारी दर्ज है।
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अभिलेख और शिकायतों की जानकारी जुटाने के लिए पुलिस टीम शुक्रवार शाम को युवक के घर पहुंची। उस समय उसकी मां शकुंतला वर्मा घर पर मिलीं। उन्होंने बताया कि उनका बेटा नोएडा में रहकर काम करता है। खाते में कौन पैसा भेज रहा है। इसकी जानकारी उनको नहीं है। पुलिस के मुताबिक खाते में हुए लेनदेन के संबंध में हिमांशु से मोबाइल से संपर्क किया गया तो उसने बताया कि बैंक खाता उसका है लेकिन पैसा उसने नहीं निकला। पैसा कहां से आया, इस पर भी वह जानकारी नहीं दे सका। पुलिस का मानना है कि युवक सच्चाई छिपा रहा है।
अपर पुलिस महानिरीक्षक लखनऊ परिक्षेत्र के निर्देश पर जिले में मामले की जांच हुई। क्षेत्राधिकारी लालगंज संजीव राय ने बताया कि साइबर क्राइम थाना रायबरेली के प्रभारी निरीक्षक की तहरीर पर खीरों थाने में एफआईआर दर्ज की गई है। मामले की जांच निरीक्षक अपराध लालगंज सुशील यादव की दी गई है।
एसपी रवि कुमार का कहना है कि युवक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है। खाता संदिग्ध प्रतीत हो रहा है। साइबर सेल के साथ साइबर टीम को पड़ताल के लिए लगाया गया है।
इस तरह पकड़ में आया मामला
हिमांशु के खिलाफ जो एफआईआर दर्ज कराई गई है, इसमें वित्त मंत्रालय नई दिल्ली की रिपोर्ट का जिक्र है। यह रिपोर्ट पुलिस के उच्च अधिकारियों को भी भेजी गई है। रिपोर्ट में 20 अगस्त का जिक्र है। इसमें एफआई के एफआईयू प्रकरण आईडी बीए03330636 की जांच करने पर संदिग्ध मिलने की बात बताई गई है। इसी के चलते कार्रवाई का अलर्ट जारी किया गया।
यह होता है म्यूल खाता
साइबर फ्रॉड करने वाले म्यूल खाते से ही पैसा का ट्रांजिक्शन करते हैं। इसका एक पूरा नेटवर्क होता है। नेटवर्क के लोग जान पहचान या सीधे साधे लोगों को निशाना बनाते हैं। उनकी पूरी बैंक डिटेल लेते हैं और फिर अपना पैसा उन खातों में भेजते हैं। खास बात यह है कि फ्रॉड करने वाले जिस किसी का भी म्यूल खाता बनाते हैं, उसे कमीशन भी देते हैं। यह कमीशन दोनों की रजामंदी से तय होता है।