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फेंक किसानों का धान खरीदने की शिकायत पर मुख्यमंत्री खफा
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रायबरेली। खरीद केंद्रों पर फेंक किसानों का धान खरीदे जाने की शिकायत को मुख्यमंत्री ने गंभीरता से लिया है। उनके आदेश पर खाद्य एवं रसद राज्यमंत्री रणवेंद्र प्रताप सिंह उर्फ धुन्नी सिंह ने बुधवार को नवीन मंडी स्थल सलोन में खुले छह खरीद केंद्रों पर एक के बाद एक पर छापा मारा।
मंत्री ने न सिर्फ वहां मौजूद किसानों से बातचीत की, बल्कि रजिस्टर से किसानों को फोन मिलाकर धान खरीद में होने वाली समस्याओं के बारे में पूछा। इस दौरान किसानों ने खरीद केंद्र प्रभारियों की मनमानी की शिकायत की।
इससे भड़के मंत्री ने तहसील अधिकारियों पर गुस्सा उतारा और कहा कि मामले की जांच कराकर दोषी खरीद कर्मियों पर एफआईआर दर्ज कराई जाए। मुख्यमंत्री से बीते दिनों कुछ लोगों ने क्रय केंद्रों पर फेंक किसानों का धान तौले जाने और वाजिब किसानों को दौड़ाए जाने की शिकायत की थी।
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सीएम के आदेश पर राज्यमंत्री रणवेंद्र प्रताप सिंह उर्फ धुन्नी सिंह पूर्वाह्न 11 बजे मंडी स्थल सलोन पहुंचे। उन्होंने यहां पर एक-एक कर पांचों धान खरीद केंद्रों यूपी एग्रो, एफएफसी, आरएफसी, डीसीडीएफ रहवा, डीसीडीएफ दूल्हारायगढ़ी, गंगनांल फार्मस प्रोड्यूशर कंपनी पर छापा मारा।
इस दौरान कहीं पर तौल बंद मिली, तो कहीं पर किसानों को आज नहीं कल आने की बात कही जा रही थी। मंत्री ने किसान अनिल कुमार निवासी पदुमपुर, भागीरथी निवासी रसीदपुर, गंगा दयाल निवासी उड़वा ऊंचाहार, प्रेमचंद्र निवासी रोखा से बात की।
इसके साथ रजिस्टर में दर्ज नाम और मोबाइल नंबर देखकर फोन से किसानों से बात की। खामियां मिलने पर मंत्री ने तहसील प्रशासन को फटकार लगाई। उन्होंने एसडीएम दिव्या ओझा से कहा कि किसानों को होने वाली समस्याओं की जांच कराई जाए और खरीद केंद्रों पर जो भी दोषी पाया जाए, उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाए।
धान खरीद केंद्रों पर होने वाली समस्याओं को लेकर किसान कल्याण एसोसिएशन के पदाधिकारियों के साथ किसानों ने बुधवार को मंडी स्थल महराजगंज में बेमियादी धरना शुरू कर दिया।
इस दौरान किसान नेताओं ने कहा कि मंडी परिसर में किसानों का धान न खरीद कर व्यापारियों और बिचौलियों का खरीदा जा रहा है। किसानों ने तहसील प्रशासन को सात सूत्री ज्ञापन सौंपा।
धरने का नेतृत्व किसान एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालता शुक्ल व संचालन मंडल अध्यक्ष अरविंद जायसवाल ने किया। धरने में जिलाध्यक्ष सदाशिव पांडेय, रामफेर पाल, रामसनेही यादव, राकेश सिंह आदि मौजूद रहे।
किसान कल्याण एसोसिएशन की ओर से मंडी परिसर में बेमियादी धरना शुरू किए जाने की खबर से तहसील प्रशासन में हड़कंप मच गया। अधिकारियों के निर्देश पर तहसीलदार विनोद कुमार सिंह मंडी परिसर पहुंचे तो खरीद केंद्र पर अव्यवस्थाओं का बोलबाला मिला।
निरीक्षण के दौरान कई ऐसी ट्रैक्टर-ट्रॉलियां मिलीं, जिनके पास बुधवार का टोकन नहीं था। ऐसी ही कई और ट्रैक्टर-ट्रॉलियां मिली, जिनमें धान तो लदा था, लेकिन वह किसकी है कोई नहीं बता पाया।
तहसीलदार ने साफ कहा कि जिसके पास टोकन होगा, वही मंडी परिसर में रुक सकेगा। यदि कोई बाहरी पाया गया तो उसके खिलाफ केस दर्ज कराया जाएगा।
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मंत्री ने न सिर्फ वहां मौजूद किसानों से बातचीत की, बल्कि रजिस्टर से किसानों को फोन मिलाकर धान खरीद में होने वाली समस्याओं के बारे में पूछा। इस दौरान किसानों ने खरीद केंद्र प्रभारियों की मनमानी की शिकायत की।
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इससे भड़के मंत्री ने तहसील अधिकारियों पर गुस्सा उतारा और कहा कि मामले की जांच कराकर दोषी खरीद कर्मियों पर एफआईआर दर्ज कराई जाए। मुख्यमंत्री से बीते दिनों कुछ लोगों ने क्रय केंद्रों पर फेंक किसानों का धान तौले जाने और वाजिब किसानों को दौड़ाए जाने की शिकायत की थी।
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सीएम के आदेश पर राज्यमंत्री रणवेंद्र प्रताप सिंह उर्फ धुन्नी सिंह पूर्वाह्न 11 बजे मंडी स्थल सलोन पहुंचे। उन्होंने यहां पर एक-एक कर पांचों धान खरीद केंद्रों यूपी एग्रो, एफएफसी, आरएफसी, डीसीडीएफ रहवा, डीसीडीएफ दूल्हारायगढ़ी, गंगनांल फार्मस प्रोड्यूशर कंपनी पर छापा मारा।
इस दौरान कहीं पर तौल बंद मिली, तो कहीं पर किसानों को आज नहीं कल आने की बात कही जा रही थी। मंत्री ने किसान अनिल कुमार निवासी पदुमपुर, भागीरथी निवासी रसीदपुर, गंगा दयाल निवासी उड़वा ऊंचाहार, प्रेमचंद्र निवासी रोखा से बात की।
इसके साथ रजिस्टर में दर्ज नाम और मोबाइल नंबर देखकर फोन से किसानों से बात की। खामियां मिलने पर मंत्री ने तहसील प्रशासन को फटकार लगाई। उन्होंने एसडीएम दिव्या ओझा से कहा कि किसानों को होने वाली समस्याओं की जांच कराई जाए और खरीद केंद्रों पर जो भी दोषी पाया जाए, उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाए।
धान खरीद केंद्रों पर होने वाली समस्याओं को लेकर किसान कल्याण एसोसिएशन के पदाधिकारियों के साथ किसानों ने बुधवार को मंडी स्थल महराजगंज में बेमियादी धरना शुरू कर दिया।
इस दौरान किसान नेताओं ने कहा कि मंडी परिसर में किसानों का धान न खरीद कर व्यापारियों और बिचौलियों का खरीदा जा रहा है। किसानों ने तहसील प्रशासन को सात सूत्री ज्ञापन सौंपा।
धरने का नेतृत्व किसान एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालता शुक्ल व संचालन मंडल अध्यक्ष अरविंद जायसवाल ने किया। धरने में जिलाध्यक्ष सदाशिव पांडेय, रामफेर पाल, रामसनेही यादव, राकेश सिंह आदि मौजूद रहे।
किसान कल्याण एसोसिएशन की ओर से मंडी परिसर में बेमियादी धरना शुरू किए जाने की खबर से तहसील प्रशासन में हड़कंप मच गया। अधिकारियों के निर्देश पर तहसीलदार विनोद कुमार सिंह मंडी परिसर पहुंचे तो खरीद केंद्र पर अव्यवस्थाओं का बोलबाला मिला।
निरीक्षण के दौरान कई ऐसी ट्रैक्टर-ट्रॉलियां मिलीं, जिनके पास बुधवार का टोकन नहीं था। ऐसी ही कई और ट्रैक्टर-ट्रॉलियां मिली, जिनमें धान तो लदा था, लेकिन वह किसकी है कोई नहीं बता पाया।
तहसीलदार ने साफ कहा कि जिसके पास टोकन होगा, वही मंडी परिसर में रुक सकेगा। यदि कोई बाहरी पाया गया तो उसके खिलाफ केस दर्ज कराया जाएगा।