{"_id":"5d2637ce8ebc3e6cfb086e0f","slug":"called-power-corporation-s-xn-and-je-court-raibaraily-news-lko469992090","type":"story","status":"publish","title_hn":"पावर कॉरपोरेशन के एक्सईएन व जेई कोर्ट में तलब, मांगा गया स्पष्टीकरण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पावर कॉरपोरेशन के एक्सईएन व जेई कोर्ट में तलब, मांगा गया स्पष्टीकरण
विज्ञापन
रायबरेली। कोर्ट ने समय से आदेश का अनुपालन न करने व लापरवाही बरतने वाले पावर कॉर्पोरेशन के अधिशासी अभियंता व जेई के खिलाफ सख्त रवैया अपनाया है। कोर्ट ने विद्युत अधिनियम से जुड़े दो अलग-अलग मामलों में अधिशासी अभियंता सलोन व अवर अभियंता बछरावां को कोर्ट में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया है। यह आदेश दीवानी कचहरी स्थित कोर्ट संख्या चार के अपर सत्र न्यायाधीश जैगम उद्दीन ने बुधवार को दिया।
पहला मामला सलोन देहात क्षेत्र का है, जहां के निवासी जगतपाल ने कोर्ट को अवगत कराया कि वह मामले में शमन शुल्क जमा कर चुका है। इस पर कोर्ट ने आख्या तलब की, जो नहीं भेजी गई। इस पर कोर्ट ने एक्सईएन सलोन को 12 जुलाई को व्यक्तिगत रूप से हाजिर होकर स्पष्टीकरण देने को कहा है। दूसरा मामला शिवगढ़ क्षेत्र के बहादुर नगर निवासी संतोष सोनी से जुड़ा है। इस मामले में थाने में दी गई तहरीर में कनेक्शन का लोड जीरो (शून्य) अंकित किया गया है।
इस लापरवाही को कोर्ट ने गंभीरता से लेते हुए मुकदमा वादी जेई विजय कुमार को 13 अगस्त को तलब करते हुए स्पष्टीकरण देने को कहा है। साथ ही दोनों मामलों में पावर कॉर्पोरेशन के प्रबंध निदेशक को इस लापरवाही पर उचित कार्यवाही करने के लिए आदेश की प्रति भेजने को भी कहा गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
पहला मामला सलोन देहात क्षेत्र का है, जहां के निवासी जगतपाल ने कोर्ट को अवगत कराया कि वह मामले में शमन शुल्क जमा कर चुका है। इस पर कोर्ट ने आख्या तलब की, जो नहीं भेजी गई। इस पर कोर्ट ने एक्सईएन सलोन को 12 जुलाई को व्यक्तिगत रूप से हाजिर होकर स्पष्टीकरण देने को कहा है। दूसरा मामला शिवगढ़ क्षेत्र के बहादुर नगर निवासी संतोष सोनी से जुड़ा है। इस मामले में थाने में दी गई तहरीर में कनेक्शन का लोड जीरो (शून्य) अंकित किया गया है।
विज्ञापन
इस लापरवाही को कोर्ट ने गंभीरता से लेते हुए मुकदमा वादी जेई विजय कुमार को 13 अगस्त को तलब करते हुए स्पष्टीकरण देने को कहा है। साथ ही दोनों मामलों में पावर कॉर्पोरेशन के प्रबंध निदेशक को इस लापरवाही पर उचित कार्यवाही करने के लिए आदेश की प्रति भेजने को भी कहा गया है।
विज्ञापन