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Raebareli News: पुलिस के रडार पर रायबरेली व फतेहपुर के दलाल
Mon, 17 Nov 2025 12:33 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
Updated Mon, 17 Nov 2025 12:33 AM IST
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रायबरेली। ओवरलोड वाहनों से अवैध वसूली के मामले में पुलिस की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे इस गिरोह से जुड़े राज खुल रहे हैं। पता चला है कि रायबरेली और फतेहपुर के करीब 100 दलाल हैं, जो इस कार्य में काफी समय से लिप्त हैं। परिवहन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की कृपा काफी समय से इन दलालों पर बरस रही थी। पुलिस कॉल डिटेल के जरिये इन दलालों की कुंडली खंगाल रही है।
एसटीएफ के ओवरलोड वाहनों से अवैध वसूली के मामले का खुलासा होने के बाद पुलिस की विवेचना और तेज हो गई है। सूत्रों का दावा है कि शुरुआती जांच में इस बात की पुष्टि हुई है कि दलालों का सिंडीकेट है, जो रायबरेली और फतेहपुर में सक्रिय है। इन दलालों की संख्या करीब 100 के आसपास है।
भदोखर इलाके के धर्मेंद्र और शहर के रहने वाले इमरान के परिवहन विभाग के आवासों पर उठने-बैठने की बात सामने आई है। यह दोनों रायबरेली-प्रयागराज और रायबरेली-प्रतापगढ़ हाईवे से गुजरने वाले ओवरलोड वाहनों को पास कराने का ठेका लेते थे। एआरटीओ का दीवान नौशाद के इशारे पर सारा खेल हो रहा था।
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लालगंज निवासी संतोष को जेल भेजे गए मोहित सिंह का खास बताया जा रहा है। मोहित ने अवैध वसूली के रुपये से चार पहिया वाहन खरीदा था। रायबरेली, लालगंज के कई ट्रांसपोर्टर भी पुलिस के जांच के दायरे में हैं। इसके अलावा अन्य ऐसे दलाल हैं, जो प्रकरण के खुलासे के बाद भूमिगत हैं।
सीओ लालगंज-विवेचक अमित सिंह का कहना है कि अवैध वसूली के मामले में दोनों जिलों के काफी दलालों के नाम सामने आ रहे हैं। सभी की पड़ताल कराई जा रही है। दलालों के मोबाइल कॉल की डिटेल भी खंगाली जा रही है। अवैध वसूली के मामले में शनिवार को जिस डीह क्षेत्र के दलाल को पकड़ा गया था, उससे अभी पूछताछ चल रही है। मामले में पहले ही दो आरोपियों को जेल भेजा जा चुका है।
ओवरलोड वाहनों का बढ़ा दिया गया था पैसा
इधर, एक माह से ओवरलोड वाहनों से वसूली के रेट बढ़ा दिए गए थे। सूत्रों का दावा है कि एआरटीओ अंबुज की यहां पर तैनाती के बाद प्रति ओवरलोड वाहन से प्रति वाहन पांच हजार रुपये की वसूली होने लगी थी। पहले प्रति ओवरलोड वाहन से ढाई हजार से तीन हजार रुपये की वसूली होती थी।
इस खेल में पीटीओ रेहाना समेत अन्य कर्मचारी भी शामिल थीं। कहा जा रहा है कि एआरटीओ के कुछ खास लोग यहां आकर अपना दबदबा बनाने लगे थे। बाहरी दखल होने के बाद यहां के दलालों में नाराजगी थी। इसमें से कुछ ऐसे दलाल रहे, जो एसटीएफ को इस पूरे खेल की जानकारी दी। नतीजा रहा कि एसटीएफ ने इस अवैध वसूली का पर्दाफाश किया।
एआरटीओ फतेहपुर के खास थे फारुख
रायबरेली का रहने वाला फारुख एआरटीओ फतेहपुर पुष्पांजली का खास होना बताया जा रहा है। सूत्रों का दावा है कि एआरटीओ का चालक सिकंदर ने फारुख को अवैध वसूली के खेल में शामिल किया था। इस कार्य में फारुख ने महारथ हासिल कर ली थी। यही वजह रही कि वह एआरटीओ का खास हो गया था। पुलिस सिकंदर और फारुख की भी तलाश कर रही है।
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एसटीएफ के ओवरलोड वाहनों से अवैध वसूली के मामले का खुलासा होने के बाद पुलिस की विवेचना और तेज हो गई है। सूत्रों का दावा है कि शुरुआती जांच में इस बात की पुष्टि हुई है कि दलालों का सिंडीकेट है, जो रायबरेली और फतेहपुर में सक्रिय है। इन दलालों की संख्या करीब 100 के आसपास है।
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भदोखर इलाके के धर्मेंद्र और शहर के रहने वाले इमरान के परिवहन विभाग के आवासों पर उठने-बैठने की बात सामने आई है। यह दोनों रायबरेली-प्रयागराज और रायबरेली-प्रतापगढ़ हाईवे से गुजरने वाले ओवरलोड वाहनों को पास कराने का ठेका लेते थे। एआरटीओ का दीवान नौशाद के इशारे पर सारा खेल हो रहा था।
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लालगंज निवासी संतोष को जेल भेजे गए मोहित सिंह का खास बताया जा रहा है। मोहित ने अवैध वसूली के रुपये से चार पहिया वाहन खरीदा था। रायबरेली, लालगंज के कई ट्रांसपोर्टर भी पुलिस के जांच के दायरे में हैं। इसके अलावा अन्य ऐसे दलाल हैं, जो प्रकरण के खुलासे के बाद भूमिगत हैं।
सीओ लालगंज-विवेचक अमित सिंह का कहना है कि अवैध वसूली के मामले में दोनों जिलों के काफी दलालों के नाम सामने आ रहे हैं। सभी की पड़ताल कराई जा रही है। दलालों के मोबाइल कॉल की डिटेल भी खंगाली जा रही है। अवैध वसूली के मामले में शनिवार को जिस डीह क्षेत्र के दलाल को पकड़ा गया था, उससे अभी पूछताछ चल रही है। मामले में पहले ही दो आरोपियों को जेल भेजा जा चुका है।
ओवरलोड वाहनों का बढ़ा दिया गया था पैसा
इधर, एक माह से ओवरलोड वाहनों से वसूली के रेट बढ़ा दिए गए थे। सूत्रों का दावा है कि एआरटीओ अंबुज की यहां पर तैनाती के बाद प्रति ओवरलोड वाहन से प्रति वाहन पांच हजार रुपये की वसूली होने लगी थी। पहले प्रति ओवरलोड वाहन से ढाई हजार से तीन हजार रुपये की वसूली होती थी।
इस खेल में पीटीओ रेहाना समेत अन्य कर्मचारी भी शामिल थीं। कहा जा रहा है कि एआरटीओ के कुछ खास लोग यहां आकर अपना दबदबा बनाने लगे थे। बाहरी दखल होने के बाद यहां के दलालों में नाराजगी थी। इसमें से कुछ ऐसे दलाल रहे, जो एसटीएफ को इस पूरे खेल की जानकारी दी। नतीजा रहा कि एसटीएफ ने इस अवैध वसूली का पर्दाफाश किया।
एआरटीओ फतेहपुर के खास थे फारुख
रायबरेली का रहने वाला फारुख एआरटीओ फतेहपुर पुष्पांजली का खास होना बताया जा रहा है। सूत्रों का दावा है कि एआरटीओ का चालक सिकंदर ने फारुख को अवैध वसूली के खेल में शामिल किया था। इस कार्य में फारुख ने महारथ हासिल कर ली थी। यही वजह रही कि वह एआरटीओ का खास हो गया था। पुलिस सिकंदर और फारुख की भी तलाश कर रही है।