{"_id":"d6069223d9cb19e20958365c9f30d3e9","slug":"avoid-aids-and-protect-the-resolution-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"एड्स से बचने व बचाने का लिया संकल्प","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एड्स से बचने व बचाने का लिया संकल्प
रायबरेली/ अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 01 Dec 2015 11:41 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नुक्कड़ नाटक के माध्यम से छात्र-छात्राओं समेत नागरिकों को इससे बचने की जानकारी दी गई। सीएमओ कार्यालय से मंगलवार सुबह जागरूकता रैली निकाली गई।
रैली को हरी झंडी एसीएमओ डॉ. निशा सोनकर ने दिखाई। इंदिरा नगर, फिरोज गांधी चौराहा, सुपर मार्केट, कोतवाली रोड, दीवानी कचहरी गेट होते हुए रैली जिला अस्पताल पहुंची।
रैली में आचार्य द्विवेदी, वैदिक इंटर कॉलेज, एमजीआईसी, जीजीआईसी, जीआईसी समेत अन्य स्कूलों के बच्चे शामिल हुए। जिला क्षय रोग क्लीनिक में रैली के बाद संगोष्ठी हुई।
एसीएमओ डॉ. एसके चक ने कहा कि जब तक लोग जागरूक नहीं होंगे, तब तक एड्स पर पूरी तरह से अंकुश नहीं लग सकता है।
जिला क्षयरोग अधिकारी डॉ. ओपी वर्मा ने कहा कि एचआईवी से संक्रमित की उपेक्षा कतई न की जाए। क्योंकि उससे बात करने और साथ बैठने से यह नहीं फैलता है।
वहीं भारतीय तिब्बत सीमा पुलिस बल के जवानों ने भी रैली के बाद कार्यक्रम के माध्यम से लोगों से इससे बचने के लिए आगे आने की अपील की।
इस मौके पर सीएमएस डॉ. एनके श्रीवास्तव, डॉ. निशांत भारद्वाज, डॉ. दिलीप सोनकर, हिमांशु श्रीवास्तव, मनीष श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।
उधर, न्यू स्टैंडर्ड बालिका विद्या मंदिर, सेमरी कोठी में बच्चों ने रैली के माध्यम से हाथों में स्लोगन लेकर रोड पर चल रहे व्यक्तियों को एड्स के प्रति जागरूक किया।
विज्ञापन
स्वामी सत्यमित्रानंद डिग्री कॉलेज में विचार गोष्ठी हुई। राजेश मिश्रा ने कहा कि जागरूकता ही इससे बचाव का एक रास्ता है। संतोष मिश्रा, दीप्ति शुक्ला, कंचन मौर्या, शुभ लक्ष्मी श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।
जिला अस्पताल स्थित क्षयरोग क्लीनिक में एड्स से बचाव के लिए हुए नुक्कड़ नाटक में भारतीय तिब्बत सीमा पुलिस बल को प्रथम पुरस्कार दिया गया।
दूसरा पुरस्कार ग्रामीण विकास शिक्षा संस्थान और तीसरा पुरस्कार ग्रामीण विकास संस्थान बछरावां को दिया गया। माधुरी सिंह, डॉ. विनय शेखर श्रीवास्तव को सांत्वना पुरस्कार दिया गया।
विज्ञापन
रैली को हरी झंडी एसीएमओ डॉ. निशा सोनकर ने दिखाई। इंदिरा नगर, फिरोज गांधी चौराहा, सुपर मार्केट, कोतवाली रोड, दीवानी कचहरी गेट होते हुए रैली जिला अस्पताल पहुंची।
रैली में आचार्य द्विवेदी, वैदिक इंटर कॉलेज, एमजीआईसी, जीजीआईसी, जीआईसी समेत अन्य स्कूलों के बच्चे शामिल हुए। जिला क्षय रोग क्लीनिक में रैली के बाद संगोष्ठी हुई।
विज्ञापन
एसीएमओ डॉ. एसके चक ने कहा कि जब तक लोग जागरूक नहीं होंगे, तब तक एड्स पर पूरी तरह से अंकुश नहीं लग सकता है।
जिला क्षयरोग अधिकारी डॉ. ओपी वर्मा ने कहा कि एचआईवी से संक्रमित की उपेक्षा कतई न की जाए। क्योंकि उससे बात करने और साथ बैठने से यह नहीं फैलता है।
वहीं भारतीय तिब्बत सीमा पुलिस बल के जवानों ने भी रैली के बाद कार्यक्रम के माध्यम से लोगों से इससे बचने के लिए आगे आने की अपील की।
इस मौके पर सीएमएस डॉ. एनके श्रीवास्तव, डॉ. निशांत भारद्वाज, डॉ. दिलीप सोनकर, हिमांशु श्रीवास्तव, मनीष श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।
उधर, न्यू स्टैंडर्ड बालिका विद्या मंदिर, सेमरी कोठी में बच्चों ने रैली के माध्यम से हाथों में स्लोगन लेकर रोड पर चल रहे व्यक्तियों को एड्स के प्रति जागरूक किया।
विज्ञापन
स्वामी सत्यमित्रानंद डिग्री कॉलेज में विचार गोष्ठी हुई। राजेश मिश्रा ने कहा कि जागरूकता ही इससे बचाव का एक रास्ता है। संतोष मिश्रा, दीप्ति शुक्ला, कंचन मौर्या, शुभ लक्ष्मी श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।
जिला अस्पताल स्थित क्षयरोग क्लीनिक में एड्स से बचाव के लिए हुए नुक्कड़ नाटक में भारतीय तिब्बत सीमा पुलिस बल को प्रथम पुरस्कार दिया गया।
दूसरा पुरस्कार ग्रामीण विकास शिक्षा संस्थान और तीसरा पुरस्कार ग्रामीण विकास संस्थान बछरावां को दिया गया। माधुरी सिंह, डॉ. विनय शेखर श्रीवास्तव को सांत्वना पुरस्कार दिया गया।