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कैशलेस इलाज देने को एम्स की अर्जी, जल्द आएगी केंद्रीय टीम
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रायबरेली। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री रिलीफ फंड से इलाज की सुविधा शुरू होने के बाद अब आयुष्मान भारत योजना से जुड़ने के लिए भी अर्जी दी गई है। एम्स प्रशासन ने सभी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद स्वास्थ्य मंत्रालय में आवेदन करके कैशलेस इलाज की सुविधा से जोड़ने का अनुरोध किया है। जल्द ही भारत सरकार व स्टेट की टीम मानकों की जांच करने के बाद गरीबों के लिए बड़ी सुविधा मुहैया कराएगी।
एम्स के निदेशक प्रो. अरविंद राजवंशी ने बताया कि 13 अगस्त 2018 से ओपीडी शुरू होने के बाद अन्य विशेषज्ञ सेवाएं आरंभ की जा चुकी हैं। पिछले महीने प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री रिलीफ फंड से इलाज की सुविधा एम्स में उपलब्ध कराई गई है।
गरीबों को पांच लाख रुपये तक कैशलेस इलाज की सुविधा देने के लिए एम्स आयुष्मान भारत योजना से जुड़ेगा। अस्पताल स्तर पर आयुष्मान भारत योजना के सभी मानक पूरा करने के बाद एम्स प्रशासन ने स्वास्थ्य मंत्रालय में आयुष्मान भारत योजना से जुड़ने के लिए आवेदन कर दिया है। जल्द ही भारत सरकार व स्टेट की टीम मानकों की जांच करने के लिए आएगी।
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इलाज को बड़े शहरों के चक्कर लगा रहे गरीब
पांच लाख रुपये तक कैशलेस इलाज की सुविधा के लिए गरीबों को लखनऊ सहित अन्य बड़े शहरों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। एम्स के योजना से जुड़ने के बाद जिले के 16 लाख से अधिक गरीबों को बड़ी सहूलियत होगी।
आयुष्मान भारत योजना से जुड़ने के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। कैशलेस इलाज की सुविधा से जुड़ने के लिए आवेदन भी कर दिया गया है। जल्द ही भारत सरकार व स्टेट की टीम मानकों की जांच करने आएगी। टीम से मंजूरी मिलते ही गरीबों को कैशलेस इलाज की सुविधा मिलनी शुरू हो जाएगी।
- समीर शुक्ला, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, एम्स
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एम्स के निदेशक प्रो. अरविंद राजवंशी ने बताया कि 13 अगस्त 2018 से ओपीडी शुरू होने के बाद अन्य विशेषज्ञ सेवाएं आरंभ की जा चुकी हैं। पिछले महीने प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री रिलीफ फंड से इलाज की सुविधा एम्स में उपलब्ध कराई गई है।
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गरीबों को पांच लाख रुपये तक कैशलेस इलाज की सुविधा देने के लिए एम्स आयुष्मान भारत योजना से जुड़ेगा। अस्पताल स्तर पर आयुष्मान भारत योजना के सभी मानक पूरा करने के बाद एम्स प्रशासन ने स्वास्थ्य मंत्रालय में आयुष्मान भारत योजना से जुड़ने के लिए आवेदन कर दिया है। जल्द ही भारत सरकार व स्टेट की टीम मानकों की जांच करने के लिए आएगी।
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इलाज को बड़े शहरों के चक्कर लगा रहे गरीब
पांच लाख रुपये तक कैशलेस इलाज की सुविधा के लिए गरीबों को लखनऊ सहित अन्य बड़े शहरों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। एम्स के योजना से जुड़ने के बाद जिले के 16 लाख से अधिक गरीबों को बड़ी सहूलियत होगी।
आयुष्मान भारत योजना से जुड़ने के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। कैशलेस इलाज की सुविधा से जुड़ने के लिए आवेदन भी कर दिया गया है। जल्द ही भारत सरकार व स्टेट की टीम मानकों की जांच करने आएगी। टीम से मंजूरी मिलते ही गरीबों को कैशलेस इलाज की सुविधा मिलनी शुरू हो जाएगी।
- समीर शुक्ला, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, एम्स