{"_id":"582b52a44f1c1b7b388fef6c","slug":"after-the-holiday-bank-open-the-deposit-withdrawal-hostile-people","type":"story","status":"publish","title_hn":"छुट्टी के बाद खुले बैंक, नोट जमा-निकासी काे जूझे लोग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
छुट्टी के बाद खुले बैंक, नोट जमा-निकासी काे जूझे लोग
रायबरेली/ अमर उजाला ब्यूराे
Updated Tue, 15 Nov 2016 11:55 PM IST
विज्ञापन
रायबरेली में मंगलवार को सुपर मार्केट स्थित स्टेट बैंक के एटीएम में पैसा निकलने के लिए लगी लाइन ।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कार्तिक पूर्णिमा के अवकाश के बाद मंगलवार को जिले के बैंक खुले तो रुपया बदलने और निकालने के लिए ग्राहकों की लंबी लाइन लगी नजर आई। हर किसी को लेनदेन करने के लिए जल्दबाजी रही। ऐसे में ग्राहकों के बीच खूब धक्कामुक्की हुई।
पुलिस के जवान भी लेनदेन के लिए लाइनों में खडे़ नजर आए। अधिकतर एटीएम शोपीस बने रहे। जो एटीएम खुले, वहां पर रुपया निकालने को लेकर ग्राहकों की भीड़ दिखी। घंटों बाद लोग रुपया निकालने में कामयाब हो सके।
बैंक खुलने से पहले ही भारी तादाद में लोग रुपये निकालने के लिए लाइन में लग गए। आम यह था कि शाम चार बजे तक भी बैंकों के सामने लाइन लगी रही। जिनको पैसा निकालने में सफलता मिली उनके चेहरे पर खुशी देखी गई।
विज्ञापन
मंगलवार को दरियापुर में 10 बजे के पहले ही बैंक ऑफ बड़ौदा की शाखा के सामने बड़ी संख्या में लोग रुपये का लेनदेन करने के लिए लाइन में लग गए थे। शहर में कैनाल रोड की एसबीआई शाखा के सामने, हाथी पार्क स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा की मुख्य शाखा व कानपुर रोड की बैंक ऑफ बड़ौदा शाखा के सामने भी लोग बैंक खुलने से पहले ही लाइन में लगे थे।
सुपर मार्केट स्थित भारतीय स्टेट बैंक में भी लोग लेनदेन के लिए धक्कामुक्की करते रहे। कमोवश यही हाल जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में भी रहा। पूर्वी बड़ौदा उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक की शाखा खागीपुर सड़वा में लेनदेन करने में ग्राहकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
इससे ग्राहकों में नाराजगी है। बैंक ऑफ बड़ौदा मुंशीगंज में उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कतार में खड़े लोगों का आरोप था कि यहां पर तैनात पुलिस कर्मी भी चहेतों को बैंक के अंदर जाने देते और बाकी को रोक देते हैं।
सभी ने डीएम से समस्या दूर कराए जाने की मांग की है। केंद्र सरकार दावा कर रही है कि नए नोट की कमी नहीं है, लेकिन निकासी की सीमा निर्धारित करने से समस्या बरकरार है। पैसा निकालने के लिए बैंक व एटीएम के सामने लोग जो अपनी बारी आने का इंतजार करते दिखे।
इक्का-दुक्का एटीएम खुले रहे। जो एटीएम खुले, वहां पर एक-एक करके ग्राहक रुपया निकालते नजर आए। ऊंचाहार क्षेत्र की ग्रामीण बैंक, देना बैंक, इलाहाबाद बैंक ऊंचाहार में दिनभर ग्राहकों को पैसा नहीं मिला।
क्षेत्र के मनी का पुरवा के रामलाल प्रजापति का कहना था कि कई दिनों से बैंक रुपयों के लिए चक्कर लगा रहे हैं लेकिन रुपये नहीं मिल पा रहे हैं। धन की कमी बताई जा रही है। नगर के खात्री टोला निवासी सुशील कुमार का कहना है कि बैंक से रुपये न मिल पाने के कारण घर का खर्च चलाना मुश्किल हो रहा है।
पुलिस लाइंस के बाहर भारतीय स्टेट बैंक के एटीएम में रुपया निकालने गए नए रंगरूटों ने ग्राहकों के साथ अभद्रता की। यही नहीं कई ग्राहकों को वहां से खदेड़ भी दिया। इस पर ग्राहकों ने हंगामा किया। ग्राहकों का कहना है कि इसकी सूचना सदर कोतवाली में दी जाएगी। भारतीय स्टेट बैंक के एटीएम पर ग्राहक रुपया निकाल रहे थे।
इसी बीच नए रंगरूट पहुंच गए। रंगरूट पहले धन निकासी के चक्कर में ग्राहकों के साथ अभद्रता करने लगे। यही नहीं कई ग्राहकों को लाइन से हटाकर खदेड़ दिया। रमेश कुमार, शीतला प्रसाद, दिनेश यादव का कहना था कि नए रंगरूट आए दिन मनमानी कर रहे हैं।
उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। उधर, सदर कोतवाल सुधीर चंद्र पांडेय का कहना है कि मामले की जानकारी नहीं है। यदि ऐसा है तो मामले को दिखवाकर कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
पुलिस के जवान भी लेनदेन के लिए लाइनों में खडे़ नजर आए। अधिकतर एटीएम शोपीस बने रहे। जो एटीएम खुले, वहां पर रुपया निकालने को लेकर ग्राहकों की भीड़ दिखी। घंटों बाद लोग रुपया निकालने में कामयाब हो सके।
विज्ञापन
बैंक खुलने से पहले ही भारी तादाद में लोग रुपये निकालने के लिए लाइन में लग गए। आम यह था कि शाम चार बजे तक भी बैंकों के सामने लाइन लगी रही। जिनको पैसा निकालने में सफलता मिली उनके चेहरे पर खुशी देखी गई।
विज्ञापन
मंगलवार को दरियापुर में 10 बजे के पहले ही बैंक ऑफ बड़ौदा की शाखा के सामने बड़ी संख्या में लोग रुपये का लेनदेन करने के लिए लाइन में लग गए थे। शहर में कैनाल रोड की एसबीआई शाखा के सामने, हाथी पार्क स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा की मुख्य शाखा व कानपुर रोड की बैंक ऑफ बड़ौदा शाखा के सामने भी लोग बैंक खुलने से पहले ही लाइन में लगे थे।
सुपर मार्केट स्थित भारतीय स्टेट बैंक में भी लोग लेनदेन के लिए धक्कामुक्की करते रहे। कमोवश यही हाल जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में भी रहा। पूर्वी बड़ौदा उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक की शाखा खागीपुर सड़वा में लेनदेन करने में ग्राहकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
इससे ग्राहकों में नाराजगी है। बैंक ऑफ बड़ौदा मुंशीगंज में उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कतार में खड़े लोगों का आरोप था कि यहां पर तैनात पुलिस कर्मी भी चहेतों को बैंक के अंदर जाने देते और बाकी को रोक देते हैं।
सभी ने डीएम से समस्या दूर कराए जाने की मांग की है। केंद्र सरकार दावा कर रही है कि नए नोट की कमी नहीं है, लेकिन निकासी की सीमा निर्धारित करने से समस्या बरकरार है। पैसा निकालने के लिए बैंक व एटीएम के सामने लोग जो अपनी बारी आने का इंतजार करते दिखे।
इक्का-दुक्का एटीएम खुले रहे। जो एटीएम खुले, वहां पर एक-एक करके ग्राहक रुपया निकालते नजर आए। ऊंचाहार क्षेत्र की ग्रामीण बैंक, देना बैंक, इलाहाबाद बैंक ऊंचाहार में दिनभर ग्राहकों को पैसा नहीं मिला।
क्षेत्र के मनी का पुरवा के रामलाल प्रजापति का कहना था कि कई दिनों से बैंक रुपयों के लिए चक्कर लगा रहे हैं लेकिन रुपये नहीं मिल पा रहे हैं। धन की कमी बताई जा रही है। नगर के खात्री टोला निवासी सुशील कुमार का कहना है कि बैंक से रुपये न मिल पाने के कारण घर का खर्च चलाना मुश्किल हो रहा है।
पुलिस लाइंस के बाहर भारतीय स्टेट बैंक के एटीएम में रुपया निकालने गए नए रंगरूटों ने ग्राहकों के साथ अभद्रता की। यही नहीं कई ग्राहकों को वहां से खदेड़ भी दिया। इस पर ग्राहकों ने हंगामा किया। ग्राहकों का कहना है कि इसकी सूचना सदर कोतवाली में दी जाएगी। भारतीय स्टेट बैंक के एटीएम पर ग्राहक रुपया निकाल रहे थे।
इसी बीच नए रंगरूट पहुंच गए। रंगरूट पहले धन निकासी के चक्कर में ग्राहकों के साथ अभद्रता करने लगे। यही नहीं कई ग्राहकों को लाइन से हटाकर खदेड़ दिया। रमेश कुमार, शीतला प्रसाद, दिनेश यादव का कहना था कि नए रंगरूट आए दिन मनमानी कर रहे हैं।
उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। उधर, सदर कोतवाल सुधीर चंद्र पांडेय का कहना है कि मामले की जानकारी नहीं है। यदि ऐसा है तो मामले को दिखवाकर कार्रवाई की जाएगी।