{"_id":"62b2111af4761452e2080fd8","slug":"action-raibaraily-news-lko636230588","type":"story","status":"publish","title_hn":"अभिलेखागार में एडीम, सिटी मजिस्ट्रेट ने खंगाले दस्तावेज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अभिलेखागार में एडीम, सिटी मजिस्ट्रेट ने खंगाले दस्तावेज
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रायबरेली। अभिलेखागार के अभिलेखों में हेराफेरी और पन्ने गायब करने के मामले की एडीएम (वित्त एवं राजस्व) प्रेम प्रकाश उपाध्याय की जांच रिपोर्ट पर मंगलवार को टीम ने मोहर लगा दी।
डीएम के आदेश पर एडीएम (प्रशासन), सिटी मजिस्ट्रेट और चकबंदी अधिकारी की टीम ने मंगलवार को अभिलेखागार में सील तीनों गांवों के दस्तावेजों को खंगाला। टीम की जांच में भी दस्तावेजों में हेराफेरी और पन्ने गायब करने की पुष्टि हो गई। अब जालसाजों पर मुकदमा दर्ज होना तय हो गया है।
सलोन क्षेत्र के प्यारेपुर, नुरुद्दीनपुर और जौदहा गांवों की जमीनों से संबंधित अभिलेखागार में रखे दस्तावेजों में हेराफेरी और पन्ने गायब करने का मामला एडीएम (वित्त एवं राजस्व) की जांच में पकड़ में आया था।
विज्ञापन
एडीएम की जांच में अभिलेखागार के रिटायर्ड कर्मचारी नवल किशोर शुक्ला, एआरके देही कृष्ण बहादुर सिंह, चपरासी जफर आलम के अलावा आनंद कुमार सिंह, सुषमा देवी को दोषी पाया था।
डीएम के आदेश पर जांच में दोषी पाए गए लोगों पर एडीएम (प्रशासन) अमित कुमार ने मुकदमा दर्ज कराने के आदेश राजस्व अभिलेखापाल लुकइया बेगम को दिए थे, लेकिन बीते गुरुवार को उत्तर प्रदेश मिनिस्ट्रीयल कलेक्ट्रेट कर्मचारी संघ के सामने आने के बाद जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम गठित कर दी गई थी।
इस प्रकरण को उजागर करने के लिए अमर उजाला ने कई खबरें प्रकाशित की। मंगलवार को एडीएम (प्रशासन) अमित कुमार, सिटी मजिस्ट्रेट पल्लवी मिश्रा और चकबंदी अधिकारी की टीम ने अभिलेखागार पहुंचकर तीनों गांवों के सील अभिलेखों को खंगाला।
जांच में अभिलेखों में खुरचकर नाम बदलने और पन्ने गायब होने की पुष्टि हो गई। जांच में यह स्पष्ट हो गया कि अभिलेखागार में जालसाजों ने महत्वपूर्ण अभिलेखों के साथ छेड़छाड़ की है। जांच में पुष्टि होने केे बाद अब मुकदमा दर्ज होने का रास्ता साफ हो गया है।
टीम के साथ मंगलवार को अभिलेखागार में तीनों गांवों के सील अभिलेखों की बारीकी से जांच की गई। अभिलेखों में खुरचकर नाम बदलने और पन्ने गायब करने की पुष्टि हो गई है। दोषी चिह्नित किया जा रहा है। जल्द ही मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।
अमित कुमार, एडीएम (प्रशासन)
विज्ञापन
डीएम के आदेश पर एडीएम (प्रशासन), सिटी मजिस्ट्रेट और चकबंदी अधिकारी की टीम ने मंगलवार को अभिलेखागार में सील तीनों गांवों के दस्तावेजों को खंगाला। टीम की जांच में भी दस्तावेजों में हेराफेरी और पन्ने गायब करने की पुष्टि हो गई। अब जालसाजों पर मुकदमा दर्ज होना तय हो गया है।
विज्ञापन
सलोन क्षेत्र के प्यारेपुर, नुरुद्दीनपुर और जौदहा गांवों की जमीनों से संबंधित अभिलेखागार में रखे दस्तावेजों में हेराफेरी और पन्ने गायब करने का मामला एडीएम (वित्त एवं राजस्व) की जांच में पकड़ में आया था।
विज्ञापन
एडीएम की जांच में अभिलेखागार के रिटायर्ड कर्मचारी नवल किशोर शुक्ला, एआरके देही कृष्ण बहादुर सिंह, चपरासी जफर आलम के अलावा आनंद कुमार सिंह, सुषमा देवी को दोषी पाया था।
डीएम के आदेश पर जांच में दोषी पाए गए लोगों पर एडीएम (प्रशासन) अमित कुमार ने मुकदमा दर्ज कराने के आदेश राजस्व अभिलेखापाल लुकइया बेगम को दिए थे, लेकिन बीते गुरुवार को उत्तर प्रदेश मिनिस्ट्रीयल कलेक्ट्रेट कर्मचारी संघ के सामने आने के बाद जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम गठित कर दी गई थी।
इस प्रकरण को उजागर करने के लिए अमर उजाला ने कई खबरें प्रकाशित की। मंगलवार को एडीएम (प्रशासन) अमित कुमार, सिटी मजिस्ट्रेट पल्लवी मिश्रा और चकबंदी अधिकारी की टीम ने अभिलेखागार पहुंचकर तीनों गांवों के सील अभिलेखों को खंगाला।
जांच में अभिलेखों में खुरचकर नाम बदलने और पन्ने गायब होने की पुष्टि हो गई। जांच में यह स्पष्ट हो गया कि अभिलेखागार में जालसाजों ने महत्वपूर्ण अभिलेखों के साथ छेड़छाड़ की है। जांच में पुष्टि होने केे बाद अब मुकदमा दर्ज होने का रास्ता साफ हो गया है।
टीम के साथ मंगलवार को अभिलेखागार में तीनों गांवों के सील अभिलेखों की बारीकी से जांच की गई। अभिलेखों में खुरचकर नाम बदलने और पन्ने गायब करने की पुष्टि हो गई है। दोषी चिह्नित किया जा रहा है। जल्द ही मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।
अमित कुमार, एडीएम (प्रशासन)