{"_id":"604e39ba8ebc3eda727e29e5","slug":"action-raibaraily-news-lko5695172191","type":"story","status":"publish","title_hn":"कमला नेहरू एजुकेशनल सोसाइटी : पूर्व सांसद के बेटे विक्रम कौल समेत 12 के खिलाफ एफआईआर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कमला नेहरू एजुकेशनल सोसाइटी : पूर्व सांसद के बेटे विक्रम कौल समेत 12 के खिलाफ एफआईआर
Mon, 15 Mar 2021 10:29 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रायबरेली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रायबरेली
Published by: लखनऊ ब्यूरो
Updated Mon, 15 Mar 2021 10:29 PM IST
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लखनऊ-प्रयागराज राष्ट्रीय राजमार्ग पर सिविल लाइंस स्थित कमला नेहरू एजुकेशनल सोसाइटी की जमीन एक बार फिर चर्चा में है। सोसाइटी की भूमि को फ्री होल्ड किए जाने की पत्रावली पर सिटी मजिस्ट्रेट युगराज सिंह की जांच में बड़ा खेल उजागर हुआ है। जांच में पता चला है कि जमीन का पट्टा कराए बिना भूमि को धोखे से फ्री होल्ड करा दिया गया। मामला उजागर होने के बाद शनिवार देर रात एडीएम (वित्त एवं राजस्व) एवं प्रभारी अधिकारी नजूल प्रेम प्रकाश उपाध्याय ने सदर कोतवाली में पूर्व सांसद शीला कौल के बेटे विक्रम कौल समेत 12 लोगों के खिलाफ केस दर्ज कराया है।
एफआईआर में तत्कालीन नजूल लिपिक छेदीलाल जौहरी, तत्कालीन लेखपाल प्रवीण कुमार मिश्रा, तत्कालीन प्रभारी कानूनगो प्रदीप कुमार श्रीवास्तव, तत्कालीन तहसीलदार सदर कृष्ण पाल सिंह, सोसाइटी के तत्कालीन अध्यक्ष सचिव व अन्य पदाधिकारीगण, कमला नेहरू एजुकेशनल सोसाइटी के सचिव सुनील देव, तत्कालीन एडीएम (वित्त एवं राजस्व) मदन पाल आर्या, तत्कालीन प्रशासनिक अधिकारी विंध्यवासिनी प्रसाद, तत्कालीन राजस्व सहायक द्वितीय नजूल लिपिक रामकृष्ण श्रीवास्तव, पूर्व सांसद शीला कौल के बेटे विक्रम कौल, प्रभु टाउन निवासी सुनील कुमार एवं तत्कालीन उप निबंधक सदर घनश्याम को नामजद किया गया है।
इन सभी पर कमला नेहरू एजुकेशनल सोसाइटी के पक्ष में बिना पट्टा हुए भूमि को फर्जी तरीके से छल कर अभिलेखों में कूट रचना करके अनियमित व अवैध तरीके से फ्री होल्ड कराने का आरोप लगा है। सदर कोतवाल अतुल सिंह का कहना है कि तहरीर पर एफआईआर दर्ज करके मामले की जांच की जा रही है। नामजद कराए गए लोगों से पूछताछ की जाएगी।
विज्ञापन
सोसाइटी को लाभ पहुंचाने की गई कोशिश
सदर कोतवाली में दर्ज कराई गई एफआईआर में कहा गया है कि सभी लोगों ने छल, षड़यंत्र करके न सिर्फ कूटरचित दस्तावेज तैयार कराया, बल्कि शासनादेश में दी गई व्यवस्था के विरुद्ध कार्य किया गया।
फर्जी अभिलेखों के आधार पर सरकारी नजूल भूमि को कमला नेहरू एजुकेशनल सोसाइटी को अवैध लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से अवैधानिक कार्य किया गया। एफआईआर में यह भी कहा गया है कि 16 अगस्त 2001 और 7 फरवरी 2002 में जगह-जगह सफेदा लगाकर दस्तावेजों में ओवर राइटिंग की गई, जो नियम विरुद्ध है।
कमला नेहरू एजुकेशनल सोसाइटी की जमीन से कांग्रेस का कोई लेनादेना नहीं है। सरकार के इशारे पर अधिकारी काम कर रहे हैं। सरकार चाहती है कि इस बेशकीमती जमीन को दूसरे के हाथों में दे दिया जाए। इसी वजह से यह एफआईआर दर्ज कराई गई है। जिले की जनता सब समझ रही कि सरकार किस तरह जमीनों को हड़पने का काम कर रही है।
पंकज तिवारी, कांग्रेस जिलाध्यक्ष
कमला नेहरू एजुकेशनल सोसाइटी की जमीन के मामले में सदर कोतवाली में पूर्व सांसद शीला कौल के बेटे विक्रम कौल समेत 12 लोगों पर केस दर्ज कराया गया है। इन सभी पर बिना पट्टा कराए जमीन को फ्री होल्ड कराने का आरोप लगाया गया है। मामले की विवेचना कराई जाएगी। विवेचना में जो तथ्य निकलकर सामने आएंगे, उसी के आधार पर कार्रवाई होगी।
श्लोक कुमार, एसपी
विज्ञापन
एफआईआर में तत्कालीन नजूल लिपिक छेदीलाल जौहरी, तत्कालीन लेखपाल प्रवीण कुमार मिश्रा, तत्कालीन प्रभारी कानूनगो प्रदीप कुमार श्रीवास्तव, तत्कालीन तहसीलदार सदर कृष्ण पाल सिंह, सोसाइटी के तत्कालीन अध्यक्ष सचिव व अन्य पदाधिकारीगण, कमला नेहरू एजुकेशनल सोसाइटी के सचिव सुनील देव, तत्कालीन एडीएम (वित्त एवं राजस्व) मदन पाल आर्या, तत्कालीन प्रशासनिक अधिकारी विंध्यवासिनी प्रसाद, तत्कालीन राजस्व सहायक द्वितीय नजूल लिपिक रामकृष्ण श्रीवास्तव, पूर्व सांसद शीला कौल के बेटे विक्रम कौल, प्रभु टाउन निवासी सुनील कुमार एवं तत्कालीन उप निबंधक सदर घनश्याम को नामजद किया गया है।
विज्ञापन
इन सभी पर कमला नेहरू एजुकेशनल सोसाइटी के पक्ष में बिना पट्टा हुए भूमि को फर्जी तरीके से छल कर अभिलेखों में कूट रचना करके अनियमित व अवैध तरीके से फ्री होल्ड कराने का आरोप लगा है। सदर कोतवाल अतुल सिंह का कहना है कि तहरीर पर एफआईआर दर्ज करके मामले की जांच की जा रही है। नामजद कराए गए लोगों से पूछताछ की जाएगी।
विज्ञापन
सोसाइटी को लाभ पहुंचाने की गई कोशिश
सदर कोतवाली में दर्ज कराई गई एफआईआर में कहा गया है कि सभी लोगों ने छल, षड़यंत्र करके न सिर्फ कूटरचित दस्तावेज तैयार कराया, बल्कि शासनादेश में दी गई व्यवस्था के विरुद्ध कार्य किया गया।
फर्जी अभिलेखों के आधार पर सरकारी नजूल भूमि को कमला नेहरू एजुकेशनल सोसाइटी को अवैध लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से अवैधानिक कार्य किया गया। एफआईआर में यह भी कहा गया है कि 16 अगस्त 2001 और 7 फरवरी 2002 में जगह-जगह सफेदा लगाकर दस्तावेजों में ओवर राइटिंग की गई, जो नियम विरुद्ध है।
कमला नेहरू एजुकेशनल सोसाइटी की जमीन से कांग्रेस का कोई लेनादेना नहीं है। सरकार के इशारे पर अधिकारी काम कर रहे हैं। सरकार चाहती है कि इस बेशकीमती जमीन को दूसरे के हाथों में दे दिया जाए। इसी वजह से यह एफआईआर दर्ज कराई गई है। जिले की जनता सब समझ रही कि सरकार किस तरह जमीनों को हड़पने का काम कर रही है।
पंकज तिवारी, कांग्रेस जिलाध्यक्ष
कमला नेहरू एजुकेशनल सोसाइटी की जमीन के मामले में सदर कोतवाली में पूर्व सांसद शीला कौल के बेटे विक्रम कौल समेत 12 लोगों पर केस दर्ज कराया गया है। इन सभी पर बिना पट्टा कराए जमीन को फ्री होल्ड कराने का आरोप लगाया गया है। मामले की विवेचना कराई जाएगी। विवेचना में जो तथ्य निकलकर सामने आएंगे, उसी के आधार पर कार्रवाई होगी।
श्लोक कुमार, एसपी