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भाईचारा और देश के चैन-अमन के लिए उठे हजारों हाथ
Updated Sat, 24 Jun 2017 12:52 AM IST
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भाईचारा और चैन-अमन के लिए उठे हजारों हाथ
अमर उजाला ब्यूरो
रायबरेली। माहे रमजान के अंतिम जुमा को जिले की सभी मस्जिदों में अलविदा की नमाज पढ़ी गई। इस दौरान भाईचारा और देश में अमन-चैन के लिए हजारों हाथ उठे और दुआएं मांगी। इस दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम रहे। शहर की प्रमुख सुन्नी मस्जिद बारादरी टाउन हाल में शहर काजी मुफ्ती महमूद अख्तर और शिया कौमी मस्जिद में मौलाना कंबर अली ने नमाज अदा कराई। नमाज के बाद दुआ के लिए उठे हजारों हाथों ने देश की तरक्की के लिए दुआ मांगी।
जामा मस्जिद खिन्नीतल्ला में मौलाना नासिर, जामा मस्जिद बड़ा घोसियाना में कारी मो. शमीम काजी, अब्दुल करीम दरगाह में हाफिज शाकिर, मदीना मस्जिद आजाद नगर में कारी बदरे आलम, दाताशाह दरगाह में हाफिज जव्वाद, मस्जिद महबूब आलम में हाफिज नसीम ने अलविदा की नमाज अदा कराई। शहर काजी मुफ्ती महमूद अख्तर ने बारादरी मस्जिद में कहा कि अल्लाह रब्बुलइज्जत ने हमको रमजान मुबारक की रहमते अता फरमाई। ये हमारे लिए उसकी रजा हासिल करने का माह था। शिया आलिम मौलाना कंबर अली ने खिताब करते हुए कहा कि अल्लाह बेगुनाह के कत्ल और उसको तकलीफ देने वाले इंसानियत का महजब है किसी को तकलीफ देना गुनाह है। सबको इंसानियत मोहब्बत व भाईचारा कायम करना चाहिए।
सलोन के परशदेपुर रोड स्थित उस्मान खां मस्जिद में अलविदा जुमा की नमाज शांतिपूर्ण ढंग से अदा की गई। मौलाना सलमान नदवी ने अपने किताब में मुस्लिम भाईचारे और आपसी सौहार्द की शिक्षा देते हुए कहा कि हजरत मोहम्मद सभी के लिए रहमत बनकर आए। आप पर कुरान नाजिल हुआ है। पवित्र रमजान रहमत बरकत और मगफिरत का महीना है। कस्बा के तहसील रोड, प्रतापगढ़ रोड, ऊंचाहार रोड, कोतवाली मोहल्ला समेत लगभग क्षेत्र के 30 मस्जिदों में अलविदा की नमाज अदा की गई और मुल्क में अमन शांति की दुआ मांगी गई। पुलिस प्रशासन का सहयोग सराहनीय रहा। इस अवसर पर मो. अशरफ, निजामुद्दीन अंसारी, मोहम्मद इस्माइल खां, हाजी अय्यूब, निजामुल हक मौजूद रहे।
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महराजगंज में मुस्लिम समाज के लोगो ने अकीदत के साथ नमाज अदा की। क्षेत्राधिकारी गोपीनाथ सोनी व कोतवाली प्रभारी राकेश कुमार सिंह ने क्षेत्र के अनेक मस्जिदों का भ्रमण कर नमाज के बारे में जानकारी ली। प्रत्येक वर्षों की भांति इस वर्ष भी ईद जैसे पावन पर्व के अवसर पर अलविदा की नमाज पढ़ी गयी तथा पुलिस प्रशासन जगह-जगह पर मौजूद रहा। कस्बे के दो मस्जिदों व बावन बुजुर्ग बल्ला, सलेथू, बरहुआं, हलोर, कोटवा मदनिया, इमामगंज, जिहवा जैसे गांवों में मस्जिदों में मुस्लिम मौलाना की अगवाई में लोगों ने नमाज अदा की तो वहीं थुलवांसा चौकी इंचार्ज राजेश कुमार यादव ने थुलवांसा, लोधवामऊ, मर्दानपुर, रसेहता, पिण्डारीकला व रूकुनपुर गांव में शांति व्यवस्था के साथ लोगों ने नमाज अदा की।
अलविदा की नमाज के साथ ही ईद को लेकर बाजारों में और चहल-पहल बढ़ गई है। नमाज के बाद पुरुषों के साथ महिलाओं और बच्चों ने बाजार में पहुंच कर खरीददारी की। कोई खाने का सामान खरीदता नजर आया तो कपड़े खरीदता दिखाई दिया। बाजारों में पुरुषों की अपेक्षा बच्चों और महिलाओं की ज्यादा भीड़ रही।
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अमर उजाला ब्यूरो
रायबरेली। माहे रमजान के अंतिम जुमा को जिले की सभी मस्जिदों में अलविदा की नमाज पढ़ी गई। इस दौरान भाईचारा और देश में अमन-चैन के लिए हजारों हाथ उठे और दुआएं मांगी। इस दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम रहे। शहर की प्रमुख सुन्नी मस्जिद बारादरी टाउन हाल में शहर काजी मुफ्ती महमूद अख्तर और शिया कौमी मस्जिद में मौलाना कंबर अली ने नमाज अदा कराई। नमाज के बाद दुआ के लिए उठे हजारों हाथों ने देश की तरक्की के लिए दुआ मांगी।
जामा मस्जिद खिन्नीतल्ला में मौलाना नासिर, जामा मस्जिद बड़ा घोसियाना में कारी मो. शमीम काजी, अब्दुल करीम दरगाह में हाफिज शाकिर, मदीना मस्जिद आजाद नगर में कारी बदरे आलम, दाताशाह दरगाह में हाफिज जव्वाद, मस्जिद महबूब आलम में हाफिज नसीम ने अलविदा की नमाज अदा कराई। शहर काजी मुफ्ती महमूद अख्तर ने बारादरी मस्जिद में कहा कि अल्लाह रब्बुलइज्जत ने हमको रमजान मुबारक की रहमते अता फरमाई। ये हमारे लिए उसकी रजा हासिल करने का माह था। शिया आलिम मौलाना कंबर अली ने खिताब करते हुए कहा कि अल्लाह बेगुनाह के कत्ल और उसको तकलीफ देने वाले इंसानियत का महजब है किसी को तकलीफ देना गुनाह है। सबको इंसानियत मोहब्बत व भाईचारा कायम करना चाहिए।
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सलोन के परशदेपुर रोड स्थित उस्मान खां मस्जिद में अलविदा जुमा की नमाज शांतिपूर्ण ढंग से अदा की गई। मौलाना सलमान नदवी ने अपने किताब में मुस्लिम भाईचारे और आपसी सौहार्द की शिक्षा देते हुए कहा कि हजरत मोहम्मद सभी के लिए रहमत बनकर आए। आप पर कुरान नाजिल हुआ है। पवित्र रमजान रहमत बरकत और मगफिरत का महीना है। कस्बा के तहसील रोड, प्रतापगढ़ रोड, ऊंचाहार रोड, कोतवाली मोहल्ला समेत लगभग क्षेत्र के 30 मस्जिदों में अलविदा की नमाज अदा की गई और मुल्क में अमन शांति की दुआ मांगी गई। पुलिस प्रशासन का सहयोग सराहनीय रहा। इस अवसर पर मो. अशरफ, निजामुद्दीन अंसारी, मोहम्मद इस्माइल खां, हाजी अय्यूब, निजामुल हक मौजूद रहे।
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महराजगंज में मुस्लिम समाज के लोगो ने अकीदत के साथ नमाज अदा की। क्षेत्राधिकारी गोपीनाथ सोनी व कोतवाली प्रभारी राकेश कुमार सिंह ने क्षेत्र के अनेक मस्जिदों का भ्रमण कर नमाज के बारे में जानकारी ली। प्रत्येक वर्षों की भांति इस वर्ष भी ईद जैसे पावन पर्व के अवसर पर अलविदा की नमाज पढ़ी गयी तथा पुलिस प्रशासन जगह-जगह पर मौजूद रहा। कस्बे के दो मस्जिदों व बावन बुजुर्ग बल्ला, सलेथू, बरहुआं, हलोर, कोटवा मदनिया, इमामगंज, जिहवा जैसे गांवों में मस्जिदों में मुस्लिम मौलाना की अगवाई में लोगों ने नमाज अदा की तो वहीं थुलवांसा चौकी इंचार्ज राजेश कुमार यादव ने थुलवांसा, लोधवामऊ, मर्दानपुर, रसेहता, पिण्डारीकला व रूकुनपुर गांव में शांति व्यवस्था के साथ लोगों ने नमाज अदा की।
अलविदा की नमाज के साथ ही ईद को लेकर बाजारों में और चहल-पहल बढ़ गई है। नमाज के बाद पुरुषों के साथ महिलाओं और बच्चों ने बाजार में पहुंच कर खरीददारी की। कोई खाने का सामान खरीदता नजर आया तो कपड़े खरीदता दिखाई दिया। बाजारों में पुरुषों की अपेक्षा बच्चों और महिलाओं की ज्यादा भीड़ रही।