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रायबरेली और अमेठी को मिलेगी भरपूर बिजली
Updated Fri, 23 Jun 2017 03:19 AM IST
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रायबरेली और अमेठी को मिलेगी भरपूर बिजली
24 घंटे बिजली की दिशा में महत्वपूर्ण कदम 400केवीए ट्रांसमिशन की मंजूरी
आठ महीने पहले भेजा गया था प्रस्ताव, अमावां क्षेत्र में तलाशी गई 20 एकड़ जमीन
अमर उजाला ब्यूरो
रायबरेली। आने वाले समय में जिले के लोगों को अब भरपूर बिजली और लो-वोल्टेज की समस्या से छुटकारा मिल जाएगा। रायबरेली के साथ अमेठी जिले के लोगों को भी इसका फायदा मिलेगा। लखनऊ में मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक में रायबरेली के लिए 400 केवीए के ट्रांसमिशन का मंजूरी मिलने से ऐसा संभव हो सकेगा।
इस ट्रांसमिशन के लिए आठ महीने पहले प्रस्ताव यहां से भेजा गया था। अधिशासी अभियंता ट्रांसमिशन हरिश्चंद्र वर्मा का कहना है कि 400 केवीए के ट्रांसमिशन बनने से रायबरेली के साथ अमेठी जिले को लोगों को भरपूर बिजली और लो-वोल्टेज की समस्या से छुटकारा मिलेगा। वहीं विद्युत वितरण खंड के अधिशासी अभियंता अशोक कुमार का कहना है कि यह ट्रांसमिशन 24 घंटे बिजली की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
ट्रांसमिशन का प्रस्ताव आठ महीने पहले शासन को भेजा गया था। इसके लिए शहर से सटे अमावां क्षेत्र में ट्रांसमिशन के लिए 20 एकड़ जमीन तलाशी गई है। यदि सब ठीकठीक रहा तो इसी जमीन पर इसका निर्माण कराया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि अभी तक जिले में 220 और 132 केवीए के ही ट्रॉसमिशन स्थापित हैं। इसमें कुछ का निर्माण कार्य चल रहा है।भाजपा की योगी सरकार की वजह से सोनिया गांधी के संसदीय क्षेत्र में अब तक का सबसे बड़ा 400 केवीए के ट्रांसमिशन स्थापित हो सकेगा। इसकी स्थापना से रायबरेली की 28 लाख से ज्यादा आबादी के साथ चार लाख उपभोक्ताओं को फायदा मिलेगा। यही नहीं अमेठी जिले की जनता को भी इसकी स्थापना का लाभ मिलेगा।
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24 घंटे बिजली की दिशा में महत्वपूर्ण कदम 400केवीए ट्रांसमिशन की मंजूरी
आठ महीने पहले भेजा गया था प्रस्ताव, अमावां क्षेत्र में तलाशी गई 20 एकड़ जमीन
अमर उजाला ब्यूरो
रायबरेली। आने वाले समय में जिले के लोगों को अब भरपूर बिजली और लो-वोल्टेज की समस्या से छुटकारा मिल जाएगा। रायबरेली के साथ अमेठी जिले के लोगों को भी इसका फायदा मिलेगा। लखनऊ में मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक में रायबरेली के लिए 400 केवीए के ट्रांसमिशन का मंजूरी मिलने से ऐसा संभव हो सकेगा।
इस ट्रांसमिशन के लिए आठ महीने पहले प्रस्ताव यहां से भेजा गया था। अधिशासी अभियंता ट्रांसमिशन हरिश्चंद्र वर्मा का कहना है कि 400 केवीए के ट्रांसमिशन बनने से रायबरेली के साथ अमेठी जिले को लोगों को भरपूर बिजली और लो-वोल्टेज की समस्या से छुटकारा मिलेगा। वहीं विद्युत वितरण खंड के अधिशासी अभियंता अशोक कुमार का कहना है कि यह ट्रांसमिशन 24 घंटे बिजली की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
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ट्रांसमिशन का प्रस्ताव आठ महीने पहले शासन को भेजा गया था। इसके लिए शहर से सटे अमावां क्षेत्र में ट्रांसमिशन के लिए 20 एकड़ जमीन तलाशी गई है। यदि सब ठीकठीक रहा तो इसी जमीन पर इसका निर्माण कराया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि अभी तक जिले में 220 और 132 केवीए के ही ट्रॉसमिशन स्थापित हैं। इसमें कुछ का निर्माण कार्य चल रहा है।भाजपा की योगी सरकार की वजह से सोनिया गांधी के संसदीय क्षेत्र में अब तक का सबसे बड़ा 400 केवीए के ट्रांसमिशन स्थापित हो सकेगा। इसकी स्थापना से रायबरेली की 28 लाख से ज्यादा आबादी के साथ चार लाख उपभोक्ताओं को फायदा मिलेगा। यही नहीं अमेठी जिले की जनता को भी इसकी स्थापना का लाभ मिलेगा।
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