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अंडरग्राउंड केबल जला, चार लाख आबादी अंधेरे में
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रायबरेली। डलमऊ ट्रांसमिशन से जाने वाली 33 केवी लाइन की भूमिगत केबल बुधवार सुबह अचानक जल गई। इससे तीन उपकेंद्रों से जुड़े मोहल्लों में बिजली आपूर्ति ठप हो गई।
नए साल के पहले ही दिन इन उपकेंद्रों से जुड़े करीब 300 गांव अंधेरे में डूबे रहे। अभियंता फॉल्ट दूर कर बुधवार शाम तक बिजली आपूर्ति बहाल करने का दावा कर रहे हैं।
डलमऊ ट्रांसमिशन से निकली 33 केवी लाइन से गदागंज, जमुनापुर और उतरपारा विद्युत उपकेंद्र की सप्लाई होती है। पखरौली गांव के पास रेलवे लाइन के नीचे अंडरग्राउंड केबल डाली गई है।
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मंगलवार सुबह करीब नौ बजे केबल जल गई। इससे तीनों उपकेंद्रों की सप्लाई बंद हो गई। पूरे दिन बिजली नहीं आई। इससे जहां पेयजल की किल्लत से लोगाें को जूझना पड़ा।
वहीं गेहूं की सिंचाई का काम भी प्रभावित रहा है। लोग अंदाजा लगा रहे थे कि शायद शाम को आपूर्ति बहाल हो जाए लेकिन नए साल के पहले दिन भी कई गांव अंधेरे में डूबे रहे।
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नए साल के पहले ही दिन इन उपकेंद्रों से जुड़े करीब 300 गांव अंधेरे में डूबे रहे। अभियंता फॉल्ट दूर कर बुधवार शाम तक बिजली आपूर्ति बहाल करने का दावा कर रहे हैं।
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डलमऊ ट्रांसमिशन से निकली 33 केवी लाइन से गदागंज, जमुनापुर और उतरपारा विद्युत उपकेंद्र की सप्लाई होती है। पखरौली गांव के पास रेलवे लाइन के नीचे अंडरग्राउंड केबल डाली गई है।
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मंगलवार सुबह करीब नौ बजे केबल जल गई। इससे तीनों उपकेंद्रों की सप्लाई बंद हो गई। पूरे दिन बिजली नहीं आई। इससे जहां पेयजल की किल्लत से लोगाें को जूझना पड़ा।
वहीं गेहूं की सिंचाई का काम भी प्रभावित रहा है। लोग अंदाजा लगा रहे थे कि शायद शाम को आपूर्ति बहाल हो जाए लेकिन नए साल के पहले दिन भी कई गांव अंधेरे में डूबे रहे।