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315 शिक्षामित्रों के स्कूलों में होगी अदला बदली
Updated Tue, 14 Aug 2018 12:16 AM IST
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रायबरेली। जिले में तैनात 2171 शिक्षामित्रों में से महज 315 शिक्षामित्रों को इधर से उधर किया जाएगा। यानी शिक्षामित्रों के समायोजन से यहां ज्यादा असर नहीं पड़ेगा। जिले के 125 शिक्षामित्र अपने मूल विद्यालय भेजे जाएंगे, जबकि 190 शिक्षामित्रों ने मनचाही जगह पर तैनाती के लिए आवेदन किया है। बाकी शिक्षामित्रों को वहीं पढ़ाना होगा, जहां वह अभी तैनात हैं। भले ही वे मूल तैनाती वाले विद्यालय से इतर दूसरे विद्यालय में पढ़ा रहे हों।
वर्तमान में 2171 शिक्षामित्र कार्यरत हैं। इनमें से काफी लोगों को सहायक अध्यापक बनाए जाने पर उस समय नए विद्यालय में तैनाती मिली थी। बाद में वापस शिक्षामित्र बना दिए गए तो उनके सामने दिक्कतें आने लगीं। इस पर शिक्षामित्रों के समायोजन का फैसला लिया गया। समायोजन की प्रक्रिया शुरू हुई। ब्लॉकों से उपलब्ध कराए गए आंकड़ों पर गौर करें तो 1617 शिक्षामित्र ऐसे हैं, जिनके विद्यालय में परिवर्तन की कोई जरूरत नहीं है।
इसी तरह 239 शिक्षामित्रों ने वर्तमान तैनाती वाले विद्यालयों में ही पढ़ाने का फैसला लिया है। इसके अलावा 125 शिक्षामित्रों ने अपनी मूल तैनाती वाले विद्यालयों में ही जाने का आवेदन किया है, जबकि समायोजन प्रक्रिया के नियमों के अंतर्गत 190 शिक्षामित्रों ने नए विद्यालयों में तैनाती की मांग की है।
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प्रभारी बीएसए वीरेंद्र कुमार कनौजिया का कहना है कि, शिक्षामित्रों के समायोजन के लिए पदस्थापन कमेटी बन चुकी है। सारे मामले कमेटी के सामने रखे जाएंगे, ताकि आगे की प्रक्रिया पूरी की जा सके।
शिक्षामित्रों और शिक्षकों का समायोजन पांच अगस्त तक पूरा करना था, लेकिन अभी तक शिक्षामित्रों का ही समायोजन पूरा नहीं हो पाया है। शिक्षामित्रों का समायोजन होने के बाद ही शिक्षकों के समायोजन और परस्पर स्थानांतरण की प्रक्रिया शुरू हो सकेगी। हालांकि शिक्षकों के संबंध में सभी ब्लॉकों से ब्योरा मांगा गया है, ताकि उसके अनुरूप पद सृजन किए जा सकें और फिर समायोजन व परस्पर स्थानांतरण की प्रक्रिया पूरी की जा सके।
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वर्तमान में 2171 शिक्षामित्र कार्यरत हैं। इनमें से काफी लोगों को सहायक अध्यापक बनाए जाने पर उस समय नए विद्यालय में तैनाती मिली थी। बाद में वापस शिक्षामित्र बना दिए गए तो उनके सामने दिक्कतें आने लगीं। इस पर शिक्षामित्रों के समायोजन का फैसला लिया गया। समायोजन की प्रक्रिया शुरू हुई। ब्लॉकों से उपलब्ध कराए गए आंकड़ों पर गौर करें तो 1617 शिक्षामित्र ऐसे हैं, जिनके विद्यालय में परिवर्तन की कोई जरूरत नहीं है।
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इसी तरह 239 शिक्षामित्रों ने वर्तमान तैनाती वाले विद्यालयों में ही पढ़ाने का फैसला लिया है। इसके अलावा 125 शिक्षामित्रों ने अपनी मूल तैनाती वाले विद्यालयों में ही जाने का आवेदन किया है, जबकि समायोजन प्रक्रिया के नियमों के अंतर्गत 190 शिक्षामित्रों ने नए विद्यालयों में तैनाती की मांग की है।
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प्रभारी बीएसए वीरेंद्र कुमार कनौजिया का कहना है कि, शिक्षामित्रों के समायोजन के लिए पदस्थापन कमेटी बन चुकी है। सारे मामले कमेटी के सामने रखे जाएंगे, ताकि आगे की प्रक्रिया पूरी की जा सके।
शिक्षामित्रों और शिक्षकों का समायोजन पांच अगस्त तक पूरा करना था, लेकिन अभी तक शिक्षामित्रों का ही समायोजन पूरा नहीं हो पाया है। शिक्षामित्रों का समायोजन होने के बाद ही शिक्षकों के समायोजन और परस्पर स्थानांतरण की प्रक्रिया शुरू हो सकेगी। हालांकि शिक्षकों के संबंध में सभी ब्लॉकों से ब्योरा मांगा गया है, ताकि उसके अनुरूप पद सृजन किए जा सकें और फिर समायोजन व परस्पर स्थानांतरण की प्रक्रिया पूरी की जा सके।