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सावन मेें झूम के बरसे बदरा, खूब भिगोया
Updated Mon, 10 Jul 2017 11:31 PM IST
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सावन मेें झूम के बरसे बदरा, खूब भिगोया
रायबरेली। जिले में सावन के पहले दिन ही बदरा झूम के बरसे और लोगों को खूूब भिगोया। बरसात होने के बावजूद शिव मंदिरोें में भक्तोें में पूजा पाठ करने की होड़ दिखी। बड़े, बुजुर्ग और महिलाओं ने भीगकर बारिश का आनंद लिया। मौसम पूरी तरह सुहावना नजर आया तो लोगों के चेहरे पर सावन के पहले दिन ही तेज बारिश की खुशी साफ देखने को मिली। खेती किसानी के कार्य ने और रफ्तार पकड़ी। बारिश होती रही और खेतों में धान की रोपाई होती रही। इससे किसानों के चेहरे खिल उठे।
वैसे तो कई दिन से मौसम में उतार चढ़ाव लगा था, लेकिन सोमवार को सावन के पहले दिन ही जिस तरह बारिश हुई, उसने सभी के चेहरे को खुश कर दिया। भोर से शुरू हुई बारिश देर रात तक रुक-रुककर होती रही। सोमवार का पहला दिन था। इसलिए भक्तों के कदम नहीं रुके और वह बरसात का आनंद लेते हुए मंदिरों में पहुंचकर जलाभिषेक करते नजर आए। कई बड़े, बुजुर्ग और महिलाओं ने भीगकर बारिश का लुत्फ उठाया। सिर्फ शहर ही नहीं, बल्कि पूरे जिले में झमाझम बारिश से मौसम ठंडा हो गया।
झमाझम बारिश से किसानों के चेहरे भी खिल उठे। एक तरफ बारिश हो रही थी, दूसरी तरफ किसानों के खेत में धान की रोपाई महिलाएं कर रही थी। कुछ ऐसे किसान थे, जो धान की रोपाई के लिए खेत बना रहे थे। बेड़न उखाड़ रहे थे। राही ब्लॉक क्षेत्र के इब्राहिमपुर गांव के किसान पवन द्विवेदी का कहना था कि सावन के पहले दिन ही इस तरह की बारिश होने से अच्छा हुआ और उन्होंने धान की रोपाई शुरू करा दी। हरचंदपुर ब्लॉक क्षेत्र के सलेमपुर के किसान अंकित वाजपेयी का कहना था कि यह बारिश खेती किसानी के लिए अच्छी है। धान की रोपाई का कार्य और तेज हो गया है।
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रायबरेली। जिले में सावन के पहले दिन ही बदरा झूम के बरसे और लोगों को खूूब भिगोया। बरसात होने के बावजूद शिव मंदिरोें में भक्तोें में पूजा पाठ करने की होड़ दिखी। बड़े, बुजुर्ग और महिलाओं ने भीगकर बारिश का आनंद लिया। मौसम पूरी तरह सुहावना नजर आया तो लोगों के चेहरे पर सावन के पहले दिन ही तेज बारिश की खुशी साफ देखने को मिली। खेती किसानी के कार्य ने और रफ्तार पकड़ी। बारिश होती रही और खेतों में धान की रोपाई होती रही। इससे किसानों के चेहरे खिल उठे।
वैसे तो कई दिन से मौसम में उतार चढ़ाव लगा था, लेकिन सोमवार को सावन के पहले दिन ही जिस तरह बारिश हुई, उसने सभी के चेहरे को खुश कर दिया। भोर से शुरू हुई बारिश देर रात तक रुक-रुककर होती रही। सोमवार का पहला दिन था। इसलिए भक्तों के कदम नहीं रुके और वह बरसात का आनंद लेते हुए मंदिरों में पहुंचकर जलाभिषेक करते नजर आए। कई बड़े, बुजुर्ग और महिलाओं ने भीगकर बारिश का लुत्फ उठाया। सिर्फ शहर ही नहीं, बल्कि पूरे जिले में झमाझम बारिश से मौसम ठंडा हो गया।
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झमाझम बारिश से किसानों के चेहरे भी खिल उठे। एक तरफ बारिश हो रही थी, दूसरी तरफ किसानों के खेत में धान की रोपाई महिलाएं कर रही थी। कुछ ऐसे किसान थे, जो धान की रोपाई के लिए खेत बना रहे थे। बेड़न उखाड़ रहे थे। राही ब्लॉक क्षेत्र के इब्राहिमपुर गांव के किसान पवन द्विवेदी का कहना था कि सावन के पहले दिन ही इस तरह की बारिश होने से अच्छा हुआ और उन्होंने धान की रोपाई शुरू करा दी। हरचंदपुर ब्लॉक क्षेत्र के सलेमपुर के किसान अंकित वाजपेयी का कहना था कि यह बारिश खेती किसानी के लिए अच्छी है। धान की रोपाई का कार्य और तेज हो गया है।
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