{"_id":"5c6d8f69bdec22739c3fefb1","slug":"31550684009-raebareli-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"गबन में जिला ग्राम्य विकास अभिकरण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गबन में जिला ग्राम्य विकास अभिकरण
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रायबरेली। करीब साढ़े चार करोड़ रुपये के गबन के मामले में सदर कोतवाली पुलिस ने जिला ग्राम्य विकास अभिकरण के तत्कालीन परियोजना प्रबंधक को गिरफ्तार किया है।
विधायक निधि से सड़क निर्माण समेत अन्य कार्यों के लिए मिले धन को डकार लिया था। केस दर्ज करने के बाद से आरोपी पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ रहा था।
पूछताछ के बाद पुलिस ने उसे सलाखों के पीछे भेज दिया है। इसी मामले में एक दूसरे तत्कालीन परियोजना प्रबंधक अभी पुलिस की पकड़ से दूर हैं, जिसकी गिरफ्तारी के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। पकड़ा गया आरोपी अमेठी जिले का रहने वाला है।
एसपी सुनील कुमार सिंह ने बताया कि वर्ष 2013 में जिला ग्राम्य विकास अधिकरण के सहायक अभियंता एसके त्रिपाठी ने तत्कालीन परियोजना प्रबंधक अशोक त्रिपाठी और रामकेश सोनकर के खिलाफ गबन का मुकदमा कोतवाली में दर्ज कराया था।
विज्ञापन
दोनों ने विधायक निधि से सड़क निर्माण समेत अन्य कार्यों के लिए मिले चार करोड़ 41 लाख रुपये का गबन कर लिया था। कोई निर्माण कार्य भी नहीं कराया था।
उस समय केस तो दर्ज हो गया था, लेकिन दोनों आरोपी पुलिस की पकड़ से दूर थे। एसपी ने बताया कि सदर कोतवाल अतुल सिंह, वरिष्ठ उपनिरीक्षक संजय सिंह, मनोज सोनकर की टीम ने बस स्टेशन के पास से मुखबिर की सूचना पर तत्कालीन परियोजना प्रबंधक आरोपी रामकेश सोनकर को दबोच लिया। पकड़ा गया रामकेश अमेठी जिले के जायस कस्बे के चौधराना मोहल्ले का रहने वाला है। उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
25 हजार रुपये का इनाम था घोषित
सदर कोतवाल अतुल सिंह ने बताया कि आरोपी रामकेश सोनकर की गिरफ्तारी न होने पर उस पर 25 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया गया था। इसके बाद मुखबिर की सूचना पर उसे दबोच लिया गया। साथ ही एनबीडब्लू और 82 सीआरपीसी की कार्रवाई भी की गई थी। कोतवाल का कहना है कि दूसरे आरोपी की तलाश में छापेमारी की जा रही है।
मुखबिर को नहीं समझ पाया आरोपी, पकड़ा गया
कोतवाल ने बताया कि आरोपी रामकेश सोनकर बस स्टेशन पर कहीं जाने की फिराक में घूम रहा था। मुखबिर की सूचना मिली तो हम लोग पहुंच गए। मुखबिर उसके पास पहुंचकर इशारा कर दिया कि वही रामकेश सोनकर है। इस पर मौके पर पहुंचकर उसे दबोच लिया गया। पूछताछ की गई तो उसने धन डकारने की बात भी स्वीकार कर ली।
विज्ञापन
विधायक निधि से सड़क निर्माण समेत अन्य कार्यों के लिए मिले धन को डकार लिया था। केस दर्ज करने के बाद से आरोपी पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ रहा था।
पूछताछ के बाद पुलिस ने उसे सलाखों के पीछे भेज दिया है। इसी मामले में एक दूसरे तत्कालीन परियोजना प्रबंधक अभी पुलिस की पकड़ से दूर हैं, जिसकी गिरफ्तारी के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। पकड़ा गया आरोपी अमेठी जिले का रहने वाला है।
विज्ञापन
एसपी सुनील कुमार सिंह ने बताया कि वर्ष 2013 में जिला ग्राम्य विकास अधिकरण के सहायक अभियंता एसके त्रिपाठी ने तत्कालीन परियोजना प्रबंधक अशोक त्रिपाठी और रामकेश सोनकर के खिलाफ गबन का मुकदमा कोतवाली में दर्ज कराया था।
विज्ञापन
दोनों ने विधायक निधि से सड़क निर्माण समेत अन्य कार्यों के लिए मिले चार करोड़ 41 लाख रुपये का गबन कर लिया था। कोई निर्माण कार्य भी नहीं कराया था।
उस समय केस तो दर्ज हो गया था, लेकिन दोनों आरोपी पुलिस की पकड़ से दूर थे। एसपी ने बताया कि सदर कोतवाल अतुल सिंह, वरिष्ठ उपनिरीक्षक संजय सिंह, मनोज सोनकर की टीम ने बस स्टेशन के पास से मुखबिर की सूचना पर तत्कालीन परियोजना प्रबंधक आरोपी रामकेश सोनकर को दबोच लिया। पकड़ा गया रामकेश अमेठी जिले के जायस कस्बे के चौधराना मोहल्ले का रहने वाला है। उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
25 हजार रुपये का इनाम था घोषित
सदर कोतवाल अतुल सिंह ने बताया कि आरोपी रामकेश सोनकर की गिरफ्तारी न होने पर उस पर 25 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया गया था। इसके बाद मुखबिर की सूचना पर उसे दबोच लिया गया। साथ ही एनबीडब्लू और 82 सीआरपीसी की कार्रवाई भी की गई थी। कोतवाल का कहना है कि दूसरे आरोपी की तलाश में छापेमारी की जा रही है।
मुखबिर को नहीं समझ पाया आरोपी, पकड़ा गया
कोतवाल ने बताया कि आरोपी रामकेश सोनकर बस स्टेशन पर कहीं जाने की फिराक में घूम रहा था। मुखबिर की सूचना मिली तो हम लोग पहुंच गए। मुखबिर उसके पास पहुंचकर इशारा कर दिया कि वही रामकेश सोनकर है। इस पर मौके पर पहुंचकर उसे दबोच लिया गया। पूछताछ की गई तो उसने धन डकारने की बात भी स्वीकार कर ली।