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शहर के अंदर से बंद किया जाए भारी वाहनों का संचालन
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रायबरेली। सेंट्रल बार एसोसिएशन, सिविल कोर्ट के अधिवक्ताओं ने गुरुवार को एनएचएआई के अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा और शहर के अंदर से निकल रहे भारी वाहनों के संचालन पर रोक लगाए जाने की मांग की।
अधिवक्ताओं ने कहा कि शहर के अंदर से तेज रफ्तार से भारी वाहन निकल रहे हैं। स्थानीय प्रशासन भी इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है।
सेंट्रल बार के अध्यक्ष अतुल कुमार शुक्ला, महामंत्री विजय कुमार बाजपेयी ने कहा कि शहर के अंदर जिला अस्पताल, कई नर्सिंग होम, महिला चिकित्सालय, कई इंटर कॉलेज, मोतीलाल नेहरू स्टेडियम समेत अन्य संस्थान हैं।
इससे शहर में हर समय भीड़भाड़ रहती है। नो-इंट्री के समय भी भारी वाहन शहर से निकल रहे हैं। इससे आए दिन जाम लग जाता है।
सतीश कुमार, मनोज कुमार वर्मा, कमलेश यादव, प्रशांत त्रिपाठी, सूर्यभान मौर्य ने कहा कि सलोन, मुंशीगंज, कुंडा, लालगंज, फतेहपुर की तरह शहर में बाईपास बनवाया जाए, ताकि भारी वाहन उससे निकल सके। कहा कि मुंशीगंज, कुंडा, मंसूराबाद का निर्माण जनहित की समस्या को देखते हुए किया गया है, जबकि यह बाईपास डीपीआर में शामिल नहीं है।
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अधिवक्ताओं ने कहा कि शहर के अंदर से तेज रफ्तार से भारी वाहन निकल रहे हैं। स्थानीय प्रशासन भी इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है।
सेंट्रल बार के अध्यक्ष अतुल कुमार शुक्ला, महामंत्री विजय कुमार बाजपेयी ने कहा कि शहर के अंदर जिला अस्पताल, कई नर्सिंग होम, महिला चिकित्सालय, कई इंटर कॉलेज, मोतीलाल नेहरू स्टेडियम समेत अन्य संस्थान हैं।
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इससे शहर में हर समय भीड़भाड़ रहती है। नो-इंट्री के समय भी भारी वाहन शहर से निकल रहे हैं। इससे आए दिन जाम लग जाता है।
सतीश कुमार, मनोज कुमार वर्मा, कमलेश यादव, प्रशांत त्रिपाठी, सूर्यभान मौर्य ने कहा कि सलोन, मुंशीगंज, कुंडा, लालगंज, फतेहपुर की तरह शहर में बाईपास बनवाया जाए, ताकि भारी वाहन उससे निकल सके। कहा कि मुंशीगंज, कुंडा, मंसूराबाद का निर्माण जनहित की समस्या को देखते हुए किया गया है, जबकि यह बाईपास डीपीआर में शामिल नहीं है।
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