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विद्युत उपकेंद्र त्रिपुला पर गिरी बिजली
Updated Mon, 14 May 2018 12:16 AM IST
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आंधी-पानी के बीच उपकेंद्र पर गिरी बिजली, लगी आग
रायबरेली। आंधी-पानी ने रविवार रात जिले में जमकर कहर बरपाया। धूल भरी आंधी में घरों में रखे छप्पर व टिनशेड उड़ गए। कुछ देर में झमाझम बारिश होने लगी।
आंधी के चलते कई जगहों पर पेड़ व बिजली के खंभे गिर गए। इसी बीच विद्युत उपकेंद्र त्रिपुला पर बिजली गिरने से कंट्रोल रूम में आग लग गई।
तेज धमाकों के साथ दो इनकमिंग और आउट गोइंग पैनल फुंक गए। हादसे में कोई हताहत तो नहीं हुआ, लेकिन कई इलाकों की बिजली गुल हो गई।
कंट्रोल रूम के उपकरण फुंकने से उपकेंद्र से जुड़े इलाकों में तीन दिन बाद ही बिजली व्यवस्था बहाल होने की उम्मीद है। इससे करीब एक लाख की आबादी प्रभावित है।
रविवार रात करीब 8.15 बजे अचानक मौसम का मिजाज बदल गया। आसमान में काले बादल छा गए। देखते ही देखते धूल भरी आंधी चलने लगी।
कुछ देर बाद ही आंधी के साथ-साथ बारिश भी होने लगी। आंधी की रफ्तार बहुत तेज थी। आंधी-बारिश के कारण शहर के सुपर मार्केट, घंटाघर चौराहा, डिग्री कॉलेज चौराहा, सिविल लाइंस चौराहा खरीददारी करने पहुंचे लोगों में अफरातफरी मच गई।
हर किसी ने आंधी-पानी से बचने के लिए घरोें में दुबक गए। शहर से लेकर देहात क्षेत्रों में आंधी-पानी की तबाही रही। शहर के साथ-साथ देहात क्षेत्रों में कई पेड़, बिजली के पोल टूटकर जमीन में गिर गए।
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इससे जिलेभर की 34 लाख आबादी अंधेेरे में डूब गई। पावर कॉर्पोरेशन के अधीक्षण अभियंता पंकज श्रीवास्तव ने बताया कि आंधी-पानी के कारण बिजली आपूर्ति ठप हुई है। कहां-कहां पर फाल्ट आई है, बिजली के पोल टूटे हैं, इस बारे में जांच कराई जा रही है।
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रायबरेली। आंधी-पानी ने रविवार रात जिले में जमकर कहर बरपाया। धूल भरी आंधी में घरों में रखे छप्पर व टिनशेड उड़ गए। कुछ देर में झमाझम बारिश होने लगी।
आंधी के चलते कई जगहों पर पेड़ व बिजली के खंभे गिर गए। इसी बीच विद्युत उपकेंद्र त्रिपुला पर बिजली गिरने से कंट्रोल रूम में आग लग गई।
तेज धमाकों के साथ दो इनकमिंग और आउट गोइंग पैनल फुंक गए। हादसे में कोई हताहत तो नहीं हुआ, लेकिन कई इलाकों की बिजली गुल हो गई।
कंट्रोल रूम के उपकरण फुंकने से उपकेंद्र से जुड़े इलाकों में तीन दिन बाद ही बिजली व्यवस्था बहाल होने की उम्मीद है। इससे करीब एक लाख की आबादी प्रभावित है।
रविवार रात करीब 8.15 बजे अचानक मौसम का मिजाज बदल गया। आसमान में काले बादल छा गए। देखते ही देखते धूल भरी आंधी चलने लगी।
कुछ देर बाद ही आंधी के साथ-साथ बारिश भी होने लगी। आंधी की रफ्तार बहुत तेज थी। आंधी-बारिश के कारण शहर के सुपर मार्केट, घंटाघर चौराहा, डिग्री कॉलेज चौराहा, सिविल लाइंस चौराहा खरीददारी करने पहुंचे लोगों में अफरातफरी मच गई।
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हर किसी ने आंधी-पानी से बचने के लिए घरोें में दुबक गए। शहर से लेकर देहात क्षेत्रों में आंधी-पानी की तबाही रही। शहर के साथ-साथ देहात क्षेत्रों में कई पेड़, बिजली के पोल टूटकर जमीन में गिर गए।
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इससे जिलेभर की 34 लाख आबादी अंधेेरे में डूब गई। पावर कॉर्पोरेशन के अधीक्षण अभियंता पंकज श्रीवास्तव ने बताया कि आंधी-पानी के कारण बिजली आपूर्ति ठप हुई है। कहां-कहां पर फाल्ट आई है, बिजली के पोल टूटे हैं, इस बारे में जांच कराई जा रही है।