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पिता-पुत्र की सेहत में सुधार, गांव पहुंची
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रायबरेली। एसजीपीजीआई लखनऊ की जांच में पिता-पुत्र में स्वाइन फ्लू की पुष्टि होने के तीसरे दिन सोमवार को स्वास्थ्य विभाग सक्रिय हुआ। टीम ने भदोखर थाना क्षेत्र के प्रभावित गांव में पहुंचकर परिवार के लोगाें की सेहत को जांचा। करीब 28 लोगाें को टेमी फ्लू दवा खिलाई। साथ ही घर के आसपास सफाई को दुरुस्त करने के साथ ही एहतियात बरतने की सलाह दी। उधर लखनऊ के निजी अस्पताल में भर्ती पिता-पुत्र की सेहत में सुधार है।
भदोखर थाना क्षेत्र के एक गांव के 46 वर्षीय पिता व 19 वर्षीय बेटे को बीमार होने के बाद चार-पांच दिन पहले लखनऊ के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था। अस्पताल की जांच में स्वाइन फ्लू की पुष्टि होने के बाद शनिवार को एसजीपीजीआई ने स्वाइन फ्लू पॉजिटिव होने की रिपोर्ट दी। जिले के अधिकारियों को जानकारी न होने के कारण टीम संबंधित गांव नहीं पहुंच सकी।
अमर उजाला ने छह जनवरी के अंक में पिता-पुत्र स्वाइन फ्लू की चपेट में, हड़कंप शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। खबर छपने के बाद स्वास्थ्य विभाग की नींद टूट गई। सोमवार को संक्रामक रोग विशेषज्ञ डॉ. ऋषि बागची व संक्रामक रोग प्रभारी डॉ. अश्वनी चौधरी के नेतृत्व में टीम भदोखर क्षेत्र के गांव पहुंची। टीम ने स्वाइन फ्लू के रोगी केे घर के 12 बच्चों समेत 28 लोगों की सेहत जांची और उन्हें स्वाइन फ्लू से बचने के लिए दवा खिलाई।
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रोडवेज बस स्टेशन से लौटने के बाद आई दिक्कत
स्वास्थ्य विभाग की टीम को परिवारीजनों ने बताया कि स्वाइन फ्लू की चपेट में आया रोगी 22 दिसंबर को बेटी को बस पर बैठाने के लिए रोडवेज बस स्टेशन गए थे। वहां से लौटने के बाद बीमार हो गए थे। कई दिनों तक इधर-उधर इलाज कराने के बाद भी लाभ न होने पर लखनऊ में भर्ती कराया गया, जहां स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई।
वर्जन
गांव पहुंचकर परिवार के सभी लोगोें की जांच की गई है। किसी को भी समस्या नहीं है। लखनऊ में भर्ती पिता-पुत्र की सेहत में भी सुधार है। गांव के 28 लोगाें को टेमी फ्लू दवा खिलाई गई।
डॉ. ऋषि बागची, संक्रामक रोग विशेषज्ञ
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भदोखर थाना क्षेत्र के एक गांव के 46 वर्षीय पिता व 19 वर्षीय बेटे को बीमार होने के बाद चार-पांच दिन पहले लखनऊ के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था। अस्पताल की जांच में स्वाइन फ्लू की पुष्टि होने के बाद शनिवार को एसजीपीजीआई ने स्वाइन फ्लू पॉजिटिव होने की रिपोर्ट दी। जिले के अधिकारियों को जानकारी न होने के कारण टीम संबंधित गांव नहीं पहुंच सकी।
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अमर उजाला ने छह जनवरी के अंक में पिता-पुत्र स्वाइन फ्लू की चपेट में, हड़कंप शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। खबर छपने के बाद स्वास्थ्य विभाग की नींद टूट गई। सोमवार को संक्रामक रोग विशेषज्ञ डॉ. ऋषि बागची व संक्रामक रोग प्रभारी डॉ. अश्वनी चौधरी के नेतृत्व में टीम भदोखर क्षेत्र के गांव पहुंची। टीम ने स्वाइन फ्लू के रोगी केे घर के 12 बच्चों समेत 28 लोगों की सेहत जांची और उन्हें स्वाइन फ्लू से बचने के लिए दवा खिलाई।
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रोडवेज बस स्टेशन से लौटने के बाद आई दिक्कत
स्वास्थ्य विभाग की टीम को परिवारीजनों ने बताया कि स्वाइन फ्लू की चपेट में आया रोगी 22 दिसंबर को बेटी को बस पर बैठाने के लिए रोडवेज बस स्टेशन गए थे। वहां से लौटने के बाद बीमार हो गए थे। कई दिनों तक इधर-उधर इलाज कराने के बाद भी लाभ न होने पर लखनऊ में भर्ती कराया गया, जहां स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई।
वर्जन
गांव पहुंचकर परिवार के सभी लोगोें की जांच की गई है। किसी को भी समस्या नहीं है। लखनऊ में भर्ती पिता-पुत्र की सेहत में भी सुधार है। गांव के 28 लोगाें को टेमी फ्लू दवा खिलाई गई।
डॉ. ऋषि बागची, संक्रामक रोग विशेषज्ञ