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नेशनल हाइवे बनने से जुड़ गया पूर्वांचल और बुंदेलखंड
Updated Mon, 17 Dec 2018 12:01 AM IST
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रायबरेली। आखिरकार पूर्वांचल से बुंदेलखंड को जोड़ने के लिए नेशनल हाईवे 232 रायबरेली-फतेहपुर-बांदा खंड का लोकार्पण रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कर दिया। दो लेन पेव्ड शोल्डर्स सहित चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण के साथ इस हाईवे के बनने से अब उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल क्षेत्र का सीधा संपर्क बुंदेलखंड क्षेत्र से स्थापित हो गया है। बुंदेलखंड क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले जिले फतेहपुर और बांदा के विकास में भी यह राष्ट्रीय राजमार्ग मील का पत्थर साबित होगा।
यह नेशनल हाईवे रायबरेली शहर से होते हुए लालगंज, फतेहपुर, बांदा तक जाता है। इस मार्ग से चित्रकूट धाम तक पहुंचने में बहुत ही सुविधा होगी तथा समय भी बचेगा। निर्माण कार्यों के लिए बांदा से लाई जाने वाली बालू, मोरंग, गिट्टी से लदे भारी वाहनों को माल पहुंचाने में सुविधा होगी।
फतेहपुर तथा लालगंज बाईपास बन जाने से ट्रकों को शहर में जाने की समस्या तथा भारी वाहनों के प्रदूषण से निजात मिलेगी। फतेहपुर तथा लालगंज शहर के अंदर आए दिन हो रही भारी वाहनों से दुर्घटनाओं में भी कमी आएगी। इस मार्ग के निर्माण से अब रायबरेली से लालगंज, फतेहपुर, कानपुर व बांदा तक की यात्रा को पूर्ण करने में न सिर्फ समय की बचत होगी, बल्कि यह यात्रा सुविधाजनक एवं सुलभ होगी।
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करीब 133.285 किमी लंबे एनएच-232 का काम पूरा करने में 558 करोड़ की लागत आई है। इसमें सई नदी पर एक दीर्घ सेतु बनवाया गया है तो 13 लघु सेतु बनाए गए, जबकि फतेहपुर और लालगंज में दो रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण भी कराया गया।
फतेहपुर में 11.031 किमी तथा लालगंज में 5.050 किमी लंबा बाईपास बनवाया गया। साथ ही 3.200 किमी की सर्विस रोड बनवाई गई। इसके अलावा कई अन्य सुविधाओं से लैस इस नेशनल हाईवे पर सफर करना अब सुहाना होगा। पीएम ने कहा कि कनेक्टिविटी को सुदृढ़ करने के लिए हाईवे, रेलवे, एयरवे हर क्षेत्र में काम हो रहा है। इसी कड़ी में रायबरेली में भी दिन-रात काम हो रहा है, जिसका नतीजा यह नेशनल हाईवे है।
इनसेट
एनएच-232 पर मिलीं ये सुविधाएं
1 दीर्घ सेतु
13 लघु सेतु
2 वाहन अंडरपास
213 पुलिया
3 कैटल अंडरपास
28 बस पड़ाव
8 ट्रक पड़ाव
2 रेलवे ओवरब्रिज
2 बाईपास
3.2 किमी सर्विस रोड।
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यह नेशनल हाईवे रायबरेली शहर से होते हुए लालगंज, फतेहपुर, बांदा तक जाता है। इस मार्ग से चित्रकूट धाम तक पहुंचने में बहुत ही सुविधा होगी तथा समय भी बचेगा। निर्माण कार्यों के लिए बांदा से लाई जाने वाली बालू, मोरंग, गिट्टी से लदे भारी वाहनों को माल पहुंचाने में सुविधा होगी।
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फतेहपुर तथा लालगंज बाईपास बन जाने से ट्रकों को शहर में जाने की समस्या तथा भारी वाहनों के प्रदूषण से निजात मिलेगी। फतेहपुर तथा लालगंज शहर के अंदर आए दिन हो रही भारी वाहनों से दुर्घटनाओं में भी कमी आएगी। इस मार्ग के निर्माण से अब रायबरेली से लालगंज, फतेहपुर, कानपुर व बांदा तक की यात्रा को पूर्ण करने में न सिर्फ समय की बचत होगी, बल्कि यह यात्रा सुविधाजनक एवं सुलभ होगी।
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करीब 133.285 किमी लंबे एनएच-232 का काम पूरा करने में 558 करोड़ की लागत आई है। इसमें सई नदी पर एक दीर्घ सेतु बनवाया गया है तो 13 लघु सेतु बनाए गए, जबकि फतेहपुर और लालगंज में दो रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण भी कराया गया।
फतेहपुर में 11.031 किमी तथा लालगंज में 5.050 किमी लंबा बाईपास बनवाया गया। साथ ही 3.200 किमी की सर्विस रोड बनवाई गई। इसके अलावा कई अन्य सुविधाओं से लैस इस नेशनल हाईवे पर सफर करना अब सुहाना होगा। पीएम ने कहा कि कनेक्टिविटी को सुदृढ़ करने के लिए हाईवे, रेलवे, एयरवे हर क्षेत्र में काम हो रहा है। इसी कड़ी में रायबरेली में भी दिन-रात काम हो रहा है, जिसका नतीजा यह नेशनल हाईवे है।
इनसेट
एनएच-232 पर मिलीं ये सुविधाएं
1 दीर्घ सेतु
13 लघु सेतु
2 वाहन अंडरपास
213 पुलिया
3 कैटल अंडरपास
28 बस पड़ाव
8 ट्रक पड़ाव
2 रेलवे ओवरब्रिज
2 बाईपास
3.2 किमी सर्विस रोड।