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वाणिज्य कर विभाग के चपरासी की संदिग्ध हालात में मौत
Updated Wed, 21 Jun 2017 01:08 AM IST
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वाणिज्य कर विभाग के चपरासी की संदिग्ध हालात में मौत
सबहेड - घर वालों का आरोप, जिला अस्पताल में लगवा दिया जहर का इंजेक्शन
- पीएम होने के बाद भी तीन दिन से घर में रखा है शव, पुलिस ने की जांच
अमर उजाला ब्यूरो
रायबरेली। वाणिज्य कर विभाग के एक चपरासी की संदिग्ध हालात में मौत हो गई। परिवारीजन हत्या का आरोप लगाकर कार्रवाई की मांग पर अड़ गए हैं। तीन दिन से शव घर में रखे हुए हैं, लेकिन उसका अंतिम संस्कार नहीं किया गया है। आरोप है कि पत्नी ने ही इलाज के दौैरान जिला अस्पताल में चपरासी को गलत इंजेक्शन लगवा दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। इसकी सूचना मिलने पर मंगलवार को इंदिरा नगर चौकी इंचार्ज ने पहुंचकर जांच की। परिवारीजनों से शव का अंतिम संस्कार कराने की बात कही, लेकिन वे पत्नी के खिलाफ कार्रवाई की मांग पर अड़े हैं।
सदर कोतवाली क्षेत्र के नेहरू नगर निवासी अजीत सिंह (30) पुत्र चंद्रभान सिंह की 15 जून को अचानक हालत बिगड़ गई। उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौैत हो गई। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया। बावजूद तीन दिन से अजीत का शव घर पर ही रखा है, उसका अंतिम संस्कार नहीं किया गया है। इसकी सूचना मंगलवार सुबह मिली तो इंदिरा नगर चौकी इंचार्ज विजय प्रताप मौके पर पहुंचकर जांच की। चौकी इंचार्ज के मुताबिक मृतक की बहन अनीता सिंह का आरोप है कि भाभी ने उसके भाई की हत्या करा दी है। जिला अस्पताल में इलाज के दौैरान उसे जहर का इंजेक्शन लगवा दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। परिवारीजनों ने घर के पास आक्रोश जताते हुए हंगामा किया। चौकी इंचार्ज के मुताबिक मृतक अजीत सिंह जिले में वाणिज्य कर विभाग में चपरासी पद पर तैनात था। मृतक की पत्नी अनामिका सिंह डीह क्षेत्र की रहने वाली है। पत्नी का कहना है कि पति बीमार थे। बीमारी के चलते मौत हुई है। हत्या का झूठा आरोप लगाया जा रहा है। सदर कोतवाल सुधीरचंद्र पांडेय का कहना है कि मृतक अजीत के शव का पीएम कराया गया है। पीएम रिपोर्ट में मौत का कोई कारण स्पष्ट नहीं हो पाया है। बिसरा सुरक्षित है, जिसे जांच के लिए भेजा गया है। मृतक की बहन समेत अन्य परिवारीजन जो आरोप लगा रहे हैं, उसमें कोई सच्चाई नहीं है।
इनसेट
पंकज हत्याकांड के मामले में जेल में है भाई
चौकी इंचार्ज का कहना है कि मृतक अजीत का भाई अजय प्रताप उर्फ बबलू इस समय जेल में है। एक साल पहले बीडीसी सदस्य पंकज हत्याकांड के मामले में उसे गिरफ्तार किया गया था। घटना पर नजर रखी जा रही है। परिवारीजनों को शांत कराकर शव का अंतिम संस्कार कराने की कोशिश की जा रही है।
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सबहेड - घर वालों का आरोप, जिला अस्पताल में लगवा दिया जहर का इंजेक्शन
- पीएम होने के बाद भी तीन दिन से घर में रखा है शव, पुलिस ने की जांच
अमर उजाला ब्यूरो
रायबरेली। वाणिज्य कर विभाग के एक चपरासी की संदिग्ध हालात में मौत हो गई। परिवारीजन हत्या का आरोप लगाकर कार्रवाई की मांग पर अड़ गए हैं। तीन दिन से शव घर में रखे हुए हैं, लेकिन उसका अंतिम संस्कार नहीं किया गया है। आरोप है कि पत्नी ने ही इलाज के दौैरान जिला अस्पताल में चपरासी को गलत इंजेक्शन लगवा दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। इसकी सूचना मिलने पर मंगलवार को इंदिरा नगर चौकी इंचार्ज ने पहुंचकर जांच की। परिवारीजनों से शव का अंतिम संस्कार कराने की बात कही, लेकिन वे पत्नी के खिलाफ कार्रवाई की मांग पर अड़े हैं।
सदर कोतवाली क्षेत्र के नेहरू नगर निवासी अजीत सिंह (30) पुत्र चंद्रभान सिंह की 15 जून को अचानक हालत बिगड़ गई। उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौैत हो गई। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया। बावजूद तीन दिन से अजीत का शव घर पर ही रखा है, उसका अंतिम संस्कार नहीं किया गया है। इसकी सूचना मंगलवार सुबह मिली तो इंदिरा नगर चौकी इंचार्ज विजय प्रताप मौके पर पहुंचकर जांच की। चौकी इंचार्ज के मुताबिक मृतक की बहन अनीता सिंह का आरोप है कि भाभी ने उसके भाई की हत्या करा दी है। जिला अस्पताल में इलाज के दौैरान उसे जहर का इंजेक्शन लगवा दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। परिवारीजनों ने घर के पास आक्रोश जताते हुए हंगामा किया। चौकी इंचार्ज के मुताबिक मृतक अजीत सिंह जिले में वाणिज्य कर विभाग में चपरासी पद पर तैनात था। मृतक की पत्नी अनामिका सिंह डीह क्षेत्र की रहने वाली है। पत्नी का कहना है कि पति बीमार थे। बीमारी के चलते मौत हुई है। हत्या का झूठा आरोप लगाया जा रहा है। सदर कोतवाल सुधीरचंद्र पांडेय का कहना है कि मृतक अजीत के शव का पीएम कराया गया है। पीएम रिपोर्ट में मौत का कोई कारण स्पष्ट नहीं हो पाया है। बिसरा सुरक्षित है, जिसे जांच के लिए भेजा गया है। मृतक की बहन समेत अन्य परिवारीजन जो आरोप लगा रहे हैं, उसमें कोई सच्चाई नहीं है।
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पंकज हत्याकांड के मामले में जेल में है भाई
चौकी इंचार्ज का कहना है कि मृतक अजीत का भाई अजय प्रताप उर्फ बबलू इस समय जेल में है। एक साल पहले बीडीसी सदस्य पंकज हत्याकांड के मामले में उसे गिरफ्तार किया गया था। घटना पर नजर रखी जा रही है। परिवारीजनों को शांत कराकर शव का अंतिम संस्कार कराने की कोशिश की जा रही है।
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