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10 करोड़ से 134 आंगनबाड़ी केंद्रों को मिलेगी अपनी छत
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रायबरेली। जिले के 134 आंगनबाड़ी केंद्रों का अब अपना भवन होगा। शासन ने करीब 10 करोड़ की लागत से आंगनबाड़ी भवनों का निर्माण कराने के आदेश दिया है।
आगामी 31 मार्च तक काम भी पूरा करने के आदेश दिए गए हैं। इसमें ग्राम पंचायतें 97 और ग्रामीण अभियंत्रण सेवा विभाग (आरईडी) को 37 भवनों का निर्माण कराने का जिम्मा दिया गया है।
जिले में 2833 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं। इसमें करीब तीन सौ केंद्रों के पास ही अपना भवन है। शेष केंद्र कहीं स्कूल तो कहीं पंचायत भवनों में संचालित हो रहे हैं।
पिछले साल कुछ आंगनबाड़ी केंद्र बनवाए गए थे। इस साल शासन ने 134 नए भवन बनवाने के आदेश दिए हैं। शासन ने उड़वा, उमरी, जरौला, इब्राहिमपुर, कचेहटी, सेमरा, कनौली, छतौना, सवैया राजे, कंदरावां, कोटिया चित्रा, कुशमौरा, कनहा, बरस, जगतपुर बरदरा, मतरौली अटौराखुर्द सराय मुबारक आदि गांवों आंगनबाड़ी भवन बनवाने के आदेश दिए हैं।
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शासन के निर्देश पर कुछ भवनों के निर्माण का काम शुरू करा दिया गया है। आगामी 31 मार्च तक शत प्रतिशत काम पूरा कराने के आदेश दिए गए हैं।
इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरतने के आदेश दिए गए हैं। सभी ब्लॉकों के खंड विकास अधिकारियों को तत्काल काम शुरू कराकर समय से पूरा कराने के लिए आदेशित किया गया है।
निर्माण से आईडी खडे़ कर रहा हाथ
जिले में 37 आंगनबाड़ी भवनों के निर्माण का काम ग्रामीण अभियंत्रण सेवा विभाग को सौपा गया है। आरईडी ने अब तक एक भी काम शुरू नहीं कराया है।
आरईडी को शिवगढ़, लालगंज, सलोन, खीरों व छतोह ब्लॉकों मेें भवनों के निर्माण का काम दिया गया है। सूत्रों का कहना है कि काम अधिक होने का बहाना करके आरईडी आंगनबाड़ी भवनों का निर्माण कराने से आनाकानी कर रहा है।
एक भवन बनाने में कौन विभाग कितना खर्च करेगा
विभाग धनराशि (लाखों में)
मनरेगा 4.46
आईसीडीएस 2.00
पंचायतीराज विभगा 1.06
कुल 7.52
जिले को 134 आंगनबाड़ी भवन मिले हैं। प्रत्येक भवन 7.52 लाख रुपये में बनेगा। मनरेगा, बाल विकास पुष्टाहार विभाग और पंचायतीराज विभाग से धन खर्च करके भवनों के निर्माण का काम होगा।
पीके सिंह, उपायुक्त मनरेगा
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आगामी 31 मार्च तक काम भी पूरा करने के आदेश दिए गए हैं। इसमें ग्राम पंचायतें 97 और ग्रामीण अभियंत्रण सेवा विभाग (आरईडी) को 37 भवनों का निर्माण कराने का जिम्मा दिया गया है।
जिले में 2833 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं। इसमें करीब तीन सौ केंद्रों के पास ही अपना भवन है। शेष केंद्र कहीं स्कूल तो कहीं पंचायत भवनों में संचालित हो रहे हैं।
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पिछले साल कुछ आंगनबाड़ी केंद्र बनवाए गए थे। इस साल शासन ने 134 नए भवन बनवाने के आदेश दिए हैं। शासन ने उड़वा, उमरी, जरौला, इब्राहिमपुर, कचेहटी, सेमरा, कनौली, छतौना, सवैया राजे, कंदरावां, कोटिया चित्रा, कुशमौरा, कनहा, बरस, जगतपुर बरदरा, मतरौली अटौराखुर्द सराय मुबारक आदि गांवों आंगनबाड़ी भवन बनवाने के आदेश दिए हैं।
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शासन के निर्देश पर कुछ भवनों के निर्माण का काम शुरू करा दिया गया है। आगामी 31 मार्च तक शत प्रतिशत काम पूरा कराने के आदेश दिए गए हैं।
इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरतने के आदेश दिए गए हैं। सभी ब्लॉकों के खंड विकास अधिकारियों को तत्काल काम शुरू कराकर समय से पूरा कराने के लिए आदेशित किया गया है।
निर्माण से आईडी खडे़ कर रहा हाथ
जिले में 37 आंगनबाड़ी भवनों के निर्माण का काम ग्रामीण अभियंत्रण सेवा विभाग को सौपा गया है। आरईडी ने अब तक एक भी काम शुरू नहीं कराया है।
आरईडी को शिवगढ़, लालगंज, सलोन, खीरों व छतोह ब्लॉकों मेें भवनों के निर्माण का काम दिया गया है। सूत्रों का कहना है कि काम अधिक होने का बहाना करके आरईडी आंगनबाड़ी भवनों का निर्माण कराने से आनाकानी कर रहा है।
एक भवन बनाने में कौन विभाग कितना खर्च करेगा
विभाग धनराशि (लाखों में)
मनरेगा 4.46
आईसीडीएस 2.00
पंचायतीराज विभगा 1.06
कुल 7.52
जिले को 134 आंगनबाड़ी भवन मिले हैं। प्रत्येक भवन 7.52 लाख रुपये में बनेगा। मनरेगा, बाल विकास पुष्टाहार विभाग और पंचायतीराज विभाग से धन खर्च करके भवनों के निर्माण का काम होगा।
पीके सिंह, उपायुक्त मनरेगा